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गुरुवार, 27 जुलाई 2017

विधानसभा का विशेष सत्र कल से, पहले ही दिन बहुमत होगा सिद्ध

पटना : बिहार विधानसभा का विशेष सत्र 28 जुलाई से आहूत किया गया है। विशेष सत्र के पहले दिन नीतीश कुमार विधानसभा में बहुमत सिद्ध करेंगे। गुरुवार को नीतीश मंत्रिमंडल ने शपथ ग्रहण के तत्काल बाद आहूत कैबिनेट की बैठक में यह फैसला लिया। 

बैठक के बाद कैबिनेट के प्रधान सचिव ब्रजेश मेहरोत्रा ने बताया के आज की बैठक में दो फैसले लिए गए। मंत्रिमंडल ने पूर्व की कैबिनेट द्वारा स्वीकृत षोडश विधानसभा के षष्टम सत्र तथा विधान परिषद के 186वें सत्र आहूत करने की अधिसूचना को निरस्त करने का फैसला किया।

जबकि दूसरे प्रस्ताव के तहत षोडष विधनसभा के औपबंधिक कार्यक्रम को अपनी मंजूरी दी। औपबंधिक कार्यक्रम के तहत विधान मंडल का सत्र 28 जुलाई से होगा और पहले ही दिन नीतीश कुमार विधान सभा में अपना बहुमत साबित करेंगे। 

बिहार में फिर NDA सरकार: नीतीश छठी बार बने सीएम, सुशील मोदी ने भी ली शपथ

पटना:  4 साल बाद एक बार फिर एनडीए की सरकार बिहार में बन गई है. नीतीश कुमार ने राजभवन में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. उन्हें बिहार का अतिरिक्त प्रभार संभल रहे गवर्नर केशरी नाथ त्रिपाठी ने पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई.  शपथ लेने के साथ ही नीतीश कुमार 6ठी बार बिहार के मुख्यमंत्री बन गए हैं. उनके साथ भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने भी पद और गोपनीयता की शपथ ली है. उन्हें बिहार के उप मुख्यमंत्री बनाया जाएगा.  इस मौके पर भाजपा सरकार में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा समेत भजपा और जदयू के कई गणमान्य नेता मौजूद रहे. 

बता दें कि 4 साल पहले बनी राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद और नीतीश कुमार की जोड़ी 20 महीने तक सरकार चलाने के बाद बिखर गई. बता दें कि तेजस्वी यादव द्वारा सफाई नहीं दिए जाने से नाराज नीतीश कुमार महागठबंधन सरकार को चलाने में सहज महसूस नहीं कर रहे थे. उन्हें ऐसे माहौल में काम करना सही नहीं लग रहा था.  भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे लालू परिवार के जिद  से परेशान नीतीश कुमार ने बुधवार शाम को बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. 

अब वह गुरुवार सुबह दस बजे एनडीए के समर्थन से बिहार में नई सरकार बना चुके हैं. राजग भी उनकी सरकार में शामिल हुई है. देर रात नीतीश कुमार, सुशील मोदी और जीतनराम मांझी ने राज्यपाल से मिल सरकार बनाने का दावा पेश किया था. गुरुवार को होने वाले शपथग्रहण में नीतीश कुमार और सुशील मोदी ही शपथ लिए. अब शुक्रवार 28 जुलाई को नीतीश कुमार विधानसभा में विश्वास प्रस्ताव पेश करेंगे. 

राजद नेताओं का राबड़ी आवास पर जमावड़ा, थोड़ी देर में करेंगे राजभवन मार्च

पटना : बिहार में मची सियासी भूचाल के बीच अब बड़ी खबर यह है कि राजद के सभी नेताओं का राजभवन मार्च शुरू होने वाला है. नीतीश कुमार पर साजिश करने का आरोप लगाने वाले बिहार के पूर्व डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के नेतृत्व में राजभवन की ओर मार्च करने वाले हैं. 

इसके लिए आज गुरुवार सुबह से बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास पर राजद के विधायकों, विधान पार्षदों और कई बड़े नेताओं का जुटना शुरू हो गया है. आलोक मेहता, शक्ति यादव समेत कई अन्य नेता वहां पहुँच चुके हैं. साथ ही राजद के कई अन्य कार्यकर्त्ता और समर्थक का जमावड़ा भी लगने लगा है. थोड़ी देर में सभी वर्तमान सियासी हालातों के खिलाफ राजभवन की ओर मार्च करने वाले हैं. इसको देखते हुए राजभवन की सुरक्षा बढ़ा दी गई है. 

बता दें कि राजद विधायकों की सबसे बड़ी पार्टी होने के नाते पहले सरकार बनाने का दावा पेश करना चाह रही थी. लेकिन इससे पहले ही सीएम नीतीश ने भाजपा के साथ मिल कर सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया. जिससे नाराज राजद के विधायकों ने नीतीश कुमार पर जम कर भड़ास निकाला. तेजस्वी यादव ने का कहा कि बड़ी पार्टी होने के नाते पहले हमें सरकार बनाने का मौका मिलना चाहिए. उन्होंने यह दावा किया कि जदयू के 20 से 25 विधायक उनके समर्थन में हैं. अगर उन्हें सरकार बनाने के मौका दिया गया तो वे जरूर बनाएँगे. मौका नहीं दिए जाने पर तेजस्वी यादव ने कोर्ट में जाने की भी बात भी कही है.

इधर, नीतीश कुमार के एक बार फिर भाजपा से हाथ मिलाने पर पार्टी में बगावत के शुर देखने को मिला है. जदयू नेता अली अनवर नीतीश कुमार के इस फैसले से नाखुश हैं.  वहीं राजद के हाथ से सत्ता निकल जाने पर पूरे बिहार में राजद के कार्यकर्त्ता विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. कई जगह सड़कों को जम भी कर दिया गया है.

राजद समर्थकों ने लगाया गांधी ​सेतु पर जाम, लगा रहे नीतीश विरोधी नारे

हाजीपुर (केके पाठक) : बिहार में सत्ता बदलते ही विरोध की राजनीति शुरू हो गयी है. राजद के लोग सुबह से सड़क पर उतर आये हैं. उत्तर बिहार की लाइफ लाइन पटना-हाजीपुर गांधी सेतु को राजद के कार्यकर्ताओं ने भयंकर जाम कर दिया है. समर्थक नीतीश विरोधी नारे लगा रहे हैं. इससे लोगों की परेशानी बढ़ गयी है.

गुरुवार की सुबह चार बजे ही राजद समर्थक ने गांधी सेतु को जाम कर दिया है. सूत्रों के अनुसार गांधी सेतु के पाया नंबर एक के पास राजद समर्थकों ने जाम लगाया है. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भाजपा के साथ मिल कर सरकार बनाने के खिलाफ वे लोग सुबह में ही सेतु पर पहुंच गये. राजद समर्थक नीतीश कुमार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं.

राजद समर्थकों के इस भयंकर जाम से पटना से उत्तर बिहार का संपर्क टूट गया है. जैसे-जैसे दिन चढ़ रहा है, वैसे-वैसे गांधी सेतु पर राजद समर्थकों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा है. बिहार की लाइफ लाइन पर मचे इस त्राहिमाम से लोगों की परेशानी बढ़ गयी है. दोनों तरफ गाड़ियों की लंबी लाइन लग गयी है. लोग जाम में जहां-तहां कराह रहे हैं.

उधर जाम से बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया है. बता दें कि बुधवार का दिन बिहार का राजनीतिक काफी उठापटक वाला रहा. बीती शाम बिहार की सियासत में तेजी से घटनाक्रम बदला. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अचानक महागठबंधन को तोड़ते हुए इस्तीफा दे दिया. इसके कुछ ही देर के बाद भाजपा ने नीतीश कुमार को एनडीए का नेता मान लिया और सरकार में शामिल होने की बात कही. इसके बाद से राजद का विरोध बढ़ गया है.

10 बजे से पहले राज्यपाल लेंगे कानूनी सलाह, तेजस्वी जा सकते हैं कोर्ट

पटना : बुधवार की शाम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के इस्तीफे से बिहार में शुरू हुआ सियासी ड्रामा  रात के अंतिम पहर तक जारी है. राजभवन से निकल कर आने के बाद तेजस्वी यादव ने भी साफ कर दिया है कि वो सरकार ऐसे ही नहीं जाने देंगे. तेजस्वी ने जरूरत पड़ी तो कोर्ट तक जाने की बात कही है. उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम को नीतीश कुमार की साज़िश बताते हुए इस भाजपा के साथ मिलकर रचने का आरोप लगाया है.  

मिल रही जानकारी के अनुसार आज सुबह 10 बजे नीतीश कुमार राजेंद्र मंडप में शपथ लेंगे. राजभवन से इसकी आधिकारिक सूचना जारी कर दी गई है. उधर मीडिया रिपोर्ट्स के हवाले से यह भी खबर मिल रही है कि तेजस्वी की दावेदारी को देखते हुए राज्यपाल 10 बजे से पहले कानूनी सलाह भी ले सकते हैं.

