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बीजेपी नेता विजय जॉली पर FIR, दोषी मिले तो दो साल तक की सजा


दिल्ली बीजेपी के नेता विजय जॉली ने गुरुवार को तहलका की पूर्व मैनेजिंग एडिटर शोमा चौधरी के घर पर जमकर हंगामा किया। उन्होंने न सिर्फ शोमा के घर के बाहर कालिख पोती बल्कि उनकी नेमप्लेट पर आरोपी भी लिख दिया। यही नहीं शोमा जब अपने घर से निकलीं तो बीजेपी कार्यकर्ताओं ने उनकी कार को रोककर नारेबाजी भी की। जॉली का आरोप है कि शोमा चौधरी लगातार बलात्कार कांड में फंसे तरुण तेजपाल को बचाने की कोशिश कर रही हैं। जॉली की इस हरकत पर कड़ी प्रतिक्रिया हुई है। खुद बीजेपी ने भी इसकी निंदा की है।
बीजेपी के पूर्व विधायक विजय जॉली, दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता भी हैं। वे तमाम समर्थकों के साथ गुरुवार सुबह चुनाव प्रचार के लिए निकले थे जब उन्होंने शोमा के घर के बाहर टीवी चैनलों का जमावड़ा देखा। शोमा चौधरी के तहलका से इस्तीफे की खबर आ गई थी जिसके बाद ऐसा स्वाभाविक था। कैमरा देखकर जॉली से रहा नहीं गया और उन्होंने वो रोल निभाना शुरू कर दिया जो आमतौर पर फिल्मों में विलेन या उसके गुर्गों के लिए लिखा जाता है।
इस बीच वहां मौजूद पुलिस वाले तमाशा देखते रहे। ये जरूर है कि जब जॉली ने घर में घुसने की कोशिश की तो उन्हें रोका गया। जॉली के एक्शन यूं भी कैमरे के लिए ही थे, लिहाजा उन्होंने कदम पीछे खींच लिए। इस बीच शोमा चौधरी घर से बाहर निकलीं तो उनकी कार को घेरकर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हंगामा किया। न्यूज चैनलों के पर्दे पर इन तस्वीरों को देखकर लोग हैरान रह गए। महिला आयोग ने इसे महिलाओं के सम्मान के साथ खिलवाड़ मानते हुए सख्त टिप्पणी की।
उधर, राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी इस घटना की तीखी प्रतिक्रिया हुई है। पार्टी नेता शोभा ओझा ने कहा कि ये बीजेपी की गुंडागर्दी है जो सहन नहीं की जा सकती। अगर शोमा चौधरी उनके सामने पड़ जातीं तो वो ना जाने क्या कर जाते। ये दिखाता है कि बीजेपी किस हद तक गिर सकती है। हम तहलका मामले में तेजपाल और शोमा की भूमिका के खिलाफ हैं लेकिन एक महिला के साथ ये बर्ताव सहन नहीं हो सकता।
कांग्रेस ने कहा कि हम जौली के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हैं। लेकिन विजय जॉली को अपनी हरकत का कोई अफसोस नहीं है। उन्होंने कहा कि ये मामला एक महिला के सम्मान से जुड़ा है। मैं दिल्ली का नागरिक पहले हूं और इस घटना से मेरे मन में गुस्सा है। मैं इसके लिए कोई भी सजा भुगतने को तैयार हूं।
विजय जॉली जो कहें लेकिन चुनाव प्रचार के दौरान मचे इस हंगामे ने बीजेपी को बैकफुट पर ला दिया। पार्टी ने तुरंत इस कार्रवाई से अपने को अलग दिखाने की कोशिश की। पार्टी नेता सुषमा स्वराज ने कहा कि पार्टी का इससे कोई लेना-देना नहीं है। ये असभ्य तरीका है। उन्होंने कहीं न कहीं इसकी हलकी चर्चा मुझसे और अरुण जेटली से की थी और मैंने उन्हें मना किया था। मैं इसकी निंदा करती हूं। पार्टी अध्यक्ष से बात करके इस मुद्दे पर कार्रवाई का फैसला लिया जाएगा।
बाहरहाल, विजय जॉली के कारनामे ने उन्हें कानून के कठघरे में भी खड़ा कर दिया है। उनके खिलाफ दिल्ली के साकेत थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। उनपर आईपीसी की धारा 427 लगाई गई है। इसके तहत किसी को पचास रुपये से अधिक नुकसान पहुंचाने पर दो साल तक की सजा या जुर्माना हो सकता है। इसके अलावा उनपर अवरोध पैदा करने का मामला भी दर्ज किया गया है। शोमा चौधरी ने भी हंगामे के बाद विजय जॉली की शिकयत राष्ट्रीय महिला आयोग से की। आयोग ने उनकी शिकायत दिल्ली पुलिस को भेजते हुए शोमा चौधरी को पूरी सुरक्षा देने और जॉली की खिलाफ जल्द कार्रवाई करने को कहा था।
साफ है कि शोमा चौधरी को आरोपी करार देने की जल्दबाजी में विजय जॉली खुद आरोपी बनते नजर आ रहे हैं। उन्होंने राजनीति के गिरते स्तर को थोड़ा और नीचे पहुंचा दिया है। देखना ये है कि बीजेपी विजय जॉली के खिलाफ कब और क्या कार्रवाई करती है।