नवगछिया व्यवहार न्यायालय स्थित अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश चतुर्थ देवेन्द्र प्रसाद केसरी की अदालत ने मंगलवार को पत्नी की हत्या के अपराध में पति को उम्र
कैद की सजा सुनायी गई। सजा गोपालपुर थाना क्षेत्र के
करारी तिनटंगा निवासी छब्बू मंडल के विरुद्ध सुनाई गई।
घटना 21 वर्ष पुरानी सात जनवरी 1992 की है | जब छब्बु मंडल ने साढ़े 11 बजे रात को अपनी पत्नी उमा देवी की मुंह मे कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी। फिर आंख में चाकू घोप दी। मृतका की बहन फूल कुमारी के बयान पर थाने में दर्ज प्राथमिकी में पति को नामजद आरोपी बनाया गया था । न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई करते हुए धारा 302 भारतीय दंड विधान के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनायी। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना की राशि अदा नही करने पर छ माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
करारी तिनटंगा निवासी छब्बू मंडल के विरुद्ध सुनाई गई।
घटना 21 वर्ष पुरानी सात जनवरी 1992 की है | जब छब्बु मंडल ने साढ़े 11 बजे रात को अपनी पत्नी उमा देवी की मुंह मे कपड़ा ठूंस दिया। इसके बाद गला दबाकर हत्या कर दी। फिर आंख में चाकू घोप दी। मृतका की बहन फूल कुमारी के बयान पर थाने में दर्ज प्राथमिकी में पति को नामजद आरोपी बनाया गया था । न्यायालय ने इस मामले की सुनवाई करते हुए धारा 302 भारतीय दंड विधान के तहत आजीवन कारावास की सजा सुनायी। साथ ही पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना की राशि अदा नही करने पर छ माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
