नवगछिया नगर पंचायत चुनाव मे तथ्य छुपाने के मामले में नवगछिया व्यवहार न्यायालय के अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी धीरेद्र मिश्र की अदालत ने डेढ़ वर्ष की सजा सुनाई है। सजा नवगछिया थाना क्षेत्र के नयाटोला निवासी मदन प्रसाद शर्मा, शंकर प्रसाद साह को सुनाया।
जानकारी के अनुसार वर्ष 2012 में नवगछिया के नगर पंचायत चुनाव में वार्ड नम्बर 23 से वार्ड पार्षद के चुनाव के लिए मदन प्रसाद शर्मा ने नामंकन भरा था। उसके समर्थक शंकर प्रसाद साह थे। शंकर प्रसाद साह पर होल्डींग टैक्स बकाया था। शंकर प्रसाद साह ने शपथ पत्र पर इस बात का उल्लेख नहीं किया था। इसी बात पर निर्वाची सह अनुमंडल पदाधिकारी सुशील कुमार ने मदन शर्मा की उम्मीदवारी अयोग्य घोषित किया गया। जिसके आधार पर इस पद पर इसी वार्ड से बिनोद मंडल निर्विरोध घोषित हुए। निर्वाची पदाधिकारी के बयान पर नवगछिया थाना मे प्राथमिकी दर्ज की गई।
अपर लोक अभियोजन पदाधिकारी राम चन्द्र ठाकुर के अनुसार इस मामले में न्यायालय ने सुनवाई करते हुए धारा 171 भदवि में दो सो रूपया जुर्माना, धारा 177 भदवि मे दो माह का सश्रम कारावास, धारा 181 भदवि मे एक वर्श की सश्रम कारावास की सजा सुनाया गया। एक हजार रुपया जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नहीं देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। नगरपालिका अधिनियम 2007 की धारा 447 के तहत छ .माह की सजा सुनाई गई। पांच सौ रुपया जुर्माना लगाया गया। जुर्माना नही देने पर एक माह की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी। भारतीय दंड विधान के तहत सभी सजाएं साथ-साथ चलेगी। न्यायालय ने दोनो आरोपी को हिरासत मे लेने का आदेश दिया।
