ताजा समाचार :

6/Posts/ticker posts

दिल्ली-महाराष्ट्र में दवाई खाकर, तमिलनाडु में मिड डे मील से 100 बच्चे हुए बीमार

बिहार में 23 बच्चों की मौत की घटना के बाद भी देशभर के स्कूलों में मिड-डे मील और अन्य योजनाओं को लेकर लापरवाही सामने आ रही है। ताजा मामले में तमिलनाडु में जहां मिड-डे मील खाकर सौ से ज्यादा
छात्राओं की हालत बिगड़ गई तो महाराष्ट्र में दूषित पानी पीने से 34 स्कूली बच्चे बीमार पड़ गए। यही नहीं देश की राजधानी दिल्ली में भी आयरन और फोलिक एसिड की गोलियां खाने के बाद एक दर्जन से ज्यादा बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उधर, ओड़िशा के एक सरकारी हॉस्टल में रात्रि का खाना खाने के बाद 12 बच्चों की तबियत खराब हो गई।
तमिलनाडु के कुडालोर जिले में नेवेली लिगनाइट कॉरपोरेशन द्वारा संचालित ग‌र्ल्स हाई स्कूल में मिड-डे मील के अंतर्गत बांटे गए अंडे को खाने से 105 छात्राओं की तबियत खराब हो गई। ये सभी कक्षा सात और आठ की छात्राएं हैं। इन्हें एनएलसी अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में बच्चों के डॉक्टर श्रीधरन ने बताया कि सभी छात्राएं खतरे से बाहर हैं। अधिकारियों ने बताया कि अंडे को खाते ही छात्राएं उल्टी करने लगीं और कुछ तो बेहोश हो गईं। इसे देखते हुए वितरण रोक दिया गया।
वहीं, महाराष्ट्र के धूले जिले में निजी स्कूल में दूषित पानी पीने से 13 छात्राओं समेत 34 बच्चे बीमार पड़ गए। पुलिस ने बताया कि तावखेड़ा गांव स्थित कस्तूरबा आश्रम स्कूल में टैंकर से पानी की आपूर्ति की गई थी। इस पानी को पीने के बाद उल्टी और दस्त की शिकायत आने लगी। धूले सिविल अस्पताल से चिकित्सकों की टीम ने पहुंचकर बच्चों का उपचार किया। दो बच्चों को अस्पताल भर्ती कराना पड़ा। इन बच्चों की उम्र 8 से 12 साल है। इस स्कूल में पहली से दसवीं तक की पढ़ाई होती है। उधर, ओड़िशा के बालासोर जिले के नीलागिरी में गरीब बच्चों के सरकारी हॉस्टल में भी इसी तरह की घटना सामने आई है। अधिकारियों ने बताया कि गत 16 जुलाई की रात यहां खाना खाने के बाद 12 बच्चों ने उल्टी और पेट में दर्द की शिकायत की। सात से 12 साल की उम्र के इन बच्चों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।