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शुक्रवार, 22 सितंबर 2017

‘साथी’ ने केले के फाइबर से बनाया ‘सैनेटरी पैड’, मुफ्त हो रहा वितरण

नव-बिहार न्यूज नेटवर्क (NNN): केला स्वास्थ्य के दृष्टिकोण से तो एक फायदेमंद फल है, इस बात से तो हम सब वाकिफ हैं, लेकिन क्या आप यह जानते हैं कि केले के पेड़ से

गुरुवार, 21 सितंबर 2017

बिहार: TET का रिजल्ट जारी, महज 17 प्रतिशत को मिली सफलता

नव-बिहार न्यूज नेटवर्क (NNN), पटना : बिहार स्कूल एग्जामिनेशन बोर्ड (BSEB) के बोर्ड अध्यक्ष आनंद किशोर ने आज गुरुवार को TET का रिजल्ट जारी किया. बोर्ड द्वारा जारी रिजल्ट में औसतन सिर्फ 17 प्रतिशत कैंडिडेट्स को सफलता मिली है.

बोर्ड अध्यक्ष ने रिजल्ट जारी करते हुए बताया कि कक्षा 1-5 तक के लिए ली गई TET परीक्षा में 7,038 (16.07 प्रतिशत) कैंडिडेट्स ने सफलता पायीहै जबकि कक्षा 6-8 तक के लिए हुई TET परीक्षा में 30,113 (17.84 प्रतिशत) कैंडिडेट्स को सफलता मिली है. बताया गया कि क्लास 1 से 5 तक के लिए 43 हजार परीक्षार्थियों जबकि 6-8 तक के लिए 1,68,700 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी. इनमें से कुल 11.351 कैंडिडेट्स को अयोग्य घोषित किया गया है.

मिली जानकारी के अनुसार आज जारी किये गए रिजल्ट में सामान्य श्रेणी (जनरल) के लिए कट ऑफ 60 प्रतिशत, BC-1 और BC-2 के लिए 55 प्रतिशत जबकि SC/ST/दिव्यंगों के लिए कट ऑफ 50 प्रतिशत रखा गया था.

बताया जा रहा है कि परीक्षा के पहले निकाले गये विज्ञापन और टर्म एंड कंडीशन के आधार पर ही बोर्ड की आेर से रिजल्ट तैयार किया गया है. इस संबंध में बिहार विद्यालय परीक्षा समिति के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि विभाग से मार्गदर्शन मिलने के बाद ही रिजल्ट जारी किये गए हैं. रिजल्ट की जानकारी वेबसाइट (https://www.bsebonline.net/) और एसएमएस के माध्यम से ले सकते हैं.

मालूम हो कि 23 जुलाई को सूबे के 348 केंद्रों पर टीईटी आयोजित की गई थी. इसमें शामिल होने के लिए 2,43,459 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया था. पेपर वन में 50,950 और पेपर टू में 1,92,509 अभ्यर्थी शामिल हुए. दोनों पेपर की परीक्षा में 12,702 परीक्षार्थी शामिल हुए थे. बता दें कि टीईटी की परीक्षा दो पालियों में हुई थी. पहली पाली में एक से पांचवीं कक्षा के लिए परीक्षा हुई थी. इसमें सीटें अधिक थी पर छात्रों की संख्या 50, 950 ही थी. इसमें डीएलएड सर्टिफिकेट वालों को मौका दिया गया था. वहीं छठी से आठवीं कक्षा में सिर्फ 21 हजार सीटें थीं इसमें आवेदन करने वाले छात्रों की संख्या 1 लाख 92 हजार 509 रहा. अब सभी नतीजों का इंतजार कर रहे हैं.

