भ्रष्टाचार और घोटालों से जूझ रही कर्नाटक भाजपा के दामन में एक और दाग लग गया। लोकायुक्त अदालत ने रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े गए सत्तारूढ़ दल के विधायक वाई संपांगी को शनिवार को साढ़े तीन साल की सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। भ्रष्टाचार के मामले में राज्य में किसी विधायक को सजा सुनाए जाने का यह पहला मामला है। लोकायुक्त जज एनके सुधींद्र राव ने संपांगी पर 40,000 रुपये जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न भरने पर उन्हें छह माह का सश्रम कारावास और भुगतना पड़ेगा। न्यायाधीश ने लोकायुक्त डीएसपी को संपांगी की गिरफ्तारी का वारंट जारी कर उन्हें हिरासत में लेने का निर्देश दिया है।
कोलार गोल्ड फील्ड्स सीट से विधायक संपांगी को लोकायुक्त पुलिस ने 29 जनवरी 2009 को एक सिविल मुकदमा निपटाने की एवज में 50,000 रुपये नकद और 4.50 लाख रुपये का चेक लेते हुए पकड़ा था। संपांगी को सजा ऐसे वक्त सुनाई गई है जब पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येद्दयुरप्पा समेत भाजपा के कई मंत्री-विधायक भ्रष्टाचार के मामलों का सामना कर रहे हैं।