रोक लो अपने अग्निवाण
न चलाओ अग्निवाण
क्योंकि
तुम हो अब भी नादान
तुम्हारे पीछे
लगा है कोई एक शैतान
कर लो
उसकी सही से पहचान
नहीं तो
वो सब लूट लेगा हैवान
मत जलाओ
अपने देश का स्वाभिमान
बैठा है
अंदर तुम्हारे सच्चा इंसान
बहक कर
क्यों करते हो उसे कुर्बान
हे राष्ट्रभक्त
तू राष्ट्र की बात तो मान
इस योजना से
नहीं होगा कोई नुकसान
यह देश का
नहीं है कोई खास फरमान
भविष्य का
तुम सही लगाओ अनुमान
कर्म से
बिल्कुल रहो नहीं अनजान
मत दिखाओ
तुम अपनी ये झूठी शान
अग्निपथ से ही
जीवन का कर लो कल्याण
हे अग्निवीर
रोक लो अपने अग्निवाण
राजेश कानोडिया, संपादक
नव-बिहार समाचार, भागलपुर (बिहार)
17/06/2022