भागलपुर जिले के गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र से जदयू के विधायक नरेंद्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल विवादित बयान देकर चर्चा में आ गए हैं। रविवार को विधायक ने कहा कि जो मेरे कार्यकर्ताओं को डराएगा या धमकाएगा उसकी मैं जीभ काट लूंगा और गोली मार दूंगा।
इतना ही नहीं उन्होंने इतना तक कह डाला कि एेसे लोगों की जीभ काटने में मुझे एक मिनट भी नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि एक समय था जब कोई फतवा जारी होता था, उस समय भी मैं बर्दाश्त नहीं करता था। अब तो मैं औकात वाला हो गया हूं, मेरा एक पैर जेल में रहता है और एक पैर बाहर रहता है। जेल गया तब ही नेता बना, पहले मैं गोपाल मंडल हूं फिर एमएलए हूं।
गोपाल मंडल रविवार को नवगछिया बाजार समिति के मैदान में आयोजित एक क्रिकेट प्रतियोगिता के समापन समारोह में शामिल होने पहुंचे थे और सभा को संबोधित करने के दौरान उन्होंने एेसी बातें कह डालीं।
कहा गोपाल मंडल ने -
विधायक ने कहा कि नरेंद्र मोदी, नीतीश-लालू की सरकार रहे न रहे, पर जो गोपाल मंडल को जलील करेगा उसे धरती पर रहने का अधिकार नहीं है। इस दौरान उन्होंने पूर्व विधायक ज्ञानेश्वर यादव और रामशरण यादव के समय की भी कई कहानियों का जिक्र किया।
उन्होंने कहा कि मैं गलत आदमी नहीं हूं। मुझ पर कीचड़ उछालने का हमेशा प्रयास किया जाता है। मैं पांच साल से दारू नहीं पी रहा हूं। डॉक्टरों ने मुझे दारू पीने से मना कर दिया है। मुझ पर दारू पीने का भी आरोप लगाया गया है।
उन्हाेंने कहा कि मुझे एक खास जाति वर्ग के लोगों ने वोट नहीं दिया फिर भी मैं विधायक बना। मैं अपने विधानसभा क्षेत्र के प्रत्येक आदमी का विधायक हूं। मैं लोगों को सम्मान देता हूं। मैं चाहता हूं कि लोग भी मुझे सम्मान दें। आगे उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मुझसे फत्तो प्रकरण के बारे में पूछा था।
गोपाल मंडल ने भवानीपुर के फत्तो पंडित प्रकरण की पूरी कहानी बयां करते हुए विरोधियों पर कड़ा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि मैं पूर्णिया में था। मेरे भांजे मसुदनपुर वैसी में सुबोध मंडल के यहां एक समारोह था। मुझे फोन आया कि आना है। मैं अपने परिवार और पड़ोस के भतीजी के साथ समारोह में गया। वहां से लौटने के क्रम में मेरी भतीजी को लघुशंका लगी।
फत्तो पंडित के घर के पास मैंने गाड़ी रुकवायी और आवाज लगायी। फत्तो पंडित दरवाजे पर कंबल ओढ़ कर सोए थे। मेरे आवाज लगाने पर फत्तो ने पूछा कि आप कौन हैं। मैंने कहा कि गोपाल मंडल हूं। इस पर उसने कहा कि कौन गोपाल मंडल, मैंने कहा विधायक गोपाल मंडल। इस पर फत्तो मंडल ने कहा कि कौन विधायक, फिर मैंने सोचा कि फत्तो बाबा जी हैं। वोट भी नहीं दिया और विधायक को भी नहीं पहचानते हैं।
इसी बात पर मैंने उन्हें हड़काया और कहा कि सुबह तुमको पीटेंगे। सुबह होने पर पता चला कि फत्तो पंडित हमारे ही वोटर हैं। फत्तो ने कहा कि मैंने आपको ही वोट दिया है, तीर पर वोट दिया है, तो मैंने माफी भी मांग ली। इसके बाद भवानीपुर के भाजपा वालों ने बात का बतंगड़ बना दिया और मामले को तूल दे दिया।
