भारतीय हिंदी नववर्ष के मौके पर योगपीठ से निकाली गई स्वागत शोभायात्रा
नवगछिया स्थित श्रीशिवशक्ति योगपीठ के तत्वधान में भारतीय हिंदी नववर्ष के मौके पर योगपीठ के पीठाधीश्वर परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज के सानिध्य में नववर्ष स्वागत शोभायात्रा निकाली गई। इस क्रम में श्रद्धालुओं के साथ स्वामी आगमानंद जी महाराज ने योगपीठ से पकरा, तेतरी, नवगछिया जीरो माइल, बस स्टैंड, मकंदपुर चौक, सिंघिया मकंदपुर, गोसाईं गांव, पकरा के रास्ते अपने आश्रम की परिक्रमा की। इसके बाद शोभायात्रा के क्रम में स्वामी आगमानंद जी महाराज ने तेतरी दुर्गा मंदिर जा कर माता कीपूजा अर्चना भी की। जहां पंडित अजित पांडेय ने उन्हें रामचरित मानस भेंट की। तेतरी दुर्गा मंदिर से स्वामी आगमानंद जी महाराज सफेद घोड़ों से सुसज्जित एक विशेष रथ पर सवार होकर श्रद्धालुओं के साथ साहू परवत्ता पेट्रोल पंप स्थित विश्राम स्थल के लिए रवाना हो गए। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शोभायात्रा में शरीक हुए। जो रास्ते भर नववर्ष मनाने को लेकर खासे उत्साहित लग रहे थे। इस नववर्ष शोभायात्रा का समापन साहू पेट्रोल पंप के समीप विश्राम स्थल पर हुआ। जहां साहू परवत्ता के पूर्व मुखिया अवधेश साहू, प्रमुख व्यवसायी नीरज साहू, पेट्रोल पंप संचालक धीरज साहू, फ्लावर मिल संचालक पीयूष साहू, महेश साहू इत्यादि ने स्वामी आगमानंद जी महाराज सहित शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं का स्वागत किया तथा सभी को अल्पाहार भी कराया।
वहीं मौके पर श्रीशिवशक्ति योगपीठ के पीठाधीश्वर स्वामी आगमानंद जी महाराज ने अपने सभी श्रद्धालुओं और शिष्यों तथा अनुयायियों को संबोधित करते हुए बताया कि वास्तव में चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को ही नववर्ष मनाना चाहिए। जिस समय प्रकृति और पृथ्वी भी नववर्ष मनाती है। इस समय जीवों को प्राण वायु प्रदान करने वाले पीपल वृक्ष में भी नये पत्ते आकर हरे भरे हो जाते हैं। इसके साथ ही अन्य वृक्ष भी हरे भरे हो जाते हैं। खेतों में भी हरियाली छा जाती है। इस समय नववर्ष के अनेकानेक उदाहरण सामने आते हैं। फिर भी कुछ लोग पहली जनवरी को ही अज्ञानता वश नववर्ष मनाते हैं। जिसे हमें नहीं मनाना है। उसका बहिष्कार और तिरस्कार कर हम भारतीयों को तो शास्त्र सम्मत चैत्र शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा को ही नववर्ष मनाना चाहिए।