पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने जैसे ही टीवी पर राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद को पांच साल की कैद व 25 लाख रुपये जुर्माना की सजा की खबर का फ्लैश देखा तो वह थोड़ी देर के लिए विचलित हो गयीं पर उन्होंने अपने को तुरंत संभाल लिया। उस वक्त उनकी बेटियां चंदा,हेमा व राजलक्ष्मी ,पुत्र तेजप्रताप सहित दो दामाद व पूर्व केंद्रीय मंत्री कांति सिंह भी बैठी थीं। उनकी पहली प्रतिक्रिया यह रही- कोई बात नहीं हैं जनता की अदालत में जाएंगे साजिश का पर्दाफाश करेंगे। जनता के बीच हम नहीं हारे हैं। हमारी ताकत काफी बढ़ी है।
राबड़ी ने अपनी चिंता को छिपाते हुए बेटियों से कहा कि घबराने की बात नहीं पापा जल्दी बाहर आएंगे। जमानत के लिए उच्च न्यायालय जाएंगे। इंसाफ जरूर मिलेगा। इस फैसले को लेकर हमलोगों को तो पहले से ही आशंका थी तभी तो सुप्रीम कोर्ट गए थे। न्यायपालिका में विश्वास है। उन्होंने कहा 6 अक्टूबर को उनके आवास पर राजद पदाधिकारियों की बैठक होगी जिसमें साजिश से जनता को अवगत कराने को कहा जाएगा। राजद पहले से अधिक एकजुट हुआ है।
फैसला आते ही आवास परिसर में ही बने दफ्तर में बैठे प्रदेश राजद के प्रधान महासचिव सांसद रामकृपाल यादव भी राबड़ी के समक्ष पहुंचकर उनको सांत्वना देते हुए कहने लगे कि प्रदेश की जनता आपके साथ है। उसमें चट्टानी एकता है। चिंता नहीं करें। प्रदेश उपाध्यक्ष वीणा शाही भी राबड़ी के साथ घर में बैठीं थीं। थोड़ी देर के बाद राबड़ी अपने घर से परिसर में आयीं तो पूर्व मंत्री रघुनाथ झा,युवा राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक मेहता, प्रदेश अध्यक्ष शिवचंद्र राम, उपाध्यक्ष रणविजय साहु, पूर्व सांसद सीताराम यादव , मुन्द्रिका सिंह यादव, किरण राय, मो. शमीम, शक्ति यादव, रणधीर यादव ,एजाज अहमद आदि ने उनसे मुलाकात की। मिलने वालों का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा।
राबड़ी की प्रतिक्रिया जानने के लिए बड़ी संख्या में मीडियाकर्मी 10 अणे मार्ग के बाहर खड़े थे। उनकी ओर से रामकृपाल यादव ने बाहर आकर पत्रकारों को बताया कि लालू प्रसाद साजिश के शिकार हुए हैं। साजिश मुख्यमंत्री नीतीश कुमार व भाजपा की है। फैसले से हम निराश नहीं हुए हैं। इस चुनौती का डटकर मुकाबला करेंगे। राजद अपने कार्यक्रमों को अंजाम देने के लिए प्रतिबद्ध है। गरीबों,दलितों व शोषतों की आवाज बंद करने की कोशिश हुई है । पैसा लेने वाला जेल से बाहर है जबकि जिसने केस किया वही जेल में है। इस खेल को लेकर जनता की अदालत में जाएंगे। फैसले को लेकर हम पहले से मानसिक तौर पर तैयार थे। हमारे नेता लालू प्रसाद हैं और रहेंगे।
