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महानंदा व कनकई उफान पर, 331 गांवों में फैला पानी; एक डूबा

महानंदा एवं कनकई नदियों के जलस्तर में लगातार जारी वृद्धि जारी है। विभिन्न क्षेत्रों में पानी तेजी से फैल रहा है। शुक्रवार को 331 गांव बाढ़ की चपेट में आ गए। शुक्रवार को ही बाढ़ के पानी में डूबने से
एक व्यक्ति की मौत हो गई। यह जानकारी पूर्णिया जिला प्रशासन ने दी।
सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार जिले के तीन प्रखंड बैसा, अमौर और बायसी बाढ़ की चपेट में हैं। तीनों प्रखंडों की 57 पंचायतें बाढ़ से प्रभावित हैं। इनमें से 36 पंचायतों में स्थिति काफी खराब है। 21 पंचायतें आंशिक रूप से प्रभावित हैं। तीनों प्रखंडों में 3,54,124 लोग बाढ़ से घिरे हुए हैं।
बाढ़ से प्रभावित 331 गांवों में से 261 में हालात काफी खराब हैं। जिला प्रशासन की ओर राहत व बचाव कार्य तेज कर दिया गया है। बाढ़ प्रभावित इलाकों में पर्याप्त संख्या में नावें व मोटर बोट लगाई गई हैं। निजी नावों से भी राहत व बचाव कार्य किया जा रहा है। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से अब तक 62,645 लोग निकाले जा चुके हैं। हर जगहों पर राहत शिविरों का संचालन किया जा रहा है। राहत कैंपों में विस्थापितों की संख्या बढ़ रही है। शिविरों में मेडिकल टीमें तैनात कर दी गई हैं। पीड़ितों को मेडिकल के अलावा अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं। शुक्रवार को 1205 परिवारों के बीच 65 किलो चीनी, 53 क्विंटल चूड़ा एवं 50 किलो गुड़ वितरित किया गया। 1200 दियासलाई, 640 मोमबत्ती व 2,232 पॉलीथीन शीट का वितरण किया गया है। सहायक शिविरों में 1550 किलो चावल, 480 किलो दाल एवं सब्जी के मद में 36 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। बाढ़ पीड़ितों की समस्याओं को दूर करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सजग है।