भारत दौरे पर आए आस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री नाभिकीय आपूर्ति करार के साथ ही एक पुरानी भूल का सुधार भी कर गए। प्रधानमंत्री टोनी एबॉट ने तस्करी कर भारत से बाहर ले जाई गई दो प्राचीन शिव मूर्तियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वापस सौंपी।
आस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री के इस कदम को खासा अहम बताते हुए मोदी ने कहा कि इसके लिए मैं भारत के सभी लोगों की ओर से धन्यवाद देता हूं। आस्ट्रेलिया ने हमारी संपत्ति ही नहीं संस्कृति और सम्मान का भी ध्यान रखा है।
द्विपक्षीय मुलाकात की मेज पर मोदी ने अपने संवाद की शुरुआत ही 11वीं और 12वीं सदी की इन मूर्तियों के लौटाए जाने पर शुक्रिया अदा करने के साथ किया। मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री एबॉट के इस कदम ने भारतीयों का दिल छू लिया है। भारत की शिकायत के बाद ऑस्ट्रेलिया की केनबरा स्थित नेशनल आर्ट गैलरी और सिडनी की आर्ट गैलरी में रखी नटराज और अर्धनारीश्वर की मूर्तियों को लौटाया गया है। मेहमान प्रधानमंत्री ने यह संकल्प भी जताया कि ऑस्ट्रेलिया कभी भी गलत तरीके से हासिल उत्पादों का खरीदार नहीं बनेगा। उल्लेखनीय है कि तमिलनाडु से तस्करी कर ले जाई गई इन मूर्तियों को ऑस्ट्रेलिया सरकार को बेच दिया गया था।
इस मामले को लेकर भारत ने अपने उच्चायोग के जरिये आस्ट्रेलिया से शिकायत की थी। जिसके बाद आर्ट गैलरी से इन्हें हटा दिया गया। सूत्रों के मुताबिक चोरी गई छह मूर्तियों में से अभी केवल दो ही लौट पाई हैं। हालांकि अन्य मूर्तियों के लौटने का रास्ता जरूर साफ हो गया है।
