आइटीआर के निदेशक एमवीकेवी प्रसाद ने बताया कि दूसरे दिन भी पृथ्वी-2 का परीक्षण पूरी तरह सफल रहा। मिसाइल ने सभी लक्ष्यों का सटीकता से भेदन किया। 350 किलोमीटर तक सतह से सतह पर वार करने वाली यह मिसाइल पांच सौ से एक हजार किलोग्राम तक भार ले जा सकती है। मिसाइल का परीक्षण रक्षा सेवाओं की स्ट्रेटजिक फोर्स कमांड (एफएससी) ने अपने ऑपरेशनल अभ्यास के तहत किया है। इसकी निगरानी रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने की।
पृथ्वी-2 भारत के प्रतिष्ठित एकीकृत निदेशित प्रक्षेपास्त्र विकास कार्यक्रम (आइजीएमडीपी) के तहत विकसित की गई पहली मिसाइल है। गौरतलब है कि सोमवार को भी बालासोर में ही पृथ्वी-2 का सफल परीक्षण किया गया था।
