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हुदहुद की रफ्तार हुई धीमी, अब बारिश है अगली चुनौती


चक्रवाती तूफान 'हुदहुद' ने रविवार को आंध्र प्रदेश और उड़ीसा के पूर्वी तटीय इलाकों में जमकर कहर बरपाया। हालांकि रात होते-होते इसकी रफ्तार धीमी पड़ गई। साइक्लोन से पहले ही बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित जगहों पर पहुंचा दिए जाने से मौतों की संख्या सिर्फ पांच तक सीमित रखने में मदद मिली। आंध्र में तीन और उड़ीसा में दो लोगों की मौत हुई। अब अगली इससे सबसे बड़ी चुनौती तूफान के कारण हो रही भारी बारिश से निपटने की है। भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक, सोमवार को साइक्लोन से छत्तीसगढ़, बिहार, पूर्वी मध्य प्रदेश, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल के कुछ इलाकों में भी भारी बारिश हो सकती है।

अति तीव्र श्रेणी का चक्रवात दिन में करीब 11 बजे आंध्र के विशाखापट्टनम शहर से टकराया। करीब 195 किमी प्रति घंटे की तेज हवाओं ने सबसे ज्यादा यहीं पर नुकसान पहुंचाया। विशाखापट्टनम, श्रीकाकुलम, विजयनगरम और पूर्वी गोदावरी जिलों के करीब 320 गांवों में पेड़ उखड़ने, इमारतें गिरने से संचार और बिजली सेवाएं ठप हो गईं। इसके करीब 6 घंटे बाद ही हुदहुद की रफ्तार घटकर 120 किमी प्रति घंटा रह गई।
170 से 180 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार की तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण विशाखापत्तनम, विजियानगरम और श्रीकाकुलम जिलों में सामान्य जन जीवन काफी प्रभावित हुआ है। रविवार दोपहर से पहले विशाखापत्तनम में चक्रवातीय तूफान प्रवेश कर गया। इसके कारण तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण पेड़ उखड़ गए, कच्चे मकानों की छतें उड़ गई। आंध्रप्रदेश से जहां करीब 2.5 लाख लोगों को निकाला गया है, वहीं ओडिशा के तटीय जिलों से भी करीब 1 लाख लोगों को सुरक्षित निकाला गया है।