ताजा समाचार :

6/Posts/ticker posts

बीएसएनएल से होगी एक लाख कर्मचारियों की छुंट्टी

बढ़ते घाटे से परेशान सार्वजनिक क्षेत्र की दूरसंचार कंपनी बीएसएनएल ने एक लाख कर्मचारियों से छुटकारा पाने की योजना बनाई है। कंपनी इन्हें स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) के जरिये बाहर करने का रास्ता अपना सकती है। इस कदम से वेतन मद में 10-15 फीसद कमी आने की उम्मीद है। फिलहाल कंपनी अपनी आमदनी का
48 फीसद हिस्सा कर्मचारियों के वेतन पर खर्च कर रही है।
बीएसएनएल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि करीब एक लाख कर्मचारी ज्यादा हैं। कंपनी चाहती है कि ये कर्मचारी स्वैच्छिक सेवानिवृत्तिले लें। यदि इतने कर्मचारी वीआरएस लेते हैं तो कंपनी के वेतन खर्च में कमी आएगी। इससे खर्च का प्रबंधन करना आसान हो जाएगा। उनके मुताबिक कर्मचारियों की अधिकता के अलावा अधिकांश कर्मचारियों की उम्र ज्यादा है और उनमें जरूरी कौशल का अभाव है। ज्यादातर कर्मचारियों की उम्र 50 साल के करीब है। बदलती तकनीक और वक्त के मुताबिक इनके पास सेवाएं देने के लिए जरूरी कौशल नहीं हैं। 31 मार्च, 2011 तक कंपनी के कर्मचारियों की कुल संख्या 2.81 लाख थी।
सार्वजनिक क्षेत्र की इस टेलीकॉम कंपनी को वर्ष 2004-05 में 10,183 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। इसके बाद से ही इसमें कमी आनी शुरू हो गई थी। वर्ष 2010-11 में इसे 6,384 करोड़ रुपये का घाटा हुआ। 3जी स्पेक्ट्रम और ब्रॉडबैंड स्पेक्ट्रम पर हुए खर्च और कर्मचारियों के बढ़ते वेतन बोझ के कारण कंपनी को यह नुकसान हुआ। बीएसएनएल ने घाटा कम करने के लिए अगले पांच साल में रीयल एस्टेट परिसंपत्तिायों और टावरों की संख्या में कमी के जरिये 8,000 करोड़ रुपये जुटाने की योजना बनाई है।