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बिहार के विकास की चर्चा लंदन तक

लंदन के एक सेमिनार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार के विकास को अद्वितीय बताया गया है। विशेषज्ञों ने कहा कि विकास कार्यो के चलते सूबे में रोजगार के असंख्य अवसर पैदा हुए हैं। ऐसे में अब श्रमिकों का राज्य से बाहर जाना रुका है। इससे राष्ट्रीय स्तर पर निर्माण क्षेत्र में मजदूरों का संकट पैदा हो गया है।
यह सेमिनार सिटी आफ लंदन की तरफ से आयोजित था। इसको संबोधित करते हुए सिक्यूरिटी एंड एक्सचेंज बोर्ड आफ इंडिया (सेबी) के पूर्व अध्यक्ष सीबी भावे ने कहा कि बिहार में बेहतर होती स्थितियों में रोजगार के तमाम अवसर पैदा हुए हैं। इससे अब रोजी रोटी के लिए दूसरे राज्यों में जाने वालों की संख्या में खासी गिरावट आयी है। राष्ट्रीय स्तर पर इसका निर्माण उद्योग पर विपरीत असर पड़ा है। इस क्षेत्र में मजदूरों की भारी कमी आ गयी है। अभी तक निर्माण उद्योग में श्रमिकों की अधिकांश जरूरत बिहार से ही पूरी होती आयी है।
सेमिनार में भारत व ब्रिटेन के चोटी के अर्थशास्त्रियों ने भारत की अर्थव्यवस्था पर व्यापक चर्चा की। इसमें पिछले हफ्ते केंद्र सरकार द्वारा एफडीआइ की स्वीकृति तथा डीजल मूल्यों में वृद्धि के मसलों पर भी चर्चा हुई। वैसे सेमिनार के केंद्र में बिहार में विकास का ही मुद्दा रहा।
डेवलपमेंट क्रेडिट बैंक के चेयरमैन नासर मुंजी ने कहा कि बिहार के शहरी इलाकों में तेजी के साथ स्थितियां बदली हैं लेकिन ग्रामीण इलाकों में अभी बहुत कुछ किया जाना शेष है। आर्थिक विकास के मामले में राज्यों के बीच होड़ के मुद्दे पर नेशनल इंस्टीच्यूट आफ पब्लिक फाइनेंस एंड पालिसी के अजय शाह ने कहा कि इसका सकारात्मक परिणाम होंगे। हालांकि भारतीय संदर्र्भो में इसे अभी लंबा रास्ता तय करना है।