उधर राजभवन से निकल कर बाहर आने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल से शपथ ग्रहण को टालकर राजद, जो सबसे बड़ी पार्टी है, उसे सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करने की अपील की है. तेजस्वी के अनुसार उन्होंने इसके लिए बोम्मई मामले का हवाला भी दिया है. तेजस्वी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि जदयू के 20 से 25 विधायक उनका समर्थन करेंगे. इस वजह से उन्हें सरकार बनाने और सदन में बहुमत साबित करने का मौका मिलना चाहिए. 

नीतीश पर आरोपों की बौछार

तेजस्वी यादव ने इस दौरान निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरोपों की बौछार भी की. उन्होंने कहा कि इस साजिश की शुरुआत शरद यादव को पार्टी के अध्यक्ष पद से हटाने के साथ ही शुरू हो गई थी. हमारे आवास पर रेड और सीबीआई के मामलों को उन्हीं के कहने पर फिर से खोला गया. उन्होंने कहा कि नीतीश हमारे खिलाफ ये साजिश भाजपा-संघ के इशारे पर कर रहे थे. उन्होंने बिहार की जनता द्वारा दिए गए मैंडेट का अपमान किया है. अब वो भाजपा के साथ कैसे जा सकते हैं.

तेजस्वी ने कहा कि यह सब इतनी जल्दबाजी में क्यों किया गया. नीतीश पहले से ही उनके साथ जाना चाहते थे. ये लोकतंत्र की हत्या है. राज्यपाल के पास आज संविधान की रक्षा करने का अवसर है. बिहार में जितने भी भाजपा-संघ विरोधी संगठन हैं, वो सब आज (गुरुवार को) प्रदर्शन करेंगे. 

इससे पहले गुरुवार सुबह 10 बजे नीतीश कुमार के शपथ ग्रहण की खबरें आने के बाद ही तेजस्वी यादव भी अपने विधायकों के साथ पैदल मार्च करते हुए राजभवन की ओर निकल पड़े थे. राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी से मिलने का वक्त मांगने के बाद तेजस्वी भी रात 2 बजे राजभवन पहुंचे. उनके साथ पार्टी के कई विधायक भी थे. बाद में राज्यपाल ने तेजस्वी के साथ 5 विधायकों को बात करने के लिए अंदर बुलाया जिसमें रघुवंश सिंह, अब्दुल बारी सिद्दीकी, जगतानंद सिंह और रामचंद्र पूर्व थे.

गौरतलब है कि जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एनडीए नेताओं के साथ राज्यपाल त्रिपाठी से मुलाकात कर रहे थे, उसी वक़्त तेजस्वी यादव ने गवर्नर के फैसले पर सवाल उठाए. एक ट्वीट के जरिये उन्होंने शपथ ग्रहण का समय बदले जाने को लेकर आपत्ति जाहिर की. तेजस्वी ने लिखा, राज्यपाल महोदय रातों रात फैसला क्यों बदल रहे है? निर्धारित शाम 5 बजे की जगह सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण. हम राजभवन जा रहे हैं.

रातोंरात बिहार की राजनीति में भूचाल, सुबह 10 बजे नीतीश लेंगे मुख्यमंत्री पद की शपथ

पटना
बिहार की राजनीति में एक ही रात में कई नए मोड़ देखने को मिले। पहले नीतीश कुमार ने तेजस्वी यादव के करप्शन के मुद्दे पर इस्तीफा देते हुए गठबंधन तोड़ा तो बीजेपी ने उन्हें अपना समर्थन देने का ऐलान कर दिया। नीतीश का शपथग्रहण गुरुवार को शाम 5 बजे होना था।

तेजस्वी की अगुवाई में आरजेडी-कांग्रेस ने भी सरकार बनाने की दावेदारी पेश करने का ऐलान कर दिया था। आधी रात को नीतीश कुमार गवर्नर से मिलने राजभवन पहुंचे। बता दें कि गवर्नर की तबीयत खराब थी और वह कुछ देर पहले ही राजभवन पहुंचे थे।

नीतीश कुमार ने 132 विधायकों की सूची के साथ सरकार बनाने की दावेदारी पेश की। राजभवन से बाहर आने के बाद सुशील मोदी ने मीडिया को जानकारी दी कि राज्यपाल केसरीनाथ त्रिपाठी ने गुरुवार को सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण समारोह का न्योता दिया है। इस खबर के मिलने के बाद तेजस्वी ने ट्वीट किया,'राज्यपाल ने हमें सुबह 11 बजे का समय दिया और अब अचानक उन्होंने NDA को सुबह 10 बजे शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित कर दिया। इतनी जल्दबाजी क्या थी श्रीमान ईमानदार और नैतिक? '

इसके बाद तेजस्वी यादव ने एक के बाद एक कई ट्वीट किए और उसी समय राजभवन पहुंचने की बात की। उन्होने कहा कि सबसे बड़ी पार्टी होने के बाद भी अगर उन्हें दावेदारी का मौका नहीं दिया जाता तो वे धरना करेंगे। उन्होंने नीतीश पर तंज कसते हुए कहा कि अपने विधायकों की अंतरआत्मा की आवाज भी सुन लीजिए।

देर रात राज्यपाल से मिले तेजस्वी, आज पूरे बिहार में 'विश्वासघात दिवस' मनाएगी RJD

पटना। आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार के राज्यपाल के पास संविधान बचाने का ऐतिहासिक मौका है. सरकार बनाने का न्योता नीतीश को देने और शपथ ग्रहण का समय सुबह दस बजे ही कर देने के विरोध में आरजेडी और कांग्रेस के विधायकों ने राजभवन तक मार्च किया. यह मार्च आरजेडी नेता तेजस्वी और तेजप्रताप के नेतृत्व में हुआ. तेजस्वी के साथ पांच आरजेडी नेता राज्यपाल से मिले. पूरे बिहार में आरजेडी आज विरोध प्रदर्शन करेगी.

राज्यपाल से मुलाकात के बाद तेजस्वी यादव ने पत्रकारों को बताया कि राज्यपाल ने अब यह तय कर लिया है कि सुबह जेडीयू सरकार को शपथ ग्रहण कराना है. राज्यपाल के पास संविधान को बचाने का एक ऐतिहासिक मौका है. आरजेडी सबसे बड़ी दल है, इसलिए उसे सरकार बनाने का न्योता पहले देना चाहिए था. संविधान के मुताबिक जो परंपरा रही है, गवर्नर सबसे बड़े दल को न्योता देते हैं. गवर्नर को पहले आरजेडी को बुलाना चाहिए जो कि नहीं हुआ. हमारे पास बड़ी संख्या है. जेडीयू के अधि‍कांश विधायक भी हमारे साथ हैं. हमें फ्लोर पर बहुमत साबित करने का मौका देना चाहिए था.

उन्होंने कहा कि ये पूरा घटनाक्रम सुनियोजित ढंग से हुआ है. एनडीए के लोगों ने तानाशाह की तरह लोकतंत्र की हत्या करने का प्रयास किया है, बिहार की जनता के ऐतिहासिक जनादेश को अपमानित करने का प्रयास किया है. मुख्यमंत्री के ख‍िलाफ आर्म्स एक्ट, मर्डर तक के गंभीर मामले हैं. कोर्ट में केस चल रहा है. वे इतने दाग होते हुए अब किस मुंह से फिर शपथ लेंगे.

उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार आख‍िर किस मुंह से बीजेपी के साथ सरकार बनाने जा रहे हैं. वे 28 साल के एक लड़के से डर गए हैं. उनमें हिम्मत है तो फिर से जनादेश का सामना करें.

 राज्यपाल से मुलाकात के बाद आरजेडी के विधायक अख्तरुल इस्लाम ने बताया कि आरजेडी ने राज्यपाल से बोम्मई केस के मुताबिक कार्य करने को कहा. विधायक ने 28 जुलाई को सदन में जेडीयू सरकार के विश्वास मत पास करने की बात कही है.

पूरे बिहार में करेंगे प्रदर्शन

आरजेडी इस मसले पर व्यापक जन आंदोलन खड़ा करने की तैयारी कर रही है. आज बिहार के सभी जिलों मे जेडीयू विश्वासघात दिवस मनाते हुए प्रदर्शन करेगी और इस दौरान नीतीश कुमार का पुतला फूंका जाएगा.

इसके पहले तेजस्वी समर्थन में तमाम कार्यकर्ता और नेता भी रात दो बजे पटना की सड़कों पर उतर आए और वे विधायकों के साथ मार्च किया. आरजेडी नेताओं का कहना है कि सबसे बड़ा विधायक दल उनके पास होने के बावजूद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता नहीं दिया और बीजेपी-जेडीयू को बुला लिया.

आरजेडी नेता इस बात से भी काफी नाराज हैं कि राज्यपाल ने पहले उन्हें सुबह 11 बजे मिलने का समय दिया था, लेकिन नीतीश को सुबह 10 बजे ही शपथ ग्रहण के लिए आमंत्रित कर लिया है. यह उनके साथ एक तरह का धोखा है. आरजेडी नेता रघुवंश प्रसाद ने इसे लोकतंत्र की हत्या और बिहार की राजनीति का काला अध्याय बताया.उन्होंने कहा कि जेडीयू- बीजेपी ने साजिश के तहत 10 बजे ही शपथ ग्रहण कराने का इंतजाम किया है ताकि हम लोग कोर्ट की शरण में न जा सकें.

