सेतु के दोनों तरफ एप्रोच पथ 15 फरवरी तक हो जायेगा तैयार
एसडीओ के नेतृत्व में होगी वाहनों की जांच
जल संसाधन मंत्री सह जिला के प्रभारी मंत्री राजीव रंजन सिंह उर्फ ललन सिंह ने कहा कि विक्रमशिला पुल को बचाने के लिए ओवरलोडिंग पर लगाम लगाना होगा.
ओवरलोड वाहनों के लगातार परिचालन से सेतु पर खतरा हो सकता है. इसको देखते हुए ओवरलोडिंग रोकने के लिए कहलगांव व नवगछिया में बैरियर लगाया जायेगा और वहां ओवरलोड वाहनों की नियमित जांच होगी. इसकी जिम्मेवारी संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी की होगी.
इससे विक्रमशिला सेतु पर ओवरलोडेड वाहनों के परिचालन पर रोक लग सकेगी. वे गुरुवार को जिला कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति की बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे.
श्री सिंह ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से विक्रमशिला सेतु पर ओवरलोडेड वाहनों का दबाव बढ़ा है. इसको रोकने के लिए प्रशासन को सख्त कदम उठाने के लिए कहा गया है. एसडीओ के नेतृत्व में बैरियर पर वाहन की जांच के साथ ओवरलोड वाहन के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.
उन्होंने बताया कि सेतु के दोनों तरफ नवगछिया व भागलपुर में एप्रोच पथ का निर्माण भी जल्द हो जायेगा. अभी नवगछिया की तरफ दो किलोमीटर और भागलपुर की तरफ 0.6 किलोमीटर का निर्माण शेष है. पथ निर्माण विभाग के तकनीकी पदाधिकारी ने शेष काम को 15 फरवरी तक पूरा करा लेने की बात कही है.
नवगछिया में बाढ़ कटाव से बचाव के लिए 57.24 करोड़ रुपये स्वीकृत
जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता ई धरनीधर प्रसाद ने बताया कि जल संसाधन मंत्री ने नवगछिया को बाढ़ व कटाव से बचाव के लिए दस किलोमीटर लंबे नये तटबंध के निर्माण और चार स्पर व तीन स्लुइस गेट के निर्माण की स्वीकृति दे दी है. 57.24 करोड़ रुपये से इनका निर्माण होगा. इस्माइलपुर थाना से लेकर जाह्नवी चैक तक लगभग तटबंध का निर्माण होगा.