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प्राथमिक विद्यालय दूर हुआ तो 182 बच्चों ने विद्यालय छोड़ दिया विद्यालय जाना

प्राथमिक विद्यालय दूर हुआ तो 182 बच्चों ने विद्यालय छोड़ दिया विद्यालय जाना 
कहलगांव प्रखंड अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय आमापुर कुलकुलिया का भवन करीब 16 साल से जर्जर है। इसके जर्जर होने के कारण पहले एनएच 80 के किनारे स्थित एक यात्री शेड में बच्चे पढ़ते थे। जहां धूल उड़ने से जब बच्चे बीमार पड़ने लगे, तो अभिभावकों ने इसका विरोध किया। इसके बाद 4 साल से इस स्कूल को शिक्षा विभाग ने 2 किलोमीटर दूर प्राइमरी स्कूल हरिजन टोला में शिफ्ट कर दिया। इस स्कूल में जहां 350 बच्चे पहले नामांकित थे, अब 2 किलोमीटर दूर स्कूल हो जाने से इसकी संख्या घटकर 168 हो गई है।
वहीं अभिभावकों का कहना है कि दूरी बढ़ने के कारण बच्चों को स्कूल नहीं भेज पा रहे हैं। स्कूल जाने के लिए बच्चों को एनएच होकर 2 किलोमीटर पैदल जाना पड़ता है। इससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विभाग ने स्कूल के नए भवन निर्माण के लिए 2008 में एक लाख पचास हजार की राशि आवंटित की थी। जिसकी पहली किस्त तत्कालीन प्रधानाध्यापक पंकज चौधरी के खाते में ₹7 लाख 58 हजार विभाग ने भेजा भी। इसके बाद नए भवन का निर्माण शुरू हुआ, जो अब तक अधूरा ही है।
 प्रभारी प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार मंडल ने बताया कि दूरी बढ़ने के कारण बच्चे स्कूल नहीं आते हैं। विभाग से कई बार अधूरे भवन को पूरा कराने की गुहार लगाई गई है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं हो पाई है। वही प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी बीके चौधरी ने बताया कि स्कूल के नए भवन निर्माण के लिए विभाग को प्रस्ताव भेजा गया है। स्कूल को पुनः मूल विद्यालय में लाने के लिए ग्रामीणों ने आवेदन दिया था। आदेश आते ही स्कूल को मूल विद्यालय में स्थानांतरित कर दिया जा सकता है।