आरजेडी इसे एक बड़ा मसला बनाना चाहती है और इस पर व्यापक जनसमर्थन जुटाने की तैयारी की जा रही है.

देर रात NDA नेताओं के साथ नीतीश पहुंचे राजभवन, सौंपा समर्थन पत्र

पटना : बिहार में एक बार फिर से एनडीए की सरकार बनना तय हो गया है. निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बुधवार की देर रात राजभवन पहुंचे हैं और उन्होंने राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी को NDA विधायक दल का समर्थन पत्र सौंपा है. राज्यपाल से मुलाक़ात करने गए नीतीश कुमार के साथ भाजपा, हम, लोजपा और रालोसपा के भी प्रमुख नेता मौजूद थे.


मिल रही जानकारी के अनुसार नीतीश कुमार के साथ भाजपा के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे. उनमें सुशील मोदी, प्रेम कुमार, मंगल पांडेय और नंदकिशोर यादव शामिल थे. बताया जा रहा है कि अगले मंत्रिमंडल में भाजपा कोटे के 14 मंत्री शपथ ले सकते हैं. हालांकि पार्टी की तरफ से इन नामों का खुलासा नहीं किया गया है.

इससे पहले कल शाम नीतीश कुमार द्वारा राज्यपाल को इस्तीफा सौंप दिए जाने के बाद भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने राजभवन जाकर सभी विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंप दिया. इसके बाद देर शाम मुख्यमंत्री के आवास पर भाजपा और जदयू विधायकों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई जिसमें नीतीश कुमार को विधानमंडल दल का नेता चुन लिया गया. बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार गुरुवार की शाम 5 बजे शपथ लेंगे.


बता दें कि कल शाम ही राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी की तबियत भी बिगड़ गयी थी. उन्हें नाक में कुछ इंफेक्शन की शिकायत हुई थी. जिसकी वजह से उनकी तबीयत खराब हो गई. उन्हें आईजीआईएमएस के प्राइवेट वार्ड में भर्ती कराया गया. हालांकि 2-3 घंटे बाद ही उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई.

सूत्रों के मुताबिक सुशील मोदी डिप्टी सीएम की रेस में सबसे आगे चल रहे हैं. जदयू से हुए अलगाव के पहले वाली सरकार में सुशील कु्मार मोदी बिहार के डिप्टी सीएम थे. उन्हें बिहार सरकार में वित्त विभाग समेत कई बड़ी जिम्मेवारी मिली थी. बतौर सहयोगी उनके नीतीश कुमार से बेहतर संबंध भी थे. वो बिहार में भाजपा का बड़ा चेहरा माने जाते हैं. हाल में लालू परिवार पर किये जाने वाले सियासी हमले और खुलासे को लेकर वो काफी एक्टिव रहे हैं.

रांची: भारी बारिश को ले आज जिले की सभी स्कूल बंद

रांची : जिला प्रशासन ने आज 27 जुलाई को सभी स्कूल बंद रखने के आदेश दिये हैं. भारी बारिश के मद्देनजर यह फैसला लिया गया है. उपायुक्त के आदेश के मुताबिक जिले में लगातार अत्यधिक बारिश के मद्देनजर, अभिभावकों से प्राप्त अनुरोध पर जिले के सभी स्कूलों को कल बंद रखने का आदेश दिया गया है. गौरतलब है कि कल भी भारी बारिश की वजह से स्कूल बंद थे. इस बावत स्कूल प्रबंधन को सूचना दे दी गयी है. 

भारी बारिश के मद्देनजर रांची के स्कूल बंद रहेंगे. इन स्कूलों में डीपीएस, सेक्रेट हर्ट ,सुरेंद्रनाथ सेंटेनरी स्कूल, सरस्वती शिशु विद्या मंदिर धुर्वा, डीएवी ग्रुप, संत जेवियर्स स्कूल, डोरंडा, मनन विद्या,केराली स्कूल , संत थॉमस , टेंडर हर्ट ,लोयला कान्वेंट, बुटी व हिनू,जेके इंटरनेशनल , स्टार इंटरनेशनल, नगड़ी व कोकर,संत अंथोनी ,डीएवी आलोक, पुंदाग , सच्चिदानंद ज्ञान भारती , ग्रीनलैंड पब्लिक स्कूल, हटिया, डीएवी नागेश्वर पब्लिक स्कूल, हटिया,बिशप वेस्टकॉट,लाला लाजपत राय स्कूल,सरला-बिरला ,गुरुनानक स्कूल,गुरु गोविंद सिंह पब्लिक स्कूल, कमरे, ब्रिजफोर्ड पब्लिक स्कूल, तुपुदाना, डीएवी हेहल,लेडी केसी रॉय स्कूल , ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल जी एंड एच स्कूल, संत फ्रांसिस स्कूल, हरमू,संत चार्ल्स, हेसाग  शामिल है. 

 

संत फ्रांसिस स्कूल, हरमू,संत चार्ल्स, हेसाग ,चिरंजीवी पब्लिक स्कूल,शारदा ग्लोबल स्कूल,आदर्श विद्या मंदिर, कोकर,विद्या विकास पब्लिक स्कूल,निर्मला कान्वेंट स्कूल ,यूरो किड्स, कांके रोड व मोरहाबादी ,इस्ट प्वाइंट स्कूल, लालपुर,यूके पब्लिक स्कूल, बुटी,बर्लिंन पब्लिक स्कूल,साइ इंटरनेशनल स्कूल, बरियातू ,ए वन पब्लिक स्कूल, नेवरी विकास ,डीएवी शिक्षादीप कमरे,एवी डेविस स्कूल, गांधीनगर ,फस्ट मार्क पब्लिक स्कूल, बरियातू ,संत स्टीफेंस स्कूल, हिनू ,इंटरनेशनल पब्लिक स्कूल, कांके ,जस्ट किडस, पंडरा हेहल ,विवेकानंद विद्या मंदिर, धुर्वा,फ्लोरेंस नाइटेंगल, बिरसा चौक ,संत माइकल्स स्कूल ,मेटास सेवेंथ डे बरियातू,बचपन प्ले स्कूल, कांके ,श्रद्धानंद बाल मंदिर, कमरे,दून पब्लिक स्कूल, मोरहाबादी,स्टेप बाई स्टेप स्कूल, बरियातू ,शेरवुड एकेडमी ,संत माइकल्स किड्स स्कूल ,प्रभात तारा अंग्रेजी माध्यम ,जीबी मेमोरियल पब्लिक स्कूल, कांके बंद रखा गया है.

बुधवार, 26 जुलाई 2017

नीतीश के शपथ ग्रहण में शामिल होंगे PM मोदी

पटना। बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने चल रहे सियासी सरगर्मी के बीच इस्‍तीफा दे दिया है। इसके बाद अब वे भाजपा के साथ राजग की नई सरकार बनाएंगे। गुरुवार की शाम उनकी नई सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी शामिल हाेंगे।

इस्‍तीफा के बाद नीतीश कुमार को भाजपा ने अपना समर्थन दे दिया है। नीतीश कुमार के आवास पर भाजपा व जदयू विधानमंडल दल की बैठक में नीतीश को नेता चुना जा चुका है। भाजपा नेता सुशील मोदी ने बताया है कि नई सरकार में भाजपा भी शामिल रहेगी। बताया जा रहा है कि नीतीश गुरुवार शाम पांच बजे एनडीए सरकार में फिर मुख्‍यमंत्री पद की शपथ लेंगे। इसमें प्रधानमंत्री शामिल रहेंगे।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार ने बुधवार को पार्टी विधानमंडल की बैठक बुलाई थी। इस बैठक में मंत्रिमंडल भंग करने व नीतीश कुमार के इस्‍तीफे का फैसला लिया गया। सरकार को लेकर अंतिम निर्णय पर आने के बाद मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्‍यपाल से मिलने का वक्‍त मांगा। इसके बाद उन्‍होंने राज्‍यपाल से मिलकर अपना इस्‍तीफा सौंप दिया।

नीतीश ने कहा

इस्‍तीफा देने के बाद नीतीश कुमार ने कहा कि उनसे जितना संभव हुआ, गठबंधन धर्म का पालन करते हुए जनता से किए वायदों को पूरा करने की कोशिश की। कहा कि उन्‍होंने डिप्‍टी सीएम तेजस्‍वी यादव से कभी इस्‍तीफा नहीं मांगा। हां, इस मुद्दे पर तेजस्‍वी से बात हुई। लालू प्रसाद यादव से भी बातचीत होती रही। नीतीश ने कहा कि उन्‍होंने तेजस्‍वी से आरोपों की बाबत स्‍पष्‍टीकरण देने को कहा। आम जन के बीच जो अवधारणा बन रही थी, उसके लिए यह जरूरी था। लेकिन ऐसा नहीं हुआ।

राजद खेमेे की ओर इशारा करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि वहां अपेक्षा थी कि हम संकट में हैं तो हमारी रक्षा कीजिए। लेकिन, यह अपने आप बुलाया गया संकट है।