उप्र में स्वाइन फ्लू के 8 नए मामले दर्ज, पीड़ितों की संख्या हुई 2141

नव-बिहार न्यूज नेटवर्क (NNN), लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार को स्वाइन फ्लू (एच1एन1) के आठ नए मामले सामने आने के बाद राजधानी में स्वाइन फ्लू से पीड़ित मरीजों की संख्या 2,141 तक पहुंच गई है। सहायक मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सुनील रावत ने बताया कि मेडिकल कॉलेज और पीजीआई से मिली रिपोर्ट के मुताबिक बुधवार को 8 नए मरीजों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। इसके अतिरिक्त एक व्यक्ति में डेंगू की पुष्टि हुई है।

उन्होंने बताया कि आलमबाग, गोमतीनगर, त्रिवेणीनगर और चारबाग के पास रहने वाले लोगों में स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। सभी मरीजों को उनके घर जाकर टैमी फ्लू बांटी गई है। सभी का इलाज उनके घरों पर ही चल रहा है।

रावत ने बताया कि आलमबाग निवासी कमल कुमार भाटिया की डेंगू रिपोर्ट पॉजिटिव पाई गई है।

भागलपुर: जेएलएनएमसीएच को मिले 36 डॉक्टर, मरीजों को मिलेगी राहत

नव-बिहार न्यूज नेटवर्क (NNN), भागलपुर : स्थानीय जवाहर लाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से 36 डॉक्टर (सीनियर रेजीडेंट) मिल गये. इन डॉक्टरों में 26 डॉक्टरों की नियुक्ति हॉस्पिटल व 10 डॉक्टरों की नियुक्ति कॉलेज के विभिन्न विभागों में की जायेगी. इस नियुक्ति के बाद हॉस्पिटल में इलाज के लिए आने वाले मरीजों का इलाज बेहतर ढंग से होने की उम्मीद बढ़ गयी है. इन डॉक्टरों की नियुक्ति बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती, नियुक्ति एवं प्रोन्नति नियमावली नियमावली 2008 एवं (संशोधन) नियमावली 2013 के तहत की गयी है.

बिहार सरकार के सचिव सच्चिदानंद चौधरी ने इस बाबत नियुक्त डॉक्टरों की सूची जेएलएनएमसीएच प्रशासन को सौंप दी है. यहीं नहीं हॉस्पिटल एवं कॉलेज प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से इन चिकित्सकों की नियुक्ति भी कर दी है. इसके तहत मेडिसिन विभाग को सात, नेत्र विभाग में पांच, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग, एनॉटमी व पैथाेलॉजी विभाग में तीन-तीन, हड्डी रोग, सर्जरी, फिजियोलाॅजी, बॉयो केमेस्ट्री, फार्माकोलॉजी व नाक व गला रोग विभाग में दो-दो जबकि एनेस्थेसिया, शिशु रोग व एफएमटी विभाग को एक-एक सीनियर रेजीडेंट मिले हैं. 

नवगछिया: दिनदहाड़े सरे आम चली गोलियां, एक घायल, कई लोग बचे

नव-बिहार समाचार (नस), नवगछिया : भागलपुर के नवगछिया पुलिस जिलान्तर्गत नवगछिया थाना क्षेत्र के एनएच31 किनारे खादी भंडार के पास बुधवार को बेखौफ अपराधियों ने छह सात चक्र गोलियां चला दो  युवाओं पर जानलेवा हमला किया। जिसमें एक गोली से युवक लव कुमार घायल हो गया तथा उसका भाई रौशन कुमार बाल बाल बच गया। मौके पर बनारसीलाल सर्राफ कालेज जा रहे कई शिक्षक और कई छात्र भी बाल बाल बच गए।

वहां से जख्मी अवस्था में वह भागकर नवगछिया कोर्ट परिसर में जा पहुंचा। वहां से पुनः अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के कार्यालय जाकर घटना की जानकारी दी। जहां से उसे तत्काल भूमि सुधार उपसमाहर्ता एसके अलबेला के वाहन से इलाज के लिए नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया गया। जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए जेएलएनएमसीएच भागलपुर रेफर कर दिया गया।

घायल अवस्था मे प्राथमिक उपचार के दौरान लव कुमार ने बताया कि वह बिजली मिस्त्री मंगल साह का पुत्र है। इंटरनेट कैफे में मैटिक का रिजल्ट देखने के दौरान गांव के युवकों से ही हुए पुराने विवाद में घटना को अंजाम दिया गया है। जिसकी वजह से पिता और दो चाचा को जेल भिजवाया गया है तथा हम दोनों भाई को जान से मारना चाहता है। मौके पर घायल लव कुमार ने गोली चलाने वाले अपराधियों के नाम भी बोला तथा उनके द्वारा किये जा रहे कई अवैध कार्यों की भी जानकारी दी।

नवगछिया थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक संजय कुमार सुधांशु ने बताया कि एक आरोपित मंटू कुमार को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। घायल का फर्द बयान आने के बाद गोलीकांड की प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।

नवरात्रा: डोली  पर आएगी माँ दुर्गा ओर मुर्गा पर करेगी प्रस्थान !

