उत्तराखंड में
इस साल जल प्रलय से मची तबाही के बाद आज केंद्रीय जल संसाधन मंत्री हरीश
रावत समेत श्रद्धालुओं का एक जत्था चार धाम यात्रा के पहले पवित्र स्थल
केदारनाथ के लिए रवाना हुआ। 16 जून को उत्तराखंड में आई बाढ से हुई तबाही
के कारण केदारनाथ मंदिर को काफी नुकसान हुआ था, लेकिन आज पूरे उत्साह और
भक्ति भाव से श्रद्धालु चार धाम की यात्रा की ओर रवाना हुए। यह यात्रा
आगामी तीन नवंबर दीपावली तक जारी रहेगी।
सूत्रों
ने बताया कि चार धाम यात्रा के दौरान बद्रीनाथ की ओर एक बार में सिर्फ 50
छोटे वाहनों को जाने की अनुमति दी गई है और सिर्फ 200 श्रद्धालु एक बार
केदारनाथ में पूजा अर्चना कर सकते हैं। केदारनाथ मंदिर के दर्शन कर लौटे
रावत ने कहा कि लोगों के उत्साह को बढ़ाने और उत्तराखंड की त्रासदी का डर
लोगों के मन से निकालने के लिए मैं हर व्यक्ति से इस यात्रा में शामिल होने
की अपील करता हूं रावत ने बताया कि लोगों तक सकारात्मक संदेश पहुंचाने के
लिए उन्होंने चार धाम की यात्रा में शामिल होने का फैसला किया। वहीं दूसरी
तरफ श्रद्धालु भी पूरे जोश के साथ जय केदारेश्वर महादेव, जय भेलेनाथ और हर
हर महादेव के नारे लगाते हुए इस यात्रा का आनंद उठा रहे हैं।