नीतीश ने कहा कि परिस्थितियां ऐसी बनीं, जिसमें काम करना संभव नहीं रहा था। जबतक (सरकार) चला सकते थे चला दिया। उन्‍होंने कहा कि इस्‍तीफे का फैसला उनकी अंतरात्‍मा की आवाज थी। चर्चा हो रही थी कि नीतीश इस्‍तीफा नहीं देंगे, तेजस्‍वी को बर्खास्‍त करेंगे। लेकिन, यह मेरे काम करने का तरीका नहीं है। मैंने खुद ही नमस्‍कार कर दिया।

यह है मामला 

विदित हो कि सीबीआइ की एफआइआर में नामजद डिप्‍टी सीएम तेजस्‍वी यादव के इस्‍तीफे को लेकर भाजपा ने विधानमंडल के मॉनसून सत्र को बाधित करने का अल्‍टीमेटम दिया था। जदयू ने भी कई बार मुख्‍यमंत्री नीतीश कुमार के भ्रष्‍टाचार के प्रति 'जीरो टॉलरेंस' की बात कही। उधर, राजद ने साफ कर दिया था कि तेजस्‍वी किसी भी स्थिति में इस्‍तीफा नहीं  देने जा रहे हैं। ऐसे में उनके पास खुद इस्‍तीफा देने या तेजस्‍वी को बर्खास्‍त करने का विकल्‍प था।

नवगछिया: डायन बता हत्या करने के दो आरोपी गिरफ्तार

नव-बिहार समाचार, भागलपुर। बिहार के पुलिस जिला नवगछिया के अंतर्गत पड़ने वाले नदी थाना में दर्ज कांड संख्या 15/17 के आरोपित नंदन कुमार उर्फ अभिनंदन कुमार (28वर्ष) तथा मुख्य आरोपी चंदन मेहता (30वर्ष) को नदी थाना की पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।

नीतीश कुमार बने एनडीए के नेता, गुरुवार को लेंगे शपथ

पटना : बिहार में बुधवार की शाम महज कुछ घंटे के भीतर भारी राज​नीतिक गहमा गहमी के बीच सूबे की सियासी समीकरण पूरी तरह से उलट गयी. बुधवार शाम 6 बजे तक महागठबंधन के नेता के रूप में मुख्यमंत्री पद पर बैठे नीतीश कुमार ने 6:30 बजे अपने पद से इस्तीफा दे दिया और रात 9 बजे तक उन्हें भाजपा की ओर से एनडीए का नेता घोषित कर दिया गया. जिसके नीतीश कुमार के आवास पर बुलायी गयी जदयू और भाजपा विधायकों की संयुक्त बैठक में नीतीश को एनडीए विधायक दल का नेता चुना गया. चर्चा है कि देर रात नीतीश कुमार राज्यपाल से मुलाकात कर सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक नीतीश कुमार गुरुवार को एनडीए के नेता के तौर पर बिहार सीएम के तौर फिर से शपथ लेंगे.

इन सबके बीच राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी की तबीयत आज शाम अचानक से बिगड़ गयी. जिसके बाद उन्हें पटना स्थित आइजीआइएमएस अस्पताल के प्राइवेट वार्ड में भरती कराया गया. जानकारी के मुताबिक राज्यपाल के नाक में संक्रमण के कारण उन्हें अस्पताल में भरती कराया गया. उम्मीद जतायी जा रही है कि देर रात वे अस्पताल से राजभवन वापस आयेंगे.

इससे पहले भाजपा ने नीतीश कुमार को समर्थन करने का एलान करते हुए कहा कि पार्टी नयी सरकार में शामिल भी होगी. भाजपा नेता सुशील मोदी ने कहा कि नीतीश कुमार ने भाजपा के ऑफर को स्‍वीकार कर लिया है और पार्टी सरकार में शामिल होगी. इसके बाद भाजपा विधायक नीतीश कुमार के आवास पर पहुंचे. वहीं जानकारी के मुताबिक सुशील कुमार मोदी को नये सरकार में उपमुख्यमंत्री का पद सौंपा जा सकता है. 

गौर हो कि इस्तीफे के बाद नीतीश ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परिस्थितियां ऐसी बनीं, जिसमें काम करना संभव नहीं रहा था. जबतक (सरकार) चला सकते थे चला दिया. उन्‍होंने कहा कि इस्‍तीफे का फैसला उनकी अंतरात्‍मा की आवाज थी. नीतीश के इस्तीफे के तुरंत बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में जुड़ने के लिए नीतीश कुमार जी को बहुत-बहुत बधाई. इसके जवाब में नीतीश कुमार ने भी ट्वीट कर पीएम मोदी को धन्यवाद दिया.

नीतीश बने NDA विधायक दल के नेता, कल शाम लेंगे शपथ

पटना: जिस खबर की खुश्बू हवा में तैर रही थी, अब वह सच साबित हो चुकी है. निवर्तमान सीएम नीतीश कुमार के इस्तीफा देते ही भाजपा ने पहले उन्हें बिना शर्त समर्थन देने की बात कही. ​इसके बाद विधायक दल की बैठक हुई और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने ऐलान कर दिया कि भाजपा नीतीश कुमार को अपना नेता स्वीकार करती है. भाजपा ने सरकार में शामिल होने का ऐलान भी कर दिया. इसके साथ ही महागठबंधन के सुहाने दौर के अंत पर मुहर लग चुकी है.

भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने राजभवन जाकर सभी विधायकों के समर्थन का पत्र राज्यपाल को सौंप दिया. इसी के साथ महागठबंधन के अंत पर मुहर लग चुकी थी. इसके बाद मुख्यमंत्री के आवास पर भाजपा और जदयू विधायकों की संयुक्त बैठक आयोजित की गई जिसमें नीतीश कुमार को विधानमंडल दल का नेता चुन लिया गया. बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार गुरुवार की शाम 5 बजे शपथ लेंगे.

इससे पहले बिहार भाजपा के वरिष्‍ठ नेता सुशील मोदी ने कहा था कि बीजेपी नीतीश कुमार को समर्थन देगी और दोनों दल के नेता नीतीश को नेता (मुख्‍यमंत्री) चुनेंगे. इसके लिए गुरुवार को बीजेपी विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा कल पटना जाएंगे.

Bihar: Meeting of BJP-JDU MLAs & leaders at Nitish Kumar’s residence in Patna. 


बेनामी संपत्ति मामले को लेकर लालू परिवार लगे आरोपों पर नीतीश कुमार सफाई देने की मांग लम्बे समय से करते आ रहे थे. लेकिन नीतीश कुमार की मांग पर जब एक्शन नहीं हुआ तो उन्होंने अपना इस्तीफा राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी को सौंप दिया. इसके बाद तत्काल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने ट्वीट करके नीतीश कुमार को बधाई दी. आनन—फानन में भाजपा विधायक दल की बैठक बुलाई गई. जिसमें नीतीश कुमार को समर्थन का ऐलान कर दिया गया.

गौरतलब है कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज शाम अपना इस्तीफा राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी को सौंप दिया था. इसके बाद राजभवन से बाहर निकलकर नीतीश कुमार ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी. नीतीश कुमार ने साफ कहा कि मैंने अंतरात्मा की आवाज पर अपना इस्तीफा दिया है. मौजूदा माहौल में काम करना मेरे जैसे व्यक्ति के लिए मुश्किल हो रहा था. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र लोक-लाज से चलता है. जितने लोगों ने अब तक सहयोग किया, उन सबों को मैं धन्यवाद देता हूं. उन्होंने कहा कि आगे जो भी बिहार के हित में होगा, निर्णय लेंगे.

नीतीश कुमार ने बिहार की जनता के साथ किया विश्वासघात, नैतिकता की दुहाई न दें

पटना: बिहार की सियासत में घमासान जारी है. आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला नहीं थम रहा है. आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद ने एक बार फिर से नीतीश कुमार पर हमला बोला है. लालू प्रसाद ने नीतीश कुमार को चुनावी समर की चुनौती दी है. उन्होंने कहा है कि नीतीश कुमार तैयार रहें. नैतिकता की दुहाई न दें.

बताया जा रहा है कि राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद ने पटना से रांची के लिए रवाना होते समय यह बड़ा हमला बोला है. उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में कहा है कि नीतीश कुमार ने इस्तीफा देकर महागठबंधन के जनादेश के साथ विश्वासघात किया है. जनता ने महागठबंधन को बीजेपी के खिलाफ चुना था. और उन्होंने उन्हीं से हाथ मिला लिया.

लालू प्रसाद ने कहा कि नीतीश कुमार ने जनता के जनादेश के साथ खिलवाड़ किया है. अब चुनावी समर में कूदने के लिए तैयार रहें. इससे पहले नीतीश कुमार के इस्तीफा देने के बाद दस सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पर पीसी के दौरान लालू प्रसाद ने नीतीश कुमार पर जमकर हमला बोला था. उन्होंने कहा था कि उन्होंने साफ़ कहा है कि अब जब नीतीश कुमार ने इस्तीफा दे दिया है, तो सबसे बड़े दल होने के नाते सरकार बनाने की बारी अब हमारी है.

लालू प्रसाद ने कहा था कि मैं अपील करता हूँ कि राजद, जदयू और कांग्रेस के विधायक एक साथ बैठें और नए मुख्यमंत्री का चुनाव करें. लालू ने कहा कि बैठक में न नीतीश होंगे, न तेजस्वी होंगे, सब लोग बैठकर अपना नया नेता चुन लें.

