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केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से दिया इस्तीफा, तुरंत चुनाव की मांग


जनलोकपाल बिल पास करा पाने में असफल रहने के बाद केजरीवाल ने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है। केजरीवाल ने हनुमान रोड स्थित कार्यालय की उसी खिड़की से पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। 
केजरीवाल ने कहा, 'हमने कांग्रेस से समर्थन नहीं मांगा था लेकिन जनता ने कहा कि जितने दिन सरकार चले, चलाओं और जितना काम हो सके उसे करें। लेकिन आज जब जनलोकपाल पेश करने की कोशिश की गई तो बीजेपी और कांग्रेस दोनों मिल गए। इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ। दोनों ने विधानसभा में लोकपाल बिल पेश ही नहीं होने दिया।'
अंबानी-कांग्रेस पर बरसे केजरीवाल
केजरीवाल ने कहा कांग्रेस अंबानी की दुकान है वह जो चाहे इनके माध्यम से खरीद सकता है। मुकेश अंबानी सरकार चलाता है। आज हमारी सरकार इस्तीफा देती है। लोकपाल बिल के लिए सौ बार सीएम की कुर्सी न्यौछावर करने के लिए तैयार हूं। 
मोदी पर कहा
केजरीवाल ने मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह भी अंबानी के सहयोगी हैं। रैली में खर्च करने के लिए करोड़ों रपुए और हेलिकॉप्टर का खर्च कहां से आता है।
अपने काम काज का ब्योरा दिया
केजरीवाल ने कहा,  'बीजेपी-कांग्रेस के लोग कहते हैं कि उन्हें सरकार चलानी नहीं आती। हमने बिजली पानी के दाम एक महीने से पहले ही घटा दिए। कांग्रेस-बीजेपी यह काम सालों में नहीं पाई। हमने बिजली कंपनियों का ऑडिट कराया, जबकि कांग्रेस इसे लेकर बहानेबाजी करती रही थी।'
तुरंत चुनाव की मांग
केजरीवाल ने इस्तीफे का एलान करते हुए तुरंत चुनाव कराने की मांग की। 
गौरतलब है कि केजरीवाल ने हाल ही में कहा था कि यदि उनकी सरकार जनलोकपाल बिल पास नहीं करा पाई तो वह इस्तीफा दे देंगे। शुक्रवार को  दिल्ली विधानसभा में भारी हंगामे के बीच केजरीवाल सरकार ने जनलोकपाल बिल पेश किया लेकिन कांग्रेस और बीजेपी समेत 42 विधायकों बिल को पेश हुआ नहीं माना। इसके बाद स्पीकर ने घोषणा कर दी कि जनलोकपाल बिल पेश नहीं हुआ।  करीब 49 दिनों तक दिल्‍ली की सत्‍ता में रहने के बाद आप आदमी पार्टी (आप) की सरकार ने आज इस्तीफा दे दिया है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, केजरीवाल जन लोकपाल बिल पास कराने को लेकर बेहद गंभीर थे, लिहाजा केजरीवाल ने अपनी पूर्व घोषणा के मुताबिक पद से इस्‍तीफा दिया। केजरीवाल के इस्‍तीफे की खबर सुनते ही ‘आप’ समर्थक हनुमान रोड स्थिति आप के दफ्तर में इक्‍ट्ठा होने लगे थे।
केजरीवाल ने कहा था कि मैं यहां सरकार चलाने नहीं आया हूं। मेरा मकसद सदन से जनलोकपाल बिल पारित करना है। उन्‍होंने कहा, भ्रष्टाचार मिटाने के लिए सीएम की कुर्सी 100 बार कुर्बान है। स्वराज बिल के लिए हजार बार कुर्बान है। मैं मुख्यमंत्री बनने नहीं आया हूं। मैं भ्रष्टाचार मिटाने आया हूं।