नव-बिहार न्यूज नेटवर्क (NNN)। भागलपुर जिले में सरकारी खाते से जालसाजी कर सरकारी राशि की अवैध निकासी (सृजन महाघोटाला) को लेकर
जमुई प्रशासन गंभीर हुआ है। वित्त विभाग के प्रधान सचिव सुजाता चतुर्वेदी, मुख्य सचिव अंजनी कुमार सिंह ने बैंक खातों में संचित राशि की समीक्षा कर प्रतिवेदन भेजने का निर्देश डीएम को दिया है।
प्रधान सचिव और वित्त सचिव के निर्देश पर बैंक खातों में संधारित राशि की जांच के लिए सोमवार को कलेक्ट्रेट के संवाद कक्ष में पदाधिकारियों की बैठक हुई। बैठक की अध्यक्षता डीएम डा. कौशल किशोर ने की। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि सभी बैंक खातों का अद्यतन बैंक स्टेटमेंट प्राप्त कर रोकड़ बही से उसका मिलान किया जाए।
किसी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस मामले में अधिकारी कोताही न बरते। सरकार के निर्देशों का अनुपालन करें। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि बैंक खातों संधारित सरकारी राशि की शुद्धता की जांच नियमित की जाएगी। प्रति माह जांच करने के बाद इसका रिपोर्ट वित्त विभाग को भेजा जाएगा।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि बैंक खातों के संधारित राशि और उसमें संचित राशि की जांच कर प्रपत्र ए के तहत प्रतिवेदन जमा करें ताकि 28 अगस्त को प्रधान सचिव और वित्त विभाग के पास भेजा जा सके। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि प्रपत्र बी के तहत वित्त विभाग को यह भी सूचना उपलब्ध कराना है कि किन-किन बैंकों में सरकारी खाता आगे चालू रखा जाएगा। वहीं यह भी कहा गया कि जिन बैंक खातों का संचालन बंद कर दिया गया है उनमें संचित राशि अथवा पीएलपीबी खाते में जमा करने के लिए समस्त कार्रवाई 11 सितंबर तक पूरा किया जाना है। प्रपत्र सी के तहत इसकी सूचना वित्त विभाग को भेजनी है।