उधर अभी एक बड़ी खबर आ रही है कि नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. एनडीए की बैठक में नीतीश कुमार को विधायक दल का नेता चुन लिया गया. ऐसे में यह साफ हो गया है कि अब नीतीश कुमार एक बार फिर से मुख्यमंत्री पद की शपथ लेगें.

‘लोकतंत्र लोक-लाज से चलता है, आगे जो भी बिहार के हित में होगा, निर्णय लेंगे’- नीतीश

पटना : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपना इस्तीफा राज्यपाल केसरी नाथ त्रिपाठी को सौंप दिया है. इसके बाद राजभवन से बाहर निकलकर नीतीश कुमार ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी. नीतीश कुमार ने साफ कहा कि मैंने अंतरात्मा की आवाज पर अपना इस्तीफा दिया है. मौजूदा माहौल में काम करना मेरे जैसे व्यक्ति के लिए मुश्किल हो रहा था. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र लोक-लाज से चलता है. जितने लोगों ने अब तक सहयोग किया, उन सबों को मैं धन्यवाद देता हूं. उन्होंने कहा कि आगे जो भी बिहार के हित में होगा, निर्णय लेंगे.

उन्होंने कहा कि जितना संभव हुआ, हमने गठबंधन धर्म का पालन करते हुये बिहार की जनता के समक्ष चुनाव के दौरान जो वादा किया था, उसका क्रियान्वयन करना शुरू किया. सात निश्चय, उस पर अमल करना प्रारंभ किया. बिहार में सामाजिक परिवर्तन की बुनियाद रखी गयी. शराबबंदी लागू करके और जो कुछ भी काम पहले से चल रहा था, चाहे वह कृषि विकास से संबंधित हो, बुनियादी ढाँचे का विकास हो, सड़क, पुल/पुलिया हो, बिजली का क्षेत्र हो या जन कल्याण का मामला हो, सबके लिये हमने निरंतर काम करने की कोशिश की. निश्चय यात्रा के दौरान क्रियान्वित हो रही योजनाओं को हमने देखा. जन प्रतिनिधियों के साथ हमने चर्चा भी की. जितना भी संभव हुआ, हमने काम करने की कोशिश की. 20 महीना यानी एक तिहाई समय बीत चुका है. इस बीच में जो चीजें उभरकर सामने आयी, उस माहौल में मेरे लिये काम करना संभव नहीं है. यहां क्लिक कर देखें वीडियो भी.

तेजस्वी को देनी चाहिए थी सफाई

हमने कभी किसी का इस्तीफा नहीं मांगा. हमारी लालू जी से बातचीत होती रहती है. तेजस्वी जी भी हमसे मिले थे. हमने उनसे यही कहा कि जो भी आरोप लगे हैं, उसके बारे में एक्सप्लेन करें. आमजन के बीच में जो अवधारणा बन रही है, उसे ठीक करने के लिये एक्सप्लेन करना बहुत जरूरी है लेकिन वह भी नहीं हुआ. धीरे-धीरे माहौल ऐसा बनता जा रहा था और ऐसी परिस्थिति उत्पन्न हो गयी कि उसमें काम करना भी संभव नहीं हो पा रहा था.

उन्होंने कहा कि हमने अपनी तरफ से गठबंधन धर्म का पालन करने की पूरी कोशिश की और जब हमने पूरे माहौल को देखा और उसके बाद मुझको लगा कि मेरे जैसे व्यक्ति के लिये काम करना संभव नहीं है. यह हमारे अन्तर्रात्मा की आवाज थी. सारी बातें मेरे मन मे चल रही थी कि कोई रास्ता निकल जाय. हमने राहुल गाँधी से भी बात की. बिहार के कांग्रेस नेताओं से भी बात की, उनसे भी हमने कहा कि कुछ ऐसा कीजिये कि सबको एक रास्ता मिले.

नहीं थी संवादहीनता की स्थिति

बिना वजह कि यह बात है कि संवादहीनता है, हमारी लालू जी के साथ, राजद के साथ कोई संवादहीनता नहीं है. हमने अपनी बात कह दी थी, अब उस पर उनको गौर करना था. अब वहां की अपेक्षा होती है कि हम संकट में हैं तो आप रक्षा करें किन्तु यह तो अपने आप लाया हुआ संकट है. उनको वस्तुस्थिति स्पष्ट करना चाहिये. अगर वे वस्तुस्थिति स्पष्ट कर देते तो हमलोगों को भी एक आधार मिलता. हमने इतने दिनों तक इंतजार किया और यह लग गया कि अब वे कुछ कहने की स्थिति में नहीं हैं तो ऐसी स्थिति में मैं अब तो जवाब नहीं दे सकता था. जिस सरकार का मैं नेतृत्व कर रहा हूं, उस सरकार के अंदर के व्यक्ति के बारे में कुछ बात कही जाती है तो हम कुछ कहने की स्थिति में नहीं होते. ऐसी स्थिति में सरकार को चलाने का मेरे पास कोई आधार नहीं होता इसलिये मैंने फैसला लिया कि जब तक चला सकते थे, चलाये. अब मेरे स्वभाव और कार्य करने के तरीकों के अनुरूप नहीं है.

कफन में जेब नहीं होती

मुख्यमंत्री ने कहा कि आप ये सोचिये कि नोटबंदी का मसला आया तो नोटबंदी का समर्थन किया. मेरे ऊपर न जाने क्या-क्या आरोप लगे. और आप भी जानते हैं कि जब हम नोटबंदी का समर्थन कर रहे थे तो हमने साफ-साफ कहा कि बेनामी संपति पर भी हिट कीजिये तो ऐसी स्थिति में हम कैसे पीछे जा सकते थे. हम हमेशा गांधी जी को कोट करते हैं कि इस धरती पर लोगों की जरूरत की पूर्ति तो हो सकती है लेकिन लालच की पूर्ति नहीं हो सकती है. मैं तो हमेशा कहता रहा हूं कि गलत तरीके से धन संपति अर्जित करना सही नहीं है. और बार-बार मैं कहता रहा हूँ कि कफन में जेब नहीं होता. जो भी है, यहीं रहेगा. तब जब हम इस तरह की बात करते रहे हैं तो ऐसी परिस्थिति में आप समझ सकते हैं कि पीछे कैसे हटेंगे.

विपक्ष का न कोई डिसकोर्स है और न कोई अपना एजेंडा

हम तो विपक्षी एकता के पक्षधर हैं किन्तु विपक्षी एकता का कोई एजेंडा होना चाहिये. अभी राष्ट्रपति महोदय के चुनाव के सवाल पर हमने स्पष्ट कहा कि बिहार के राज्यपाल रहे हैं. बिहार के लिये गौरव की बात है कि वे राष्ट्रपति बनने जा रहे हैं. बिहार में उन्होंने अच्छा काम किया है. हमने उनका समर्थन किया, इस बात को लेकर न जाने क्या-क्या आरोप लगाये गये. सभी परिस्थतियों को मैं झेलता रहा हूं. ऐसी परिस्थिति में जब ये वातावरण बन गया हो तो हमारी क्या भूमिका है, हम क्या कर सकते हैं इसलिये मुझको कुल मिलाकर ऐसा लगा कि एक सोच का दायरा भी अलग है. न कोई अपना डिसकोर्स है और न कोई अपना एजेंडा है. रियेक्टिव एजेंडा से काम चलने वाला नहीं है, उसके लिये कुछ बात होनी चाहिये लेकिन उस पर कोई चर्चा इतने दिनों में नहीं हुयी.

हमने अपनी तरफ से पूरा प्रयास किया. अंततोगत्वा जिस बिहार में काम कर रहे हैं, उस बिहार की ऐसी स्थिति हो जाय कि वहां के जनमत में और कोई चर्चा हो ही नहीं रही हो तो ऐसी परिस्थिति में जो हमारी सोच है, उसके अनुरूप हम अपना स्टैण्ड नहीं लेते तो सही नहीं होता. हमने अपनी अंतर्रात्मा की आवाज पर निर्णय लिया कि मेरे जैसे व्यक्ति के लिये इस सरकार को चलाना संभव नहीं है. इसलिये हमने तय किया कि हम किसी के खिलाफ नहीं बोलेंगे. हमने देख लिया कि कोई रास्ता नहीं है तो तय किया कि खुद ही नमस्कार करो और जगह का त्याग कर दो. अब तक का जो हमारा काम करने का तौर तरीका रहा है, हम उस पर अब तक काम करते रहे. जब हमको दिख गया कि उसके आधार पर आगे काम नहीं कर सकते हैं तो हमने मुनासिब समझा कि अपने आपको अलग कर लो, इसलिये आज हमने अपने आपको अलग कर लिया.

बस अब बहुत हुआ

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्यपाल महोदय ने मेरे त्याग पत्र को स्वीकार कर लिया और कहा कि जब तक कोई व्यवस्था नहीं होती है, तब तक काम करते रहें. यह तो एक औपचारिक चीज है. उन्होंने कहा कि आगे क्या होगा, कब होगा, कैसा होगा, आगे के लिये छोड़ दीजिये. उन्होंने कहा कि वर्तमान में जो सरकार है, जिसका मैं नेतृत्व कर रहा था, मुझको यह प्रतीत हो गया कि अब इसके आगे काम करना संभव नहीं है. मेरा कमिटमेंट बिहार के प्रति है, बिहार के लोगों के प्रति, बिहार के विकास के प्रति, न्याय के साथ विकास के प्रति है.

