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चुनावी खबर : असम की पांच सीटों पर 76 और त्रिपुरा की एक सीट पर 85 फीसदी वोटिंग


देश में नौ चरणों में होने जा रहे चुनाव के पहले चरण में सोमवार को असम और त्रिपुरा में मतदाताओं ने भरपूर उत्साह दिखाया. 14 लोकसभा सीटों वाले असम के पांच और त्रिपुरा के दो में से एक निर्वाचन क्षेत्र में सोमवार को मतदान हुआ. असम में कम से कम 72.5 प्रतिशत और त्रिपुरा में 84 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया. दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने अपने राज्य में मोदी लहर का असर होने से इनकार किया है.
 देश के 28 राज्यों और सात केंद्र शासित प्रदेशों में लोकसभा चुनाव नौ चरणों में कराया जा रहा है. सोमवार से शुरू हुई मतदान की प्रक्रिया 12 मई को पूरी होगी और परिणाम 16 मई को जारी होंगे. देश के 81 करोड़ 40 लाख योग्य मतदाता अगली सरकार चुनने के लिए मतदान करेंगे.
 चुनाव आयाग ने नई दिल्ली में कहा कि 5 बजे शाम तक असम में 72.5 प्रतिशत मतदान हुआ है और इसमें और वृद्धि की उम्मीद है, क्योंकि मतदाता कतार में लगे हुए थे. त्रिपुरा में शाम 5 बजे तक 84 प्रतिशत मतदान हो गया था.
 आयोग के अधिकारी ने कहा, "शाम 5 बजे तक 72.5 प्रतिशत मतदान हो चुका था..इसके 75 प्रतिशत पार कर जाने की उम्मीद है."
 असम में इससे पहले हुए लोकसभा चुनाव-2009 में 69.9 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि त्रिपुरा के इस लोकसभा सीट पर मतदान 86 फीसदी था.
 अधिकांश मतदान केंद्रों पर मतदान सुबह सात बजे ही शुरू हो गया, जबकि कलियाबोर और तेजपुर लोकसभा क्षेत्रों में कुछ केंद्रों पर इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) में गड़बड़ी के कारण मतदान प्रक्रिया में थोड़ी देरी हुई.
 मतदान के दिन उग्रवादी संगठन युनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) की स्थापना के 35 साल पूरे हो गए. सभी पांचों संसदीय सीटों पर मतदान शांतिपूर्ण रहा.
 सबसे अधिक मतदान तेजपुर में दर्ज किया गया है, यहां 53.89 फीसदी मतदान हुआ है, इसके बाद कलियाबोर में 51.04 फीसदी, लखीमपुर में 49.43 फीसदी, जोरहाट में 48.02 फीसदी और डिब्रूगढ़ में 45.82 फीसदी मतदान हुआ है.
 देश की 16वीं लोकसभा के लिए नौ चरणों में होने वाले मतदान के प्रथम चरण के तहत असम की 14 में से पांच लोकसभा क्षेत्रों- तेजपुर, जोरहाट, कलियाबोर, डिब्रूगढ़ और लखीमपुर के लिए मतदान कराया गया है. इन निर्वाचन क्षेत्रों में करीब 64 लाख मतदाताओं के लिए 8,588 मतदान केंद्र बनाए गए थे.
 असम में पहले चरण के चुनाव में 51 उम्मीदवार मैदान में हैं. जोरहाट से 10, तेजपुर से नौ, कलियाबोर और लखीमपुर से 13-13 और डिब्रूगढ़ से छह प्रत्याशी मैदान में हैं.
 असम की शेष लोकसभा सीटों के लिए 12 अप्रैल और 24 अप्रैल को मतदान होंगे. 12 अप्रैल को होने वाले मतदान में लोकसभा के तीन सदस्यों और 24 अप्रैल को होने वाले मतदान में छह सदस्यों का निर्वाचन होगा.
 असम में सोमवार को पहले चरण के मतदान के तहत जिन उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होना है, उनमें मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के बेटे गौरव गोगोई और कांग्रेस के निवर्तमान सांसद बिजोय कृष्ण हांडिक तथा वरिष्ठ वामपंथी नेता द्रुपद बोर्गोहैन, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रदेश अध्यक्ष सर्बानंद सोनोवाल और जनजाति मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री रानी नाराह, केंद्रीय मंत्री पवन सिंह घटोवार (कांग्रेस), रामेश्वर तेली (भाजपा) तथा अनूप फूकन (असम गण परिषद) हैं.
 त्रिपुरा में त्रिपुरा पश्चिम के 12 लाख मतदाताओं में से 80 प्रतिशत से ज्यादा शाम 5 बजे तक मतदान कर चुके थे. एक मात्र वाम मोर्चा शासित प्रदेश में दो में एक पर सोमवार को मतदान कराया गया है.
 त्रिपुरा के मुख्य निर्वाची अधिकारी आशुतोष जिंदल ने आईएएनएस से कहा, "साफ मौसम ने मतदाताओं की भागीदारी बढ़ाई. 1605 मतदान केंद्रों में से अधिकांश पर लंबी कतारें देखी गई."
 जिंदल ने कहा कि किसी भी दल की ओर से कोई बड़ी शिकायत नहीं की गई है.
 त्रिपुरा में जनजाति के लिए आरक्षित सीट त्रिपुरा पूर्वी के लिए 12 अप्रैल को मतदान कराया जाएगा.