नवगछिया अनुमंडल अंतर्गत खरीक के कोसी तटीय क्षेत्रों में समुचित कटाव निरोधी कार्य नहीं होने पर 16 जुलाई को बिहपुर के विधायक ई कुमार शैलेंद्र व खरीक उत्तरी क्षेत्र के जिला पार्षद गौरव राय
अपने सर्मथकों के साथ पीपरपांती कोसी तट पर एक दिवसीय सांकेतिक अनशन पर बैठेंगे.
दोनों नेताओं ने कहा है कि अगर 16 जुलाई के बाद भी जल संसाधन विभाग लापरवाह रहता है तो पांच दिनों के बाद ही अनिश्‍चित कालीन अनशन किया जायेगा. इससे पूर्व विधायक व पार्षद ने खरीक के कोसी तटों का निरीक्षण किया. निरीक्षण के क्रम में विधायक श्री शैलेंद्र ने कहा कि पीपरपांती में जमीनदारी बांध कोसी नदी के एकदम नजदीक आ गया है. पीपरपांती में ज्ञानदेव यादव के घर के समीप और पीपरपांती घाट पर तीव्र कटाव जारी है. जल संसाधन विभाग स्थल पर सिर्फ बेडवार बनाने का काम कर रहा है. यह कोसी के कटाव को रोकने में बिल्कुल सक्षम नहीं है. करीब 200 मीटर क्षेत्र में यहां पर कटाव हो रहा है. जमीनदारी बांध के कटाव का भी खतरा है. कहीं कहीं पर कोसी नदी की दूरी बांध से पांच फीट से दस फीट ही रह गयी है.
उन्होंने कहा कि अगर बांध कटता है, तो आने वाले दिनों में सिर्फ खरीक प्रखंड ही नहीं पूरे अनुमंडल को बाढ. का सामना करना पडे.गा. सबसे पहले नवगछिया बाजार में बाढ. का पानी प्रवेश करेगा. इसलिए इस विषय पर अब इलाके के लोग मौन नहीं रहेंगे और विभाग की निंद्रा को तोड.ा जायेगा. पीपरपांती में पर्याप्त बचाव कार्य करना होगा. विधायक ने स्थल से ही जल संसाधन विभाग के मंत्री विजय कुमार चौधरी से बात की और पीपरपांती के हालात से उन्हें अवगत कराया. मंत्री ने उन्हें समुचित कार्य करवाने का अश्‍वासन भी दिया. मौके पर जिला पार्षद ने कहा कि इस समस्या पर लोगों को दलगत भावना से ऊपर उठ कर आगे आना चाहिए. इस मौके पर मनीष कुमार, सोनू राय, ज्ञानदेव यादव, निर्मल यादव, वेदानंद यादव आदि मौजूद थे.
मुख्य अभियंता ने सहायक अभियंता के साथ किया निरीक्षण
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता कैलू सरदार ने सहायक अभियंता विवेकानंद आर्य के साथ पीपरपांती गांव का निरीक्षण किया. श्री सरदार ने स्वीकार किया कि पीपरपांती घाट और ज्ञानदेव यादव के घर के समीप कटाव हो रहा है. जमीनदारी बांध को मजबूत बनाने की बात पर उन्होंने कहा कि यह विभाग के कार्य क्षेत्र में नहीं आता है. फिलहाल कोसी की स्थिति ठीक है. जो कार्य होना चाहिए वह विभाग के स्तर से किया जा रहा है. पूरे तट की एक वीडियो फिल्म बनायी जायेगी और उसे विभाग को भेजा जायेगा. इसके बाद जो भी दिशा निर्देश मिलेगा उसके अनुसार कार्य किया जायेगा.