मानव जीवन सबसे बड़ा दुर्लभ जीवन है। जो काफी समय और परिश्रम के बाद ही संभव हो पाता है। इसी जीवन में मानव सत्संग का सहारा लेकर मोक्ष को प्राप्त कर सकता है। इसी जीवन में सत्संग के सहारे उसकी मनोवृत्ति अच्छी हो सकती है। इस दौरान भागवत कथा को सुनने से ज्ञान की प्राप्ति होती है। जिसका अनुकरण करने पर जीवन धन्य हो जाता है। उक्त बातें नवगछिया स्थित राजेन्द्र कॉलोनी में आयोजित श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के आठवें दिन वृंदावन के सरल संत नारायण दास जी महाराज राधेय ने कही।
सर्वधर्म समन्वय सनातन भागवत परिवार की ओर से इस कथा ज्ञान के प्रात: शनिवार को शहर के नया टोला क्षेत्र में ठाकुर जी की प्रतिमा के साथ प्रभात फेरी भी निकाली गई। जहां रास्ते में जगह-जगह घरों में ठाकुर जी का पूजन भी किया गया। पूरा इलाका राधे-राधे से गुंजायमान रहा। कार्यक्रम की सफलता हेतु मुकेश राणा, पवन पासवान, कुंदन सिंह, अन्नपूर्णा सिंह समेत दर्जनों लोग लगे थे।