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‘मोबाइल’ लेना हैं तो सितंबर तक रुकिए

मोबाइल ग्राहकों के लिए अच्छी खबर है। सितंबर से बाजार में बिकने वाले सभी मोबाइल फोन नए रेडिएशन स्टैंडर्ड के मुताबिक होंगे। नए रेडिएशन स्टैंडर्ड के लिए टेलिकॉम विभाग इंडियन टेलीग्राफ एक्ट के तहत नए नियम लेकर आ रहा है।
अब बाजार में बिकने वाला हैंडसेट ज्यादा सुरक्षित होगा। क्योंकि 1 सितंबर से देश में बिकने वाले मोबइल फोन की रेडिएशन सेफ लिमिट के अंदर होगी। दरअसल सरकार का मानना है कि बाजार में बिक रहे कई मोबाइल फोन से निकलने वाली रेडिएशन सेफ लिमिट से ज्यादा है। इसके लिए टेलिकॉम विभाग ने सभी कंपनियों को हर फोन पर रेडिएशन टैग लगाने के आदेश जारी कर दिए हैं।

नए रेडिएशन स्टैंडर्ड के मुताबिक मोबाइल हैंडसैट से निकलने वाली रेडिएशन यानी स्पेसिफिक एब्जर्पशन रेडिएशन (एसएआर) लिमिट 1.6 वैट प्रति किलोग्राम कर दी गई है यानी पहले के मुकबले सख्त कर दी गई है। मौजूदा में एसएआर लिमिट 2 वैट प्रति किलोग्राम है। अब तक हुए वैज्ञानिक रिसर्च के मुताबिक एसएआर लिमिट ज्यादा होने से ब्रेन ट्यूमर होने का खतरा हो सकता है।
नए रेडिएशन नियमों के मुताबिक मोबाइल कंपनियों को हैंडसेट की रेडिएशन लिमिट हैंडसेट पर एम्बॉस करनी होगी। साथ ही अपनी वेबसाइट पर ये जानकारी देनी होगी। टेलिकॉम विभाग टेस्टिंग स्टैंडर्ड तैयार कर रहा है। प्रस्तावित टेस्टिंग नियमों के मुताबिक अगर कोई हैंडसैट स्टेंडर्ड पर खरा नहीं उतरता है तो ऐसे मोबाइल सेट की बिक्री पर रोक लगाई जाएगी। जानकारों का मानना है कि इससे चीन से आ रहे घटिया क्वालिटी वाले सस्ते हैंडसेट्स पर रोक लगेगी।