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पिता का पता लगाने दर दर भटक रही नवगछिया की ममता

नवगछिया की अकेली ममता अपने पिता का पता लगाने को पिछले छह दिनों से अधिकारियों के दर दर पर भटक रही है | जिसके पिता योगेन्द्र प्रसाद साह एक रेडीमेड कपड़ा व्यवसायी हैं | जिनकी नवगछिया शहर स्थित
बाल भारती विद्यालय के सामने रेडीमेड कपड़ा की दुकान है | वे रेडीमेड कपड़ों की ख़रीदारी करने 26 मई को कोलकाता गए थे | जहां से 27 मई की रात को कोलकाता से लौटने के दौरान 28 मई की सुबह तक भागलपुर नहीं पहुँच पाये | इससे पहले ही उनके लापता हो जाने का अनुमान है | इस संबंध में ममता द्वारा भागलपुर जीआरपी तथा नवगछिया आदर्श थाना में आवेदन दिया गया है | इसके अलावा रेल डीएसपी बरौनी के साथ साथ एसपी नवगछिया से भी गुहार लगाई है |
अपने पिता का पता लगाने के दौरान ममता ने बताया कि नवगछिया थाना में पहले तो आवेदन ही नहीं लिया जा रहा था | किसी तरह से दिये गए आवेदन को अब वापस ले जाने के लिए बार बार फोन आ रहा है | जिसकी जानकारी नवगछिया एसपी को देते हुए पिता के खोज की गुहार लगायी गयी है | यही हाल बताया जीआरपी भागलपुर का | जिसने भी आवेदन लेने तक से इंकार दिया | साथ ही कोलकाता जा कर आवेदन देने की सलाह भी दी | जब वरीय पदाधिकारी को जानकारी दी गयी तब डीएसपी रेल बरौनी ने भागलपुर जीआरपी जाकर आवेदन देने की बात कही | इसके बाबजूद आवेदन लेने के दौरान कहा गया कि इसमें आप भागलपुर की जगह बर्दवान की बात लिखें तब आवेदन लिया जायेगा | लाचार ममता ने बर्दवान लिखकर पिता का पता लगाने का आवेदन भागलपुर जीआरपी को दिया है | जिसे भागलपुर जीआरपी पुलिस बर्दवान भेज कर अपने दायित्व की खाना पूर्ति कर लेगी | जिससे ममता के पिता का पता लग पाना दूर दूर तक मुश्किल जान पड़ता है |
बताते चलें कि नवगछिया स्टेशन के जीआरपी द्वारा पीड़ित की व्यथा पर ध्यान नहीं देने से साल भर पहले ही देश का बहू चर्चित प्रीतम हत्याकांड हो गया था | जिसकी वजह से जीआरपी के आला अधिकारियों को नाकों चने चबाने पड़ गए थे | राजी के मुख्यमंत्री तक को इस मामले में जवाब देना पड़ गया था |