लड़कियों की शिक्षा की वकालत करने पर पिछले साल तालिबान की गोली का शिकार हुई पाकिस्तानी किशोरी मलाला यूसुफजई को यूरोपीय संसद का प्रतिष्ठित सखारोव मानवाधिकार पुरस्कार प्रदान किया गया है। उसने यह पुरस्कार एडवर्ड स्नाडेन को पछाड़कर जीता। 16 वर्षीय मलाला को नोबेल शांति पुरस्कार के लिए भी नामित किया गया है।
कंजरवेटिव यूरोपियन पीपुल्स पार्टी (ईपीपी) के चेयरमैन जोसेफ दौल ने कहा, 'हमने यह निर्णय लिया है कि विश्व को यह जानने दिया जाए कि बेहतर भविष्य के लिए हमारी उम्मीद मलाला जैसे युवाओं में ही निहित है।' सखारोव पुरस्कार के लिए अमेरिकी निगरानी कार्यक्रम की जानकारी को सार्वजनिक करने वाले एडवर्ड स्नोडेन को भी नामित किया गया था। 65000 डॉलर (करीब 40 लाख रुपये) का यह पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका के पूर्व राष्ट्रपति नेल्सन मंडेला और संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव कोफी अन्नान को भी दिया जा चुका है। यूरोपीय संसद द्वारा विचारों की स्वतंत्रता के लिए सखारोव पुरस्कार 1988 से दिया जा रहा है।
