उप्र सरकार ने गुटखा उद्योग पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय किया है। प्रतिबंध एक अप्रैल, 2013 से प्रभावी होगा।
सरकारी प्रवक्ता ने बुधवार को बताया कि राज्य सरकार ने कदम संसद के पारित फूड सेफ्टी एक्ट के अंतर्गत उठाया है। संसद के पारित खाद्य सुरक्षा अधिनियम के अन्तर्गत
अन्य राज्यों की भांति उत्तर प्रदेश में भी लंबे समय से चल रहे गुटखा उद्योग पर प्रतिबंध लगाया जा रहा है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गुटखा उद्योग से जुड़े हुए लाखों
कर्मकारों, श्रमिकों व उद्यमियों की रोजी-रोटी को दृष्टिगत रखते हुए गुटखा उद्योग पर लगाए जाने वाले प्रतिबंध को एक अप्रैल, 2013 से प्रभावी किए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि इस अवधि का सदुपयोग करते हुए गुटखा उद्योग से जुड़े हुए कर्मकारों, श्रमिकों व उद्यमियों द्वारा अन्य रोजगार एवं वैकल्पिक उद्योग तलाश कर लिया जाए। कोर्ट ने 14 दिनों के अंदर प्रतिबंध लगाने को कहा था : इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गत सरकार को निर्देश दिया था कि वह प्रदेश में 14 दिन के भीतर गुटखा और तंबाकूयुक्त पान मसाला पर रोक लगाए। यदि राज्य सरकार ऐसा नहीं करती तो अदालत इस बारे में समादेश जारी करने पर विचार करेगी। मामले की सुनवाई के लिए दस अक्टूबर की तारीख निर्धारित की गई थी। इसी के मद्देनजर सरकार ने यह कदम उठाया है। सूत्रों के अनुसार सरकार दस अक्टूबर को अदालत को बताएगी कि प्रतिबंध का आदेश जारी कर दिया गया, लेकिन वह एक अप्रैल से प्रभावी होगा।