भागलपुर जिला के समीप गंगा के लगातार बढ़ते जलस्तर से बढ़ते दवाब के कारण नवगछिया की ओर विक्रमशिला सेतु संपर्क पथ पर राघोपुर के समीप बना स्लूइस गेट एवं गेट की दीवार दरक जाने से फाटक के नीचे से तेज बहाव के साथ पानी खेतों में फैलने लगा है ।
शनिवार की देर शाम तक गंगा का यह पानी उस्मानपुर, शंकरपुर, बड़ी अलालपुर, नन्हकार आदि गांव एवं बहियारों में हजारों एकड़ में लगे मई, धान, केले के खेतों में पानी फैलना शुरू हो गया था।
पानी के तेज बहाव को देख कर उस्मानपुर, शंकरपुर, नागडटोली धुव्रगंज, बडी अलालपुर, मिरजाफरी समेत कई गांवों में बाढ़ की संकट मंडराने लगे है।
उप मुखिया बाल्मीकि मंडल, मुखिया मनोरमा देवी, विनय मिश्र, त्रिभूवन मंडल, राजेश मंडल, शंकर सहनी आदि लोगों ने बताया कि अगर स्लूइस गेट का फाटक टूट गया या पानी का रिसाव बंद नहीं किया गया तो 2007 की तरह पूरा इलाका के दर्जनों गांव समेत विक्रमशिला पुल, तेतरी जीरो माइल संपर्क सड़क बाधित हो जाएगी।
दो दिन पहले भी गंगा के जलस्तर बढ़ने से फाटक से पानी ओवर फलो हो गया था।
प्रशासन एवं जिला पार्षद विजय मंडल एवं ग्रामीणों के सहयोग से काफी मशक्कत के बाद पुराने फाटक पर मोटे लोहे का चदरा देकर गेट बंद किया गया था।
पानी की गहराई एवं दबाव के कारण गेट पूर्णत: बंद नहीं हो सका था।
शनिवार को सुबह गंगा के जलस्तर में वृद्धि होने से स्लूइस गेट के दोनों साइड सड़क पर बाढ़ का पानी का बहाव होने, फाटक में दरार हो जाने एवं पानी का बहाव की खबर मिलते ही स्थानीय कटाव पीड़ित जिला पार्षद विजय मंडल के नेतृत्व में सैकड़ों ग्रामीणों मौके पर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने स्लूइस गेट से बह रहे पानी को रोकने के लिये बालू भरी बोरी डालना शुरू कर दिया। जिला पार्षद ने बताया कि 700 बालू से भरी बोरी गेट के नीचे सतह पर दिया गया।
पूर्व विधायक शैलेश कुमार उर्फ बुलो मंडल ने भी स्लूइस गेट पहुंच कर पानी के बहाव को रोकने का आवश्यक दिशा निर्देश दिया।
पूर्व विधायक बुलो मंडल ने स्लूइस गेट से विक्रमशिला सेतु 14 नंबर सड़क संपर्क पथ पर ग्रामीणों को कड़ी निगरानी करने की अपील की है।
