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गोपालपुर के जदयू विधायक गोपाल मंडल ने अदालत में किया आत्मसमर्पण, मिली जमानत


गोपालपुर के जदयू विधायक नरेन्द्र कुमार नीरज उर्फ गोपाल मंडल ने बुधवार को भागलपुर स्थित सीजेएम आरसी मालवीय की अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया। श्री मालवीय ने 26 मार्च को जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से मिली अग्रिम जमानत आदेश के अवलोकन बाद 10 हजार रुपये के दो निजी मुचलकों के बंध पत्र लेने के बाद उन्हें जमानत दे दी है। 
सीजेएम ने अपनी अदालत की ओर से जारी पूर्व के प्रोसेस को तामिल नहीं करने का निर्देश इस्माइलपुर थानाध्यक्ष को जारी किया है। 21 मार्च को विधायक के लगातार कई तिथियों पर उपस्थित नहीं होने की स्थिति में इश्तेहार जारी कर संपत्ति कुर्क कर देने की चेतावनी जारी की गई थी। 22 अप्रैल 2014 को सीजेएम ने दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 82 के तहत संपत्ति कुर्क करने की अंतिम चेतावनी देते हुए इस आशय का इश्तेहार जारी कर रखा था। 
मामला 19 सितंबर 2006 को जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के आकस्मिक विभाग में तैनात एसीओ डॉ. कृतिका गुप्ता के साथ बदतमीजी से पेश आने और एके-47 से मार डालने की धमकी से संबंधित है। इसके तहत सीजेएम श्री मालवीय ने 24 जनवरी 2013 को गोपाल मंडल के खिलाफ गैर जमानतीय वारंट जारी कर दिया था।
यह है मामला
अपने परिचित मरीज के उपचार के दौरान उसका पक्ष लेकर जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के आकस्मिक विभाग पहुंचे गोपालपुर विधायक गोपाल मंडल डॉ. कृतिका गुप्ता के साथ कथित बदतमीजी से पेश आए थे। घटना 19 सितंबर 2006 की थी। उस दौरान विधायक के तेवर काफी कड़े थे। डॉ. गुप्ता को तब विधायक ने एके-47 से मार डालने तक की कथित धमकी दे डाली थी। घटना की बाबत पीड़ित डॉ. के आवेदन पर तत्कालीन अस्पताल अधीक्षक डॉ. यूएस राय ने बरारी थाने में प्राथमिकी दर्ज करने की अनुशंसा की थी। उक्त अनुशंसा पर 20 सितंबर 2006 को बरारी थाने में विधायक गोपाल मंडल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।