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सृजन महाघोटाला: अधिकारियों ने की 12 मामलों की समीक्षा

नव-बिहार न्यूज नेटवर्क (NNN),भागलपुर : सृजन महाघोटाले की प्रारंभिक जांच में एसआईटी ने 18 आरोपितों को सलाखों के पीछे भेज दिया है। इन सभी के खिलाफ आर्थिक अपराध ईकाई (ईओयू) की टीम ने काफी सबूत जुटाए थे। वहीं उन लोगों द्वारा पुलिस को दिए गए बयान में सभी ने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। सृजन घोटाले में अब तक की जांच के आलोक में पुलिस ने जिला कल्याण पदाधिकारी अरुण कुमार गुप्ता से लेकर डीएम के पीए कम स्टेनो प्रेम कुमार समेत अन्य 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं दूसरी प्राथमिकता में पुलिस साक्ष्य के आधार पर बने नए अभियुक्तों की धर-पकड़ के लिए विभिन्न ठिकानों पर छोपमारी की।

12 कांडों की हुई समीक्षा : एसएसपी के गोपनीय कार्यालय में शुक्रवार को सृजन घोटाले के 12 मामलों की समीक्षा हुई। एसएसपी ने बताया कि अब तक कुल 12 कांडों में 18 गिरफ्तारियां हुई हैं। इसमें अन्य अप्राथमिकी अभियुक्तों के खिलाफ वारंट जारी करने पर विचार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि चूंकि केस सीबीआई को जाना है इसका नोटिफिकेशन हो जाने के बाद अब कोई भी निर्णय बिना सीबीआई के साथ मिलकर नहीं लिया जा सकता। हालांकि आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। उन्होंने कहा कि ईओयू के एसपी राशिद जमा भी भागलपुर में दो दिनों से कैंप कर रहे हैं। समीक्षा बैठक में एसएसपी, ईओयू के एसपी समेत सिटी डीएसपी शहरियार अख्तर, कहलगांव डीएसपी रमानंद कौशल, डीएसपी लॉ एंड ऑर्डर राजेश सिंह प्रभाकर मौजूद थे।

राज्य के सीमावर्ती जिलों को भी किया गया है अलर्ट: एसएसपी ने कहा कि अमित, प्रिया के लिए राज्य के कई सीमावर्ती जिलों को अलर्ट कर दिया गया है। पुलिस का दावा है कि अमित और प्रिया कुमार विदेश भागने में सफल नहीं हो पाए हैं। वहीं नेपाल से सटे राज्य की सीमाओं पर भी दोनों के फोटो और पहचान भेज दिए गए हैं, ताकि उन दोनों को पहचाना जा सके।

दो के खिलाफ जारी हो चुका है लुक आउट नोटिस : सृजन मामले में अमित कुमार, प्रिया कुमार उर्फ रजनी प्रिया और राजीव रंजन सिंह के खिलाफ न्यायालय ने गिरफ्तारी वारंट पुलिस को जारी कर दिया है। पुलिस तीनों के खिलाफ गिरफ्तारी लगातार विभिन्न ठिकानों पर दबिश दे रही है।’