गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर के कारण अब नवगछिया के कई जमींदारी तटबंधों पर कटाव होने लगा है |
जिससे इसके ध्वस्त होने का सीधा खतरा मंडराने लगा है | जिसकी वजह से कई विभाग की नींद उड़नी शुरू हो गयी है |
जिसे लेकर जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कैलू
सरदार ने कई अभियन्ताओं के साथ शनिवार को इन जमींदारी तटबंधों का जायजा लिया |
इस दौरान लक्ष्मीपुर से लेकर गोसाईंगांव तक तथा नरकटिया-नन्हकार, राघोपुर काजी कोरैया जमींदारी तटबंध
पर कटाव, बाढ़ का पानी रोकने के लिये चल रहे फ्लड फाइटिंग कार्य का भी जायजा
लिया।
बढ़ते जलस्तर के कारण जमींदारी बांध पर कटाव
एवं बाढ़ का दबाव का खतरा बढ़ते देखकर इसके लिये विभाग ने सिंचाई विभाग के
तीन डिविजन से आए 51 अभियंताओं की टीम को देखरेख का आदेश दिया गया है।
उन्होंने प्रशासन से बांधों की सुरक्षा के लिये पुलिस की टीम को रात
को ड्यूटी पर लगाने की मांग की है |
उन्होंने कहा कि नरकटिया जमींदारी बांध पर 200 मीटर के दायरे में ईट
सोलिंग कराने को कहा गया है।
मुख्य अभियंता ने बताया कि नन्हकार, बभनगामा, रामनगर आदि जगहों पर तटबंधों
पर कटाव वाले स्थानों को ठीक किया जा रहा है।
काजी कोरैया-राघोपुर तटबंध के
कई जगहों में रिसाव शुरू होने की बात पर उन्होंने लोगों को बहाव रोकने के
लिये हर संभव प्रयास करने का आश्वासन दिया।
झांव, खैरपुर, काजी कोरैया में
पानी रिसाव वाले स्थान पर स्वयं खड़ा रहकर सभी रिसाव वाले स्थानों को ठीक
कराया।
साथ ही संवेदकों को कार्यो में कोताही नहीं
बरतने एवं कटाव रोधी कार्यो में तेजी लाने को कहा है।
निरीक्षण दल के साथ
सहायक अभियंता विवेकानंद आर्य, ललन बैठा, कनीय अभियंता अशोक सिंह समेत सभी
अभियंताओं को दिन रात बांधों पर रहकर कार्य कराने को मुख्य अभियंता ने कहा।