नवगछिया एसपी आवास के समक्ष नवगछिया पुलिस के खिलाफ सोमवार की सुबह से कई दर्जन लोगों ने भूख हड़ताल सह महाधरना दिया | जिसकी सूचना काफी पहले से नवगछिया एसपी शेखर कुमार सहित भागलपुर के डीआईजी और आईजी तक को दे दी गयी थी |
नवगछिया पुलिस जिला के एक्कीस साल के इतिहास में पहली बार एसपी आवास के समक्ष नवगछिया पुलिस के खिलाफ हुई इस भूख हड़ताल सह महाधरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से नवगछिया के बहुचर्चित व्यवसायी पुत्र आलोक हत्याकांड के परिजन ही शामिल थे | जिसमें आलोक के अस्सी वर्षीय वृद्ध दादा भागवत प्रसाद साह, दादी राज कुमारी देवी, पिता उमेश प्रसाद साह, चाचा नरेश प्रसाद साह, संजय कुमार साह, रंजन कसेरा, अजय कसेरा, महेश साह, दिनेश साह, चाची कविता देवी, विजया लक्ष्मी, लता देवी, रिंकू देवी, तुलसी देवी, पल्लवी गुप्ता, कल्याणी देवी, सुनीता देवी सहित तीन दर्जन से भी अधिक लोग शामिल थे | जिसका नेतृत्व मुख्य रूप से अंग उत्थान आंदोलन समिति के केंद्रीय अध्यक्ष गौतम सुमन कर रहे थे | जिनके साथ समिति के संरक्षक विजय कुमार सिंह यादव धावक भी शामिल थे |
महाधरना पर बैठे लोगों की मुख्य मांग थी कि आलोक हत्या कांड के अनुसंधान में लगे स्थानीय पुलिसकर्मियों को हटाकर इस कांड की जांच उच्च स्तरीय अथवा सीआईडी दल द्वारा करायी जाय | साथ ही आलोक हत्याकांड नवगछिया थाना कांड संख्या 48/13 से संबन्धित कांड संख्या 49/13 के अभियुक्त सुजीत कुमार को आविलम्ब गिरफ्तार कर सुजीत कुमार सहित पूर्व से न्यायिक हिरासत में बंद इस कांड के मुख्य आरोपी अखिलेश साह एवं कोमल कुमारी को अलग अलग रिमांड पर लेकर सख्ती से पूछताछ की जाय | इसके अलावा इस हत्याकांड में शामिल लोगों की स्पीडी ट्रायल कराकर फांसी अथवा आजीवन कारावास की सजा दिलायी जाय |
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में बगैर शामियाना और तम्बू के सुबह नौ बजे से भूख हड़ताल सह महाधरना पर दर्जनों लोगों के बैठते ही फरार बताये जा रहे अभियुक्त सुजीत कुमार का नवगछिया न्यायालय में आत्मसमर्पण हो गया | वहीं समिति अध्यक्ष गौतम सुमन ने बताया कि एसपी शेखर कुमार एवं एसडीपीओ रमाशंकर राय के ठोस आश्वासन पर वे अनशन स्थगित कर रहे हैं | इस आश्वासन पर अमल नहीं होने पर वे अगला आंदोलन आईजी के आवास पर करेंगे |
नवगछिया पुलिस जिला के एक्कीस साल के इतिहास में पहली बार एसपी आवास के समक्ष नवगछिया पुलिस के खिलाफ हुई इस भूख हड़ताल सह महाधरना कार्यक्रम में मुख्य रूप से नवगछिया के बहुचर्चित व्यवसायी पुत्र आलोक हत्याकांड के परिजन ही शामिल थे | जिसमें आलोक के अस्सी वर्षीय वृद्ध दादा भागवत प्रसाद साह, दादी राज कुमारी देवी, पिता उमेश प्रसाद साह, चाचा नरेश प्रसाद साह, संजय कुमार साह, रंजन कसेरा, अजय कसेरा, महेश साह, दिनेश साह, चाची कविता देवी, विजया लक्ष्मी, लता देवी, रिंकू देवी, तुलसी देवी, पल्लवी गुप्ता, कल्याणी देवी, सुनीता देवी सहित तीन दर्जन से भी अधिक लोग शामिल थे | जिसका नेतृत्व मुख्य रूप से अंग उत्थान आंदोलन समिति के केंद्रीय अध्यक्ष गौतम सुमन कर रहे थे | जिनके साथ समिति के संरक्षक विजय कुमार सिंह यादव धावक भी शामिल थे |
महाधरना पर बैठे लोगों की मुख्य मांग थी कि आलोक हत्या कांड के अनुसंधान में लगे स्थानीय पुलिसकर्मियों को हटाकर इस कांड की जांच उच्च स्तरीय अथवा सीआईडी दल द्वारा करायी जाय | साथ ही आलोक हत्याकांड नवगछिया थाना कांड संख्या 48/13 से संबन्धित कांड संख्या 49/13 के अभियुक्त सुजीत कुमार को आविलम्ब गिरफ्तार कर सुजीत कुमार सहित पूर्व से न्यायिक हिरासत में बंद इस कांड के मुख्य आरोपी अखिलेश साह एवं कोमल कुमारी को अलग अलग रिमांड पर लेकर सख्ती से पूछताछ की जाय | इसके अलावा इस हत्याकांड में शामिल लोगों की स्पीडी ट्रायल कराकर फांसी अथवा आजीवन कारावास की सजा दिलायी जाय |
भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप में बगैर शामियाना और तम्बू के सुबह नौ बजे से भूख हड़ताल सह महाधरना पर दर्जनों लोगों के बैठते ही फरार बताये जा रहे अभियुक्त सुजीत कुमार का नवगछिया न्यायालय में आत्मसमर्पण हो गया | वहीं समिति अध्यक्ष गौतम सुमन ने बताया कि एसपी शेखर कुमार एवं एसडीपीओ रमाशंकर राय के ठोस आश्वासन पर वे अनशन स्थगित कर रहे हैं | इस आश्वासन पर अमल नहीं होने पर वे अगला आंदोलन आईजी के आवास पर करेंगे |
