अग्निवीरों से एक अपील
हमारा स्टेशन, हमारी रेल
रखते हमेशा इससे हम मेल
इससे हम न करें कोई खेल
वरना जाना पड़ सकता जेल
रेल हमारी मदद है करती
हमें गंतव्य तक है पहुंचती
चौबीसों घंटों की है साथी
यही है इसकी अपनी थाती
बहन का भाई से मेल कराती
सारे तीर्थों का दर्शन करवाती
लाचार बीमार सबको है ढोती
चाहे आपको जाना हो बाराती
सब के समय पर काम आती
बेरोजगारों की परीक्षा दिलाती
सीमा पर सैनिक भी है पहुंचाती
देश की रक्षाधर्म को भी निभाती
रेल ने किसका क्या बिगाड़ा
कहां किसी का घर उजाड़ा
न किसी के घर को जलाती
यह न किसी से युद्ध कराती
फिर क्यों इसे निशाना बनाते
अपना गुस्सा इस पर उतारते
अंदर बैठे सब सहम हैं जाते
जिनसे हम हैं रिश्ता निभाते
नासमझी है ट्रेनों को रोकना
या फिर हो आगजनी करना
इन गलत कामों से है बचना
नहीं तो पड़ता है चने चबाना
तुम हो अग्निपथ के अग्निवीर
हमेशा बने रहना होगा गंभीर
तुम्हें बनाना है अपनी तकदीर
नादानी में कभी न होना अधीर
तुम्हें भविष्य संवारना आज है
करना नहीं कोई गलत काज है
युवा देश का सच्चा जांबाज है
युवा पर ही तो देश को नाज है
राजेश कानोडिया, संपादक
नव-बिहार समाचार, नवगछिया (भागलपुर)
17/06/2022