राजेश कानोडिया
महिलाओं का साहस । गंगा पार नवगछिया में कभी दहलीज से बाहर पैर नहीं रखने वाली महिलाएं आज अपने पति के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है। कई महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में उंचाई छू रही है। यह स्थिति सुरसा की तरह लगातार बढ़ रही महंगाई और खर्च का सामना करने के लिए पैदा हुई है। इससे लड़ने के लिए महिलाओं ने कमर कसना शुरू कर दिया है। इसके लिए अब महिलाओं ने व्यवसाय के क्षेत्र में कूदना प्रारंभ कर दिया है। जिसके तहत कुछ ने तो चौखट के अंदर ही रहकर व्यवसाय प्रारंभ कर दिया है। वहीं कुछ चौखट के बाहर कदम रख कर अपना व्यवसाय करने लगी है। महिलाओं के इस हौसले को देख उनके पति भी समय-समय पर उनकी मदद करने से पीछे नहीं हटते। नवगछिया में महिलाओं के इन कदमों की समाज द्वारा सराहना भी हो रही है।
बीमा व्यवसाय : इस क्षेत्र में जहां पुष्पा कुमारी ने अपना परचम लहराया है। वहीं शोभा देवी, यशोदा कुमारी एवं विनीता देवी भी बीमा व्यवसाय के क्षेत्र में उतर चुकी है।
कैरी बैग व्यवसाय : इस क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट कर्मी की पत्नी को कंधे पर झोला लटकाए रोजाना शहर में देखा जा सकता है। जो सारे फुटकर बिक्रेताओं को कैरी बैग उपलब्ध कराती है।
ब्यूटी पार्लर : इस क्षेत्र में भी नवगछिया की महिलाएं काफी आगे है। जूही ब्यूटी पार्लर, उर्वशी ब्यूटी पार्लर तथा मुस्कान ब्यूटी पार्लर सहित दर्जनों ब्यूटी पार्लर महिलाओं द्वारा संचालित हो रही है।
कपड़ा व्यवसाय : इस क्षेत्र में पूनम साड़ी सेंटर ने अपना सिक्का जमाना शुरू कर दिया है। पीछे-पीेछे पहनावा भी चला रही है बाल भारती के प्राचार्य मुरारी पंसारी की पत्नी।
बुटीक व्यवसाय : इस व्यवसाय में भी नवगछिया की महिलाओं ने कदम बढ़ाना शुरू कर दिया है। जिसमें कुसुमलता मुनका, वीणा खेमका एवं मंजुलता पंसारी प्रमुख है।
शिक्षा व्यवसाय : इस क्षेत्र में शिखा कानोडिया ने गंगा पार किड्स प्ले स्कूल खोल कर नन्हे बच्चों के लिए नया आयाम स्थापित कर दिया है।
श्रृंगार प्रसाधन व्यवसाय : इस क्षेत्र में गरीब दास ठाकुरबाड़ी रोड में मनीता देवी ने श्रृंगार घर खोलकर चूड़ी, मेंहदी व अन्य श्रृंगार प्रसाधन सामग्री महिलाओं को उपलब्ध कराने की कोशिश प्रारंभ कर दी है।