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महातूफान फैलिन के अब कमजोर पड़ने की उम्मीद


राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) ने बताया कि ओडिशा और आंध्र प्रदेश के उत्तरी तटीय भाग में आये भीषण चक्रवाती तूफान फैलिन के, उत्तर-उत्तर पश्चिम में बढ़ने के साथ ही कमजोर पड़ने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) के प्रमुख कृष्ण चौधरी ने बताया कि फैलिन चक्रवात की वजह से अब तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। इससे पहले 1999 के खतरनाक महा चक्रवात के बाद अब तक का दूसरा सबसे भीषण चक्रवाती तूफान फैलिन शनिवार रात ओडिशा के तट पर आ पहुंचा, जिसकी वजह से राज्य और निकटवर्ती उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश में मूसलाधार बारिश हुई और 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं।
ओडिशा के तटीय जिलों, खासतौर से गंजाम, जहां का गोपालपुर-आन-सी तूफान का प्रवेश बिंदु था, में चारों तरफ अंधकार था, तूफान के वेग के कारण पेड़ और बिजली के खंबे उखड़ गए। भारी वर्षा के कारण लोग घरों के भीतर रहे और सड़कों पर वाहन रुक गए।
मौसम विभाग ने पूर्वी और पश्चिमी मिदनापुर, उत्तर और दक्षिण 24 परगना, हावड़ा, हुगली, बांकुड़ा, वर्धमान और पुरूलिया जिलों में अगले 48 घंटों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। इस दौरान कोलकाता में हलकी से मध्यम वर्षा हो सकती है।
चक्रवात के सीधे प्रभाव में आने वाले इलाकों में सेना, वायु सेना, नौसेना, सीआरपीएफ और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल के जवानों को तैनात किया गया है। चक्रवात का केन्द्र गोपालपुर के 150 किलोमीटर दक्षिणपूर्व और परादीप के 260 किलोमीटर दक्षिण पूर्व में है। चक्रवात के कारण हावड़ा और विशाखापतनम के बीच चलने वाली सभी रेलगाड़ियां रद्द कर दी गई हैं। ओडिशा की तटीय रेखा के इलाकों और आंध्र प्रदेश के तीन तटीय जिलों में एहतियात के तौर पर बिजली आपूर्ति रोक दी गई है। फैलिन की वजह से विमान और रेल यातायात प्रभावित हुआ है और राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात रोक दिया गया है।