नवगछिया @ राजेश कानोडिया : शारदीय नवरात्र 21 सितंबर से प्रारम्भ हो रही हैं। ओर 30 सितंबर को विजयादशमी हैं। परम शक्ति माँ दुर्गा की आराधना के लिए नवरात्रा सर्वोत्तम समय माना जाता हैं। इसमें भी शारदीय नवरात्रा का सर्वाधिक महत्व है।

देश के अधिकाधिक भागों में बहुलांश धर्मप्रेमी लोगों के द्वारा किया जाता हैं। विदेशों में भी रहने वाले भारतीय इस महाव्रत को करते हैं। कहा जाता है कि भगवान राम ने भी नवरात्रा कर देवी को प्रसन्न कर विजयादशमी के दिन रावण का संहार किया था। श्रद्धा विश्वास से उर्जा और शक्ति की देवी दुर्गा की उपासना से आज भी भक्त  शांति और आत्म बल प्राप्त करते हैं।

शारदीय नवरात्रा प्रारंभ होने के पूर्व लोगों के दिलों में यह जिज्ञासा बनीं रहती हैं कि माँ दुर्गा किस वाहन पर सवार होकर आएगी ओर किस वाहन से लौटेंगी। माँ दुर्गा के आगमन एवं प्रस्थान से ही आगामी वर्ष के अच्छे बुरे फल का अंदाज लगाया भी जाता हैं।

श्री शिवशक्ति योगपीठाधीश्वर परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने बताया कि इस वर्ष नवरात्रा कलश स्थापना अशि्वन शुक्ल पक्ष प्रतिपदा 21  सितंबर गुरुवार को होने के कारण शास्त्रों में माँ दुर्गा का आगमन ” डोली ” पर हैं। जिसका फल होता हैं महामारी एवं अन्य कारणों से अधिकाधिक मृत्यु होगी।  विजयादशमी शनिवार 30 सितंबर को हैं। माँ दुर्गा ”मुर्गा” पर सवार होकर लौटेगी। जिसका फल होता है राष्ट्र ओर जनमानस के बीच विकलता, अन्तर युद्ध, अशांति, क्षौभ , आदि।

आगमन एवं प्रस्थान  समाजिक एवं राष्ट्रीय स्तर पर दोनों का परिणाम हैं। अनेक प्रकार की समाजिक एवं राजनैतिक विसंगतियाँ भी फैलेगी। वहीं सप्तमी की रात्रि हस्त नक्षत्र का प्रवेश होगा । जिसके कारण सप्तमी एवं अष्टमी पूजा के दिन घनघोर वारिश होने की प्रबल संभावना है। इस बार दस दिनों में नवरात्रा सम्पन्न होगी।कुल मिलाकर असुर पर सुर, बुराई पर अच्छाई के विजय का प्रतीक नवरात्रा आत्मसाधना है।

आज से शुरू होगा माता के नौ रूपों का पूजन

नव-बिहार समाचार (नस), भागलपुर।


नव-बिहार समाचार (नस), भागलपुर। शारदीय नवरात्र में भी मां के 9 रूपों की पूजा होती है। इस साल माता के नौ रूपों की पूजा इस प्रकार से होगी...

