कलियुग में ईश्वर से साक्षात्कार का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग सत्संग और नामस्मरण ही है : स्वामी आगमानंद
राजेश कानोड़िया, भागलपुर। कलियुग में ईश्वर से साक्षात्कार का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग सत्संग और नामस्मरण ही है। सत्संग ही वह मार्ग है, जिससे मनुष्य ईश्वर की ओर अग्रसर होता है। ये बातें जगद्गुरु रामानुजाचार्य श्री रामचंद्राचार्य परमहंस स्वामी आगमानंद जी महाराज ने कही। मौका था जमसी में कल्याणकारी सत्संग के आयोजन का। जिसका उद्घाटन दीप प्रज्वलित कर किया गया। जहां स्वामी आगमानंद जी महाराज ने सत्संग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने श्रद्धालुओं को नाम जप करने की प्रेरणा देते हुए ये बातें कही। इनके सानिध्य में ही यह आयोजन किया गया था। इस आध्यात्मिक कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और भक्ति रस में डूब गए। कार्यक्रम का आयोजन आध्यात्मिक वातावरण में संपन्न हुआ, जिसमें भजन, प्रवचन और गुरु वंदना ने सभी को भावविभोर कर दिया। संयोजन पीएन सिंह, मृत्युंजय कुमार सिंंह और विकास द्वारा किया गया। मंचीय संचालन की जिम्मेदारी दिलीप शास्त्री ने निभाई, जिन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से आगे बढ़ाया।
स्वामी आगमानंद जी ने यह भी कहा कि सत्संग में संतों के प्रवचन सुनने से न केवल वर्तमान जीवन का कल्याण होता है, बल्कि पूर्वजों का भी उद्धार होता है। उन्होंने कहा कि सत्संग के दौरान पूर्वज सूक्ष्म रूप में उपस्थित रहते हैं और संतों की वाणी से वे भी प्रसन्न होते हैं। इससे संपूर्ण परिवार और पीढ़ियों का कल्याण होता है। आगमानंद महाराज ने “रघुपति राघव राजा राम, पतित पावन सीता राम, “राम-कृष्ण है तेरो नाम, सबको सन्मति दे भगवान” भजन का गायन किया। इन भजनों पर श्रद्धालु भावविभोर होकर झूम उठे और पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया।
अन्य संतों और वक्ताओं की सहभागिता
स्वामी जीवनानंद महाराज, कुंदन बाबा, पंडित प्रेम शंकर भारती, भजन सम्राट डॉ. हिमांशु मोहन मिश्र दीपक और आचार्य पंकज अर्थव ने भी अपने विचार रखे। गीतकार राजकुमार ने कहा कि संत का क्षण और अन्न का कण कभी भी बर्बाद नहीं करना चाहिए।
20 से 31 मई तक चलेगा महायज्ञ
आचार्य पंकज अर्थव ने बताया कि 20 से 31 मई तक भागलपुर में श्री श्री 108 लक्ष्मी पीतांवरा महायज्ञ का आयोजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह धार्मिक आयोजन भगवती की कृपा से संभव हो रहा है।
भजन संध्या और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
भजन सम्राट डॉ. हिमांशु मोहन मिश्र दीपक ने अपनी मधुर वाणी से कई भजन प्रस्तुत किए, जिनमें “गाइए गणपति जग वंदन”, “जरा बोलो मेरी माँ”, “तेरा राम जी करेंगे बेड़ा पार” और “बस राम का नाम लिए जा” “हमारी स्वामनी वो हैं जो सब रानिन में महारानी” प्रमुख रहे। साढ़े चार घंटे तक उनकी प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्ति भाव से सराबोर कर दिया। वाद्ययंत्र संगत और कलाकारों की भूमिका कार्यक्रम में तबला पर आकाशवाणी कलाकार प्रो. गोपाल कृष्ण मिश्र और ऑर्गन पर आकाशवाणी कलाकार ओमप्रकाश मंडल ने संगत की। इसके अलावा शिव शक्ति योग पीठ से जुड़े पवन दुबे ने गुरु वंदना प्रस्तुत कर वातावरण को और आध्यात्मिक बना दिया। तबला वादक गोपाल जी ने कन्हैया तुझे एक नजर देखना है से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया।
विशिष्ट अतिथि और समापन
इस अवसर पर प्रेमानंद सिंह, दयानंद सिंंह, मनीष कुमार सिंह, कृष्णानंद सिंंह, धनंजय सिंह, सिंंह, आत्मा भागलपुर के परियोजना निदेशक प्रभात कुमार सिंह, जिला बॉस्केटबॉल एसोसिएशन के सचिव सौरभ कुमार, पीयूष तिवारी और स्वीटी शेखर सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया और भक्ति भाव के साथ आयोजन का समापन हुआ।