उन्होंने कहा कि मैं किसी को कोई ब्लेम नहीं कर रहा हूं. उन्होंने कहा कि मैंने पूरा प्रयत्न किया. 15 दिनों में जो भी संभव है, सब तरह से प्रयत्न किया कि कोई रास्ता निकले लेकिन सारी बातें सतही हो रही थी, और वैसी सतही बातों से हम लोगों को फेस नहीं कर सकते. हम लोगों के सामने जायें और अपने मान्यताओं के अनुरूप अपने आचरण को प्रस्तुत नहीं कर सके तो फिर कैसा पब्लिक लाइफ होगा. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र लोक-लाज से चलता है. उन्होंने कहा कि जितने लोगों ने अब तक सहयोग किया, उन सबों को मैं धन्यवाद देता हूं. उन्होंने कहा कि आगे जो भी बिहार के हित में होगा, निर्णय लेंगे. उन्होंने कहा कि अपने मूल सिद्धांत के साथ समझौता करना मेरे लिये संभव नहीं है.

नीतीश कुमार की 'घर वापसी', BJP के साथ मिलकर चलाएंगे सरकार

सुजीत झा / जावेद अख़्तर, पटना: बिहार में राजनीतिक घटनाक्रम बहुत तेजी से बदल रहा है. बीजेपी संसदीय बोर्ड ने अभी बिहार में सरकार को स्थायित्व देने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी बनाने का ऐलान किया था कि अचानक बिहार बीजेपी नेता सुशील कुमार मोदी ने बीजेपी को बिना शर्त समर्थन देने का फैसला किया है.

पटना में विधायक दल की बैठक के बाद सुशील कुमार मोदी ने ये ऐलान किया. इतना ही नहीं बीजेपी ने सीएम के तौर पर नीतीश कुमार के नाम का समर्थन किया है. यानी नीतीश कुमार बीजेपी के साथ मिलकर जल्द ही सरकार बनाने का दावा पेश कर सकते हैं.

सुशील मोदी ने कहा कि उन्हें नीतीश कुमार के नेतृत्व में पूरा भरोसा और उनकी सरकार को बीजेपी समर्थन करेगी. हालांकि, अभी तक बीजेपी ने ये साफ नहीं किया है कि ये समर्थन सरकार में शामिल होकर दिया जाएगा या बाहर से ही बीजेपी में सरकार की वापसी के लिए ऐसा किया गया है. सुशील मोदी ने कहा है कि वो राज्यपाल को समर्थन की जानकारी दे रहे हैं.

आजतक से साभार

नीतीश कुमार को बिना शर्त समर्थन, सरकार में शामिल होगी BJP…

पटना: ​कहावत पुरानी है कि कयामत आने के लिए एक पल ही काफी होता है. बिहार में जिस तरह से सत्ता ने पलटी खाई है उसे देखकर तो सिर्फ यही कहा जा सकता है. निवर्तमान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं. महागठबंधन का भविष्य अभी भी अधर में है. लेकिन इसी बीच भाजपा ने अपने विधानमंडल दल की बैठक बुलाई और नीतीश कुमार को अपने समर्थन का ऐलान कर दिया.

भाजपा विधानमंडल दल की बैठक अब समाप्त हो गई है. बैठक के बाद भाजपा ने जदयू को समर्थन का फैसला किया है. बैठक में प्रदेश अध्यक्ष नित्यानंद राय, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी और प्रवक्ता प्रेम कुमार के साथ ही भाजपा के सभी विधायक मौजूद थे. बैठक में मौजूद सभी भाजपा विधायकों ने फैसले के लिए इन्हीं तीनों को अधिकृत किया है. आगे क्या करना है और कैसे करना है ये केन्द्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में तय होगा.

बैठक के बाद पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा कि बैठक में तय किया गया है कि,’भाजपा जीरो टॉलरेंस के मुद्दे पर नीतीश कुमार के साथ है.

हम उनको समर्थन का ऐलान करते हैं. उनके नेतृत्व में हमारा पूर्ण विश्वास है. हमने फोन करके इस बात की जानकारी उन्हें दे दी है. जल्दी ही भाजपा विधायकों के समर्थन की सूचना राज्यपाल से मिलकर भी दे देगी. हम उनके नेतृत्व में सरकार में शामिल भी होंगे.’

बता दें कि जिस तरह से नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद पीएम मोदी ने उन्हें ट्वीट करके बधाई दी थी. उससे संकेत मिलने लगे थे कि भाजपा पहले से ही नीतीश कुमार के संपर्क में थी. आनन—फानन में बुलाई गई भाजपा की बैठक के बाद जिस तरह से समर्थन देने का फैसला लिया गया है. उससे अभी से संकेत मिलने लगे हैं कि ये बात जो निकली है वह दूर तलक जाएगी. बता दें कि अभी भी दिल्ली में जदयू महासचिव केसी त्यागी ने भी कह दिया है कि लालू और उनकी पार्टी अब हमारे लिए अछूत है.

नीतीश के इस्तीफे के बाद गरमाई देश की सियासत, पढ़िए किसने क्या कहा…

पटना/ नईदिल्ली: बिहार की महागठबंधन सरकार में लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण आखिरकार सीएम नीतीश कुमार ने राज्यपाल को अपना इस्‍तीफा सौंप दिया. इस्तीफा सौंपने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट कर नीतीश कुमार को बधाई दी है. तो वहीं एनडीए और बीजेपी के नेताओं की प्रतिक्रियाएं तेज हो गई है.

सबसे पहले पीएम मोदी ने बधाई दी. उन्होंने कहा कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में जुडऩे के लिए नीतीश कुमार को बहुत-बहुत बधाई. सवा सौ करोड़ नागरिक ईमानदारी का स्वागत और समर्थन कर रहे हैं. देश के, विशेष रूप से बिहार के उज्जवल भविष्य के लिए राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर भ्रष्टाचार के खिलाफएक होकर लडऩा आज देश और समय की मांग है.

वहीं नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह डर का गठबंधन था. अब नीतीश जी ने एक बड़ा फैसला ले लिया है. इसके बाद आगे का रास्‍ता भी उन्‍हीं को तय करना है. नीतीश कुमार 8 साल तक हमारे साथ रहे. हमने उन्‍हें नहीं छोड़ा है. वे हमें छोड़कर गये थे. हमें नीतीश जी के अगले कदम का इंतजार है. लालू जी और नीतीश जी का गठबंधन बेमेल था.

उधर आरएलएसपी के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने कहा कि नीतीश जी ने इसलिए इस्‍तीफा दिया कि तेजस्‍वी ने इस्‍तीफा नहीं दिया है. ये उन लोगों का अंदरूनी मामला है. कल तक वेट कीजिए, जो होगा जो सामने होगा. एक बार यह पता चल जाये कि नीतीश कुमार आगे क्‍या कदम उठायेंगे इसके बाद हम कदम उठायेंगे.

इधर नीतीश कुमार के इस्तीफे पर रालोसपा सांसद चिराग पासवान ने भी सीएम नीतीश कुमार को बधाई दी है. उन्होंने कहा है कि यह तो होना ही था. लालू प्रसाद पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि लालू प्रसाद जैसे आपराधिक व्यक्ति के साथ सरकार चलाना मुश्किल है.

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद बिहार के भाजपा नेता सुशील मोदी ने भी नीतीश कुमार के इस्‍तीफे का स्‍वागत करते हुए कहा कि हमें खुशी है कि जदयू ने भ्रष्‍टाचार से समझौता नहीं किया और राजद के दबाव में नहीं आये.

इधर आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि नीतीश कुमार ने कभी संघमुक्‍त भारत का नारा दिया था. अब पता नहीं क्‍या हो गया है. तेजस्‍वी यादव के मुद्दे पर कहा कि सफाई उचित प्‍लेटफॉर्म पर देंगे. नीतीश को क्‍यों इस्‍तीफा देते. नीतीश कुमार हत्‍या के आरोपित हैं. भारत का एक मुख्‍यमंत्री हत्‍या के आरोप में नामित है और उसके खिलाफ संज्ञान लिया जा चुका है. अगर ‘जीरो टॉलरेंस’ है तो वे मुख्‍यमंत्री कैसे थे.

वहीं बिहार के पूर्व मुख्‍यमंत्री और हिन्दुस्‍तानी आवाम मोर्चा के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष जीतनराम मांझी ने कहा कि हम नीतीश कुमार के इस्‍तीफे का स्‍वागत करते हैं। वे हमारे साथ आकर सरकार बनायें.

नीतीश कुमार के इस्तीफे के बाद कांग्रेस को सबसे बड़ा घाटा होता दिख रहा है. कांग्रेस अभी भी सुलह के मूड में दिख रही है. कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि महागठबंधन को बिहार की जनता ने चुना है. हमारी सरकार बिहार की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरी है. अगर कोई विवाद है तो उसे सुलझा लिया जाना चाहिए.

