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पचास हजार एक रुपए की धन राशि के साथ'आनन्द शंकर माधवन साहित्य रत्न' पुरस्कार से सम्मानित हुए पारस कुंज

पचास हजार एक रुपए की धन राशि के साथ'आनन्द शंकर माधवन साहित्य रत्न' पुरस्कार से सम्मानित हुए पारस कुंज
राजेश कानोड़िया, भागलपुर। मंदार विद्यापीठ, बौंसी-बाँका (बिहार) में, शुक्रवार 13 फरवरी 2026 की रात्रि, मंदार विद्यापीठ के संस्थापक साहित्य मनीषी श्रद्धेय आनन्द शंकर माधवन की 112वीं जयंती पर आयोजित 'आनन्द शंकर माधवन राष्ट्रीय कवि सम्मेलन' में -
            'यूँ ही कोई 'पारस' नहीं होता' के नायक, 'युवा संगम', 'अंगमेल', 'कथा', 'केसरवानी', 'वामन के डेग', 'अंगदीप', 'शब्दयात्रा', 'आत्मदृष्टि' तथा 'भारत की प्रतिनिधि लघुकथाएँ’ जैसी सम्मानित पत्र-पत्रिका‌ एवं पुस्तकों के सम्पादक सहित अनेक साहित्यिक सांस्कृतिक मंचों के संस्थापक, शब्दयात्रा गोपाल सिंह नेपाली आन्दोलन के राष्ट्रीय प्रणेता, वरिष्ठ पत्रकार कवि लघुकथाकार श्री पारस कुंज को हजारों गणमान्य बुद्धिजीवी नागरिक, शिक्षाविद्, विद्वान साहित्यकार एवं छात्रों की गरीमामयी उपस्थिति में आयोजन के मुख्य अतिथि तिलकामांझी भागलपुर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो० विमलेंदु शेखर झा के हाथों अंगवस्त्र, माधवन प्रतीक चिन्ह, पुष्पगुच्छ और सम्मान स्वरूप पचास हजार एक रुपए की धन राशि के साथ उन्हें 'आनन्द शंकर माधवन साहित्य रत्न' पुरस्कार से सम्मानित किया गया ।
            इस अवसर पर मंदार विद्यापीठ के अध्यक्ष पवन कुमार सिंह, सचिव अरविंदाक्षन माडम्बथ, सिनेट सदस्य मृत्युंजय कुमार सिंह गंगा भी मंचासीन थे ।