21 सितंबर 2017 : मां शैलपुत्री की पूजा  

22 सितंबर 2017 : मां ब्रह्मचारिणी की पूजा  

23 सितंबर 2017 : मां चन्द्रघंटा की पूजा  

24 सितंबर 2017 : मां कूष्मांडा की पूजा  

25 सितंबर 2017 : मां स्कंदमाता की पूजा  

26 सितंबर 2017 : मां कात्यायनी की पूजा  

27 सितंबर 2017 : मां कालरात्रि की पूजा

28 सितंबर 2017 : मां महागौरी की पूजा  

29 सितंबर 2017 : मां सिद्धदात्री की पूजा

30 सितंबर 2017: दशमी तिथि, दशहरा

शारदीय नवरात्र प्रारंभ, शैलपुत्री की पूजा आज, ये है शुभ मुहूर्त और विधि-विधान

नव-बिहार समाचार (नस)/ राजेश कानोडिया, नवगछिया (भागलपुर)। शारदीय नवरात्र के आरंभ में प्रथम दिन मां शैलपुत्री की पूजा उपासना की जाती है। प्रथम दिन कलश या घट की स्थापना भी की जाती है। मां शैलपुत्री की शक्तियां अनन्त हैं। इस दिन उपासना में योगी अपने मन को मूलाधार चक्र में स्थित करते हैं। यहीं से उनकी योगसाधना का आरम्भ होता है। भगवती का वाहन वृषभ, दाहिने हाथ में त्रिशूल, और बायें हाथ में कमल सुशोभित है। शैलपुत्री के पूजन करने से 'मूलाधार चक्र' जाग्रत होता है। जिससे अनेक प्रकार की उपलब्धियां प्राप्त होती हैं। 

नवरात्र के आरंभ में प्रतिपदा तिथि को कलश या घट की स्थापना की जाती है। कलश को भगवान गणेश का रूप माना जाता है। हिन्दू धर्म में हर शुभ काम से पहले गणेश जी की पूजा का विधान है। इसलिए नवरात्र की शुभ पूजा से पहले कलश के रूप में गणेश को स्थापित किया जाता है। आइए जानते हैं कि नवरात्र में कलश स्थापना कैसे किया जाता है :

घट स्थापना मुहू्र्त
सुबह 6 बजे से 7:30 बजे तक
दोपहर 11:55 से 1:30 बजे तक
सायं 16:30 से 19:30 बजे तक

कलश स्थापना के लिए आवश्यक सामग्री :-
    शुद्ध साफ की हुई मिट्टी
    शुद्ध जल से भरा हुआ सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का कलश
    मोली (लाल सूत्र)
    साबुत सुपारी
    कलश में रखने के लिए सिक्के
    अशोक या आम के 5 पत्ते
    कलश को ढंकने के लिए मिट्टी का ढक्कन
    अक्षत (साबुत चावल) 
    एक पानी वाला नारियल
    लाल कपड़ा या चुनरी

कलश स्थापना की विधि :-
नवरात्र में देवी पूजा के लिए जो कलश स्थापित किया जाता है वह सोना, चांदी, तांबा, पीतल या मिट्टी का ही होना चाहिए। लोहे या स्टील के कलश का प्रयोग पूजा में इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। भविष्य पुराण के अनुसार कलश स्थापना के लिए सबसे पहले पूजा स्थल को शुद्ध कर लेना चाहिए। जमीन पर मिट्टी और जौ को मिलाकर गोल आकृति का स्वरूप देना चाहिए। उसके मध्य में गड्ढा बनाकर उस पर कलश रखें। कलश पर रोली से स्वास्तिक या ऊं बनाना चाहिए।

कलश के उपरी भाग में कलावा बांधे। इसके बाद कलश में करीब अस्सी प्रतिशत जल भर दें। उसमें थोड़ा सा चावल, पुष्प, एक सुपाड़ी और एक सिक्का डाल दें। इसके बाद आम का पञ्च पल्लव रखकर चावल से भरा कसोरा रख दें। जिस पर स्वास्तिक बना और चुनरी में लिपटा नारियल रखें। अंत में दीप जलाकर कलश की पूजा करनी चाहिए। कलश पर फूल और नैवेद्य चढ़ाना चाहिए।

ध्यान
वन्दे वांछितलाभाय चन्द्रर्धकृत शेखराम्।
वृशारूढ़ा शूलधरां शैलपुत्री यशस्वनीम्॥
पूणेन्दु निभां गौरी मूलाधार स्थितां प्रथम दुर्गा त्रिनेत्राम्॥
पटाम्बर परिधानां रत्नाकिरीटा नामालंकार भूषिता॥
प्रफुल्ल वंदना पल्लवाधरां कातंकपोलां तुग कुचाम्।
कमनीयां लावण्यां स्नेमुखी क्षीणमध्यां नितम्बनीम्॥ 

