
दरअसल मामला अल्पसंख्यक कल्याण छात्रावास क्वारेंटिन सेन्टर से संबंधित है, जहां शाम में गोराडीह की कोरोना संदिग्ध एक महिला भाग कर बीएन कॉलेज के पास आकर झाड़ी के पास छिप कर लेट गयी. जबकि क्वॉरंटाइन सेन्टर के बाहर महिला और पुरुष दोनों सुरक्षाकर्मी मौजूद थे. क्योंकि पहले भी इस सेन्टर से लोग फरार हो चुके थे. महिला एक दिन पहले ही मुम्बई से आयी थी और सेन्टर में क्वारंटाइन की गयी थी. वह घर जाना चाहती थी, इसके चलते फरार हो गई.
मौके पर पहुंचे थानेदार
सूचना मिलने पर ललमटिया के थानेदार ओमप्रकाश यादव सदलबल मौके पर पहुंचे. महिला अपने को कोरोना का मरीज बताते हुए नजदीक आने से सबको मना कर रही थी. हालांकि महिला में खांसी,सर्दी या दूसरे अन्य कोरोना के लक्षण तत्काल दिखायी नहीं दे रहे थे. मौके पर पहुंचे ललमटिया थानेदार ने और बिना गलब्स और मास्क के ही मौजूद छह लोगों से अमानवीय तरीके से महिला को जबरन उठाकर क्वारंटाइन सेन्टर लेकर गये. इतना ही नहीं वाकये की तस्वीर ले रहे मीडियाकर्मियों से बदतमीजी से पेश आये.