नीतीश का इस्तीफा, बोले-अंतरात्मा की आवाज पर फैसला, PM मोदी ने दी बधाई

रोहित कुमार सिंह/सुजीत झा [Edited By: जावेद अख़्तर]पटना, 26 July 2017। नीतीश कुमार ने बिहार के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है. बुधवार शाम राज्यपाल से मिलकर उन्होंने इस्तीफा सौंप दिया. इसी के साथ ही 20 महीने से चल रही महागठबंधन (जेडीयू-कांग्रेस-आरजेडी) की सरकार का अंत हो गया.

लालू प्रसाद का बड़ा बयान, नीतीश से हो गई है बात, तेजस्वी नहीं देंगे इस्तीफा

पटना ः महागठबंधन में मचे सियासी घमासान के बीच आरजेडी चीफ लालू प्रसाद ने बड़ा बयान दिया है. लालू प्रसाद के इस बयान के बाद बिहार में राजनीति चरम पर है. लालू प्रसाद ने डिप्टी सीएम तेजस्वी यादव के इस्तीफे को लेकर यह बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि मेरी सीएम नीतीश कुमार से बात हो गई है.

दरअसल पटना के दस सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पर राजद के विधायक दल की बैठक के बाद लालू प्रसाद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि महागठबंधन में सब ठीक चल रहा है. कोई मतभेद नहीं है. उन्होंने कहा कि नीतीश कुमार महागठबंधन के नेता है. उनको लेकर किया गया अनादर भाव राजद की ओर से बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. नीतीश कुमार ने कभी तेजस्वी यादव का इस्तीफा नहीं मांगा है.

बैठक के बाद हुई राजद की प्रेस कॉन्फ्रेंस में लालू प्रसाद ने कहा कि फैसला हो गया है. तेजस्वी यादव डिप्टी सीएम के पद से इस्तीफा नहीं देंगे. सभी विधायकों की यही राय है. नीतीश कुमार के फैसले को लेकर मीडिया के सवाल पर लालू प्रसाद ने कहा कि तेजस्वी के इस्तीफे को लेकर आप ज्यादा मत सोचिए, मेरी बात सीएम नीतीश कुमार से हो गई है. कल रात भी मेरी नीतीश कुमार से फोन पर बात हुई है. मैंने उन्हें कह दिया है कि मैं तीन दिनों के लिए रांची जा रहा हूं.

लालू प्रसाद ने आगे कहा कि हमने कई सरकारें बनाई हैं. नीतीश कुमार को भी हमने ही मुख्यमंत्री बनाया. आखिर हम क्यों चाहेंगे कि वो सीएम न रहें. महागठबंधन में तल्खी जैसा कुछ भी नहीं है. सब मीडिया का किया हुआ है. साथ ही उन्होंने कहा कि महागठबंधन में दरार की बात मीडिया की देन है. हमारे बीच किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है.

गौलतलब है कि तेजस्वी के इस्तीफे को लेकर उठे बवाल के बीच लालू प्रसाद के यह बयान खूब सुर्खियां बटोर रहा है. बिहार की राजनीति में अटकलों का बाजार फिर गरम हो गया है. अब देखना है कि जदयू विधायक दल की बैठक में क्या फैसला होता है.

महागठबंधन को नुकसान पहुंचाना भाजपा की औकात से बाहर, 29 को बैठक में होगा फैसला

पटनाः महागठबंधन में उठे सियासी तूफान के बीच एक बड़ा बयान आया है. ये बयान राजद खेमे से आया है. भाजपा पर निशाना साधा गया है. आज राजधानी में बैठकों का दौर चल रहा है. आरजेडी और जदयू विधाक दल की बैठक बुलाई गई है. ऐसे में राजद खेमे से फेंके गए इस जुबानी बम ने सियासत गरमा दी है. राजद ने भाजपा को उसकी औकात दिलाई है.

दरअसल राजद कोटे से विधायक भाई वीरेंद्र ने एक बड़ा बयान दिया है. उन्होंने कहा है कि महागठबंधन अटूट है. भाजपा चाह कर भी इसका कुछ नहीं बिगाड़ सकती है. उन्होंने कहा कि भाजपा की औकात नहीं है कि वो महागठबंधन को नुकसान पहुंचा सके. आने वाले समय में महागठबंधन भाजपा को धूल चटा देगा. भाई वीरेंद्र ने आगे कहा कि तेजस्वी यादव के इस्तीफे का सवाल ही पैदा नहीं होता.

फाइल फोटो

बता दें कि आज पटना के दस सर्कुलर रोड स्थित राबड़ी आवास पर विधायक दल की बैठक बुलाई गई है. बैठक में शामिल होने के लिए पार्टी के सभी विधायक समेत बड़े नेता राबड़ी आवास पहुंचे हुए हैं. इस दौरान मीडिया से बातचीत करते हुए भाई वीरेंद्र ने कहा कि 29 जुलाई को महागठबंधन की बैठक पटना में होगी. इस बैठक में भाजपा के खिलाफ रणनीति तैयारी की जाएगी.

फाइल फोटो

गौरतलब हो कि आज बुधवार को राजधानी में बैठकों का दौर जारी है. राजद और जदयू के विधायकों की बैठक बुलाई गई है. उधर भाजपा भी दोनों की बैठक खत्म होने के बाद अपनी बैठक करने वाली है. भाजपा को दोनों दलों की बैठक खत्म होने का इंतजार है. इधर विपक्ष लगातार सीएम नीतीश कुमार पर तेजस्वी यादव के इस्तीफे का दबाव बना रहा है. ऐसे में देखने वाली बात यह होगी कि आज जदयू विधायक दल की बैठक में सीएम नीतीश कुमार क्या फैसला लेते हैं. या फिर पिछली बार की तरह ही इस बैठक में भी कुछ खास नहीं होगा.

याद किये गये पूर्व राज्यमंत्री मदन प्रसाद सिंह

नव-बिहार समाचार, भागलपुर। बिहार के पूर्व राज्यमंत्री स्व मदन प्रसाद सिंह को आज उनकी 8वीं पुण्यतिथि पर याद किया गया। भागलपुर जिला कांग्रेस कमिटी के उपाध्यक्ष शीतल प्रसाद सिंह निषाद के

नारायणपुर से अपहृत युवती नवगछिया में बरामद

नव-बिहार समाचार, नारायणपुर/ नवगछिया: पुलिस जिला नवगछिया के भवानीपुर थाना क्षेत्र की युवती जिसको बेलदौर थाना के सरस्वती नगर इदमादी से अपहृत किया गया था. उस लड़की

हुजुर, अगर अगवा की हुई बेटी नहीं मिली तो सपरिवार करेंगे आत्मदाह”


भागलपुर। जिले के ललमटिया थाना क्षेत्र के थम्सअप व्यवसाई ने अपनी बेटी की बरामदगी को लेकर आईजी सुशील मान सिंह खोपड़े के पास अंतिम गुहार लगाई है।

नवगछिया में फिर हुआ एक नाबालिग युवती का अपहरण

नव-बिहार समाचार, नवगछिया : बिहार के पुलिस जिला नवगछिया अंतर्गत विभिन्न थाना क्षेत्रों में इन दिनों युवतियों के अपहरण की घटनायें लगातार होती जा रही हैं। जिससे युवतियों के परिजनों के साथ साथ पुलिस के लिये भी अपहृत युवतियों का पता लगा पाना किसी चैलेंज से कम नहीं होता है। वहीं उसको बरामद कर पाना एक बड़ा ही कठिन कार्य हो जाता है। स्पष्ट है कि इस तरह का अपराध करने वाले को या तो कानून से कोई डर नहीं या फिर कानून के रक्षकों का कोई डर भय नहीं लगता। तभी तो इन तीन माह के अंदर पुलिस जिला नवगछिया के सभी थानों से अगर सही सही आंकड़े उपलब्ध किये जायें तो यह आंकड़ा लगभग दो दर्जन से कम नहीं होगा।

ताजा जानकारी के अनुसार पुलिस जिला नवगछिया अंतर्गत गोपालपुर थाना क्षेत्र के एक बाइक मिस्त्री मोहम्मद रुस्तम ने शादी की नीयत से एक नाबालिग युवती का अपहरण कर लिया। इसकी सूचना आरोपित की पत्नी शबनूर ने ही गोपालपुर थाने में दी है। गोपालपुर थानाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह ने बताया कि मामले की पड़ताल जारी है।

जानकारी के अनुसार इन तीन माह के अंदर एक अकेले आदर्श थाना नवगछिया में युवतियों के अपहरण के सात मामले दर्ज हुए हैं। जबकि इस्माइलपुर और परवत्ता तथा बिहपुर के अलावा अन्य थानों में भी कई मामले दर्ज हुए हैं। नवगछिया थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक संजय कुमार सुधांशु ने नव-बिहार समाचार को बताया कि सातों अपहृत युवतियों को काफी मशक्कत के बाद बरामद कर लिया गया है। जिनके कांड संख्या क्रमशः 92/17, 95/17, 105/17, 138/17, 141/17, 144/17 और 145/17 हैं। इनमें से किसी को बांका से तो किसी को सहरसा से तो किसी को मधेपुरा से तो किसी को पूर्णिया इत्यादि क्षेत्रों से बरामद किया गया है।

पुलिस जिला नवगछिया में लगातार हो रही इस वारदात से चिंतित अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुकुल कुमार रंजन ने सामाजिक कार्यकर्ताओं से इन मामलों के रोकथाम को लेकर समाज के लोगों के बीच जागरूकता फैलाने का अनुरोध किया है।