स्तोत्र पाठ
प्रथम दुर्गा त्वंहि भवसागर: तारणीम्।
धन ऐश्वर्य दायिनी शैलपुत्री प्रणमाभ्यम्॥
त्रिलोजननी त्वंहि परमानंद प्रदीयमान्।
सौभाग्यरोग्य दायनी शैलपुत्री प्रणमाभ्यहम्॥
चराचरेश्वरी त्वंहि महामोह: विनाशिन।
मुक्ति भुक्ति दायनीं शैलपुत्री प्रमनाम्यहम्॥ 

पौराणिक मान्‍यता

अपने पूर्व जन्म में माता शैलपुत्री, प्रजापति दक्ष की कन्या के रूप में उत्पन्न हुई थीं। तब इनका नाम सती था। इनका विवाह भगवान शंकर से हुआ था। पौराणिक कथाओं के अनुसार एक बार वह अपने पिता के घर आयोजित यज्ञ में गईं जहां भगवान शंकर के अपमान को सुनकर उन्‍हें अत्‍यधिक क्रोध आया और माता सती ने वहीं पर अपने शरीर को योगाग्नि में भस्म कर दिया। अगले जन्म में सती ने शैलराज हिमालय की पुत्री के रूप में जन्म लिया और शैलपुत्री नाम से विख्यात हुईं। इस जन्म में भी शैलपुत्री, शिवजी की ही अर्द्धांगिनी बनीं। 

बुधवार, 20 सितंबर 2017

दुर्गा पूजा और मुहर्रम मनायें शांति पूर्वक, तीसरी आंख से भी रहेगी नजर- अनुमंडल पदाधिकारी

नव-बिहार समाचार (नस), नवगछिया : इस वर्ष भागलपुर जिले के नवगछिया में दुर्गा पूजा व मुहर्रम के मौके पर निकाले जाने वाले प्रतिमा विसर्जन व ताजिया जुलूस में चार घंटे का अंतराल होगा। ताकि दोनों जुलूस में आमने-सामने का टकराव न हो। उक्त बातें अनुमंडल पदाधिकारी डॉ. आदित्य प्रकाश ने दुर्गा पूजा व मुहर्रम को शांति व सौहार्दपूर्ण वातावरण में मनाने के लिए मंगलवार को अनुमंडल कार्यालय के सभागार में आयोजित शांति समिति की बैठक में कही।

मौके पर अनुमंडल पदाधिकारी ने कहा कि चार स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे। तेतरी दुर्गा मंदिर परिसर में आठ स्थानों पर, खरीक थाने के मिरजाफरी गोल चौक पर चार स्थानों पर कैमरे लगेंगे। इसके अलावा बिहपुर के भ्रमरपुर दुर्गा मंदिर, नवगछिया बाजार स्थित दुर्गा मंदिर परिसर में कैमरे लगाए जाएंगे। साथ ही अनुमंडल कार्यालय में नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया जाएगा। एक मोबाइल टीम भी मौजूद रहेगी। विसर्जन घाटों पर दंडाधिकारी की तैनाती रहेगी। घाटों पर रोशनी की व्यवस्था पूजा समिति के लोग करेंगे। घाटों पर गोताखोरों की भी तैनाती होगी। घाटों पर अधिक पानी को चिन्हित करते हुए खतरे के निशान भी लगाए जाएंगे।
बैठक में ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुकुल कुमार रंजन ने बताया कि तेतरी दुर्गा मंदिर, नवगछिया बाजार स्थित दुर्गा मंदिर व भ्रमरपुर दुर्गा मंदिर में महिला पुलिस बल की तैनाती की जायेगी। वहीं भूमि सुधार उपसमाहर्ता एसके अलबेला ने कहा कि विसर्जन जुलूस के दौरान छोटी से छोटी बातों पर ध्यान देना जरूरी है। बैठक में बीस सूत्री के जिला उपाध्यक्ष विरेंद्र कुमार सिंह, ज्ञानसक सिंह, राजेंद्र यादव, मोही उद्दीन, मुकेश राणा समेत सभी थानों के थानाध्यक्ष व सभी प्रखंडों के बीडीओ मौजूद थे।

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