ताजा समाचार :

6/Posts/ticker posts

करें श्रृंगार, भरे भंडार: आज रूप निखारने का पर्व

धनतेरस के बाद आज स्वास्थ्य और सौंदर्य का पर्व रूप चौदस है। रूप चतुर्दशी को छोटी दिवाली भी कहा जाता है। रूप चौदस का सीधा संबंध स्वास्थ्य और सौंदर्य से है। शास्‍त्रों में कहा गया है कि करें श्रृंगार, भरे भंडार। यानी लक्ष्मी वहीं निवास करती है, जहां स्वच्छता हो, सुंदरता हो।
पौराणिक मान्यता है कि सूर्योदय से पहले उबटन से स्नान करने पर धन-ऐश्वर्य की प्राप्ति होती है। जबकि डॉक्टर कहते हैं कि शीत ऋतु की शुरुआत है। त्वचा में खुश्की आना शुरू हो जाती है। तेल, उबटन से स्नान करने पर खुश्की कम होती है।जो भी हो, हमने रूप चौदस के मौके पर खूबसूरती को निखारने और संवारने के लिए ब्यूटी एक्सपर्ट्स से बात कर जाना कि सुंदरता बढ़ाने के लिए देशभर में क्या-क्या नए प्रयोग हो रहे हैं। मुख्‍य रूप से आजकल ऑर्गेनिक, साइंटिफिक और नेचुरल, तीन तरीकों से खूबसूरती निखारने का चलन है।