वहीं भागलपुर के डीआईजी विकास वैभव ने इस तरह की घटना में बिना किसी विलंब और लापरवाही के तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने निर्देश सभी थानाध्यक्षों को दे रखा है। बताते चलें कि 15 जुलाई को हुए इसी तरह के एक मामले में नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत परवत्ता थानाध्यक्ष ओम प्रकाश दुबे को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया।

नवगछिया: डायन का आरोप लगा महिलाओं पर हमला, पहली गंभीर तो दूसरी की मौत

नव-बिहार समाचार, नवगछिया (भागलपुर)। जहां एक तरफ इक्कीसवीं सदी की तरफ बढ़ रहे भारत में डिजिटल इंडिया की बात हो रही है, वहीं दूसरी तरफ भागलपुर जिला के नवगछिया पुलिस जिला अंतर्गत खरीक थाना क्षेत्र में नवनिर्मित नवगछिया नदी थाना क्षेत्र अंतर्गत कोसी पार लोकमानपुर पंचायत के आजादनगर सिहकुंड में डायन होने का आरोप लगाते हुए एक महिला पर जान लेवा हमला किया गया। जो इस समय भागलपुर के मायागंज स्थित अस्पताल में मौत से जूझ रही है। जबकि ठीक इसके दूसरे दिन उसी आरोपी द्वारा इलाजरत महिला की गोतनी पर हमला कर हत्या कर दी गयी।

गांव में फैले अंधविश्वास की शिकार हुई नवगछिया नदी थाना क्षेत्र के कोसी पार लोकमानपुर पंचायत के सिंहकुंड आजाद नगर निवासी जमुनी राम की पत्नी गीता देवी (55 वर्ष) को छह-सात लोगों ने उसके पति जमुनी राय के सामने खींच कर पीटते पीटते मौत के घाट उतार दिया। इसके बाद उसे कोसी नदी में फेंकने लेजाया जा रहा था। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों के विरोध पर आरोपी भाग गया तो लाश बच पायी।

  बताया जाता है कि आजादनगर निवासी विंदेवश्वरी मेहता की गाय गर्भवती थी. रविवार की शाम किसी वजह से गाय का गर्भपात हो गया. इससे विंदेश्वरी मेहता के पुत्र चंदन मेहता और परिवार के अन्य लोग आग बबूला हो गये. उनका मानना था कि गांव के स्व गंगा राम की पत्नी राधा देवी डायन है, जिसने जादू-टोना कर उसके गाय की यह हालत की है. शाम लगभग 4:30 बजे उसकी जमकर पिटाई कर अधमरा कर दिया. जो मायागंज में इलाजरत है. इससे संबंधित एक मामला नवगछिया नदी थाना में कांड संख्या 14/17 भादवि की धारा 341, 323, 308, 325, 504, 506 और डायन अधिनियम की धारा 3 और 4 के तहत पीड़िता की बेटी सुलेखा देवी पति अरुण राम के बयान पर दर्ज किया गया.

ग्रामीण सरोज राम, तूफानी राम, पंकज राम, संतोष मेहता, बीरबल राम इत्यादि के अनुसार दूसरे दिन यानि सोमवार 24 जुलाई की शाम 4:45 बजे जब चंदन मेहता को पता चला कि उसके खिलाफ पुलिस में मामला दर्ज हो चुका है तो वह पुनः आग बबूला हो गया. वह और उसके साथ कुछ  लोग राधा देवी के परिजनों को खोजने निकल पड़े. उनके सिर पर खून सवार था. राधा देवी की गोतनी गीता देवी उर्फ सीता देवी गांव के पास खेत में थी. वे लोग वहां पहुंच गये और गंदी-गंदी गालियां देते हुए गीता देवी पर टूट पड़े. पति जोवनी राम ने बचाने का प्रयास किया, लेकिन दबंगों के सामने वह लाचार हो गये. आरोपित गीता को कट्टे की बट और लाठी-डंडे से तब तक पीटते रहे जब तक वह मर नहीं गयी. ग्रामीणों का कहना है कि आराेपितों ने गीता देवी के सिर में गोली मार दी, जिसके बाद उसकी मौत हुई. ग्रामीणों ने गोली चलने की आवाज सुनी थी. जिसे बाद में चंदन द्वारा उसे घसीट कर कोसी नदी में बहाने लेजाया जा रहा था. ग्रामीणों के पहुंचने और विरोध करने पर वह भाग गया.

इधर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी मुकुल कुमार रंजन ने बताया कि गीता देवी की हत्या के मामले में पुलिस ने एक आरोपित विंदेश्वरी मेहता के पुत्र नंदन कुमार उर्फ अभिनंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया है. पुलिस उससे पूछताछ कर रही है. अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है. मामले की प्राथमिकी नवगछिया नदी थाना में दर्ज की गयी है. सिंहकुंड आजाद नगर निवासी चंदन मेहता, नंदन मेहता, विवेका मेहता, बबलू मेहता, पिंटू मेहता, गुलचरण मेहता व अन्य को आरोपित बनाया गया है.  नवगछिया एसपी पंकज सिन्हा के निर्देश पर खरीक के थानाध्यक्ष सुदिन राम और नदी थानाध्यक्ष अनि रामेश्वर पंडित मामले की छानबीन और छापेमारी में जुटे हैं. 

 खरीक और नदी थाना की पुलिस ने मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम करने के लिए नवगछिया अनुमंडलीय अस्पताल लाया, जहां से शव भागलपुर जिला अस्पताल भेजा गया. बताया जाता है कि महिला की हत्या उसके सिर में गोली मारने से हुई है, लेकिन नवगछिया अनुमंडल अस्पताल में शव से गोली नहीं मिली, तो पोस्टमार्टम के लिए भागलपुर भेज दिया गया. 

एक दिन पहले मृतका के परिवार की दो महिलाओं को भी पीटा था. ग्रामीणों का कहना है कि गीता देवी की हत्या के एक दिन पहले यानी रविवार को उसकी गोतनी व स्व गंगा राम की पत्नी राधा देवी को भी डायन कह कर से पीटा गया था. उसे बचाने जब उसकी बेटी सुरेखा देवी आयी तो उसकी भी पिटाई कर दी. दोनों का इलाज मायागंज अस्पताल भागलपुर में चल रहा है. राधा देवी की हालत अभी भी गंभीर है. ग्रामीणों का कहना है कि रविवार की घटना के बाद पुलिस ने मामले में प्राथमिकी दर्ज करने के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की. इससे आरोपितों का हौसला और बढ़ गया और उन लागों ने सोमवार को गीता देवी को मार ही डाला .  ग्रामीणों का कहना  है कि यदि पुलिस ने ठोस कार्रवाई की हाेती, तो शायद गीता देवी की हत्या नहीं होती.


नीतीश ने बुलाई विधायक दल की बैठक, तेजस्वी पर बढ़ेगा दबाव!

रोहित कुमार सिंह, नई दिल्ली। राष्ट्रपति के शपथ ग्रहण समारोह से मंगलवार को दिल्ली से पटना लौटे मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अचानक से हरकत में आ गए हैं. पटना पहुंचने पर नीतीश कुमार ने बुधवार को अपने पार्टी के विधायक दल की बैठक बुलाने का ऐलान किया है. गौरतलब है कि यह बैठक 28 जुलाई को होने वाली थी, जिस दिन बिहार विधानसभा का मानसून सत्र शुरू होने वाला था.

आनन-फानन में नीतीश ने यह बैठक दो दिन पहले ही यानी कि बुधवार को शाम 5:00 बजे अपने आवास पर आहूत की है. माना जा रहा है कि इस बैठक में नीतीश कुमार उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव को लेकर कोई फैसला कर सकते हैं. गौरतलब है कि 11 जुलाई को भी नीतीश के सरकारी आवास 1, अण्णे मार्ग पर जेडीयू के विधायक दल की बैठक बुलाई गई थी, जिसमें इस बात को लेकर मांग उठी थी कि तेजस्वी यादव जिनके ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लग रहे हैं, उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए. हालांकि, उस दौरान ऐसी मांग को लेकर जल्दबाजी न करते हुए नीतीश ने तेजस्वी को अपने ऊपर भ्रष्टाचार के लगे आरोपों का जनता के बीच में जवाब देने के लिए कहा था.

माना जा रहा है कि पिछले 15 दिनों में तेजस्वी की तरफ से संतुष्ट पूर्ण जवाब नहीं मिलने की वजह से बुधवार को होने वाली विधायक दल की बैठक में एक बार फिर से तेजस्वी के ऊपर कड़ी कार्रवाई की मांग उठ सकती है. इस बैठक में इस बात को लेकर मांग उठने की संभावना है कि तेजस्वी पर नीतीश कुमार कोई ठोस निर्णय लें और उन्हें अपने मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें.

अगले दो दिन में कार्रवाई !

28 जुलाई से बिहार विधानसभा का मानसून सत्र शुरू हो रहा है, ऐसे में इस बात को लेकर संभावना जताई जा रही है कि नीतीश कुमार अगले 2 दिनों में तेजस्वी पर कड़ी कार्रवाई कर सकते हैं.

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