नवगछिया के बहुचर्चित प्रीतम भट्टाचार्य के अपहरण बाद हत्याकांड मामले में फरार चल रहे
सुभाष सिंह (नवादा निवासी) ने 12 दिसंबर को खगडिया स्थित रेल न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया | वहीं जीतन मंडल (नवादा निवासी) के घर की कुर्कुी पूरी कर ली गयी | जब्त किये गये
सामानों को नवगछिया थाना में रखा गया है | सुभाष सिंह के आत्मसमर्पण की पुष्टि
जहां रेल थानाध्यक्ष नवगछिया अजय कुमार ने की है | वहीं जीतन मंडल (नवादा निवासी) के घर की कुर्कुी की पुष्टि आदर्श थाना नवगछिया के थानाध्यक्ष प्रमोद पोद्दार ने की है | रेल पुलिस के वरीय पदाधिकारियों के अनुसार जीतन मंडल चालक है. जेल में बंद नेपाली सिंह के बयान पर उसे आरोपित किया गया है. नेपाली ने बताया था कि जीतन मंडल ही उस बोलेरो का चालक था, जिसमें प्रीतम को नवगछिया से कटरिया ओवर ब्रीज के करीब लाकर उसकी हत्या कर दी गयी थी.
वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने इस बात का खुलासा किया कि उक्त बोलेरो नवगछिया के एक जनप्रप्रतिनिधि के पति की थी. जीतन को पूछ ताछ के लिए पहले भी नवगछिया थाना बुलाया था, पर उसने जानकारी होने से इनकार कर दिया था. नेपाली के पक.डे जाने के बाद से वह अपने घर से फरार है. प्रीतम हत्याकांड के मुख्य आरोपी मक्खातकिया निवासी पाकेटमार छट्ठ सहनी का पोलीग्राफ टेस्ट भी कराया जा चुका है.
इस कांड में अब तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है. रेल आइजी विनय कुमार बार- बार कहते आये हैं कि इस घटना में 15 -20 अपराधियों की संलिप्तता है. विदित हो कि अवध असम एक्सप्रेस से असम से दिल्ली जाने के क्रम में नवगछिया स्टेशन पर प्रीतम भट्टाचार्य का अपहरण कर लिया था. पांच दिन बाद उसकी हत्या कटरिया ओवर ब्रीज के पास कर दी गयी थी. पुलिस ने यहीं से प्रीतम की लाश बरामद की थी. इस मामले में नवगछिया रेल थाना कांड संख्या 9/12 दर्ज है |