देश की राजधानी नई दिल्ली में ताजा गैंगरेप का मामला ने महिलाओं की सुरक्षा
व्यवस्था पर सवालिया निशान खडे कर दिए गए हैं। दिल्ली के वसंत विहार इलाके
एक मेडिकल की छात्रा से रविवार की रात 9 से 11 बजे के बीच चलती वाइट लाइन
बस में 5 से 6 लोगों ने लडकी के साथ गैंगरेप की घटना के बाद इसकी गूंज सडक
से लेकर सत्ता के गलियारों तक सुनाई दे रही है।
राज्यसभा और लोकसभा, दोनों में ही इस मुद्दे पर जमकर
चर्चा और बहस हुई। फिलहाल इस मामले में अब तक 5 गिरफ्तारी हो चुकी है। गैंगरेप मामले में संसद के दोनों सदनों में जमकर चर्चा हुई। विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि ये शर्मनाक घटना है।
वहीं लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इसे रौंगटे खडे कर देने वाली घटना
बताया है। उन्होंने सरकार से इस बारे में जल्द से जल्द सख्त कदम उठाने को
भी कहा। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने वारदात की कठोर निंदा
करते हुए कहा कि ऎसे लोगों को फांसी की सजा दे देना चाहिए। सुषमा स्वराज ने
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भी आडे हाथों लिया।
सुषमा स्वराज ने कहा कि जिस राज्य की मुख्यमंत्री महिला है वहां इस तरह की घटनाएं होना शर्मनाक है। शीला दीक्षित को आडे हाथों लेते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि मुख्यमंत्री सलाह देती हैं कि लडकियों को देर रात बाहर नहीं निकलना चाहिए, लेकिन लडकी ना तो अकेली थी और ना ही वो देर रात घर से बाहर थी। वक्त 9.30 बजे का था और साथ में उसका दोस्त भी था। ऎसे में जिम्मेदारी किसकी बनती है।
सुषमा स्वराज ने कहा कि बलात्कार की शिकार 23 साल की लडकी बुरी तरह घायल है। अगर वो बच गई, तो जिंदा लाश की तरह होगी। ऎसे लोगों को फांसी दी जानी चाहिए। कांग्रेस सांसद और राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने भी इस घटना की कडी निंदा करते हुए कहा है कि राजधानी दिल्ली में एक बडी बस के अंदर इस तरह की वारदात कैसे हो सकती है। मतलब कि बसों में किसी तरह की कोई सुरक्षा नहीं है। रात में कोई पेट्रोलिंग भी नहीं हो रही है, पुलिस उतनी चौकस नहीं नजर आ रही है।
गिरिजा व्यास ने सुप्रीम कोर्ट के एक बयान को याद दिलाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जज ने एक बार कहा था कि जब किसी और की मौत होती है या वो मारी जाती है तो वो एक बार मरती है, लेकिन जब किसी औरत का बलात्कार होता है तो वो हर पल मरती है। राज्यसभा सांसद जया बच्चन दिल्ली में हुए गैंगरेप मामले में चर्चा के दौरान इतनी भावुक हो पडीं कि उनके आंखों से आंसू छलक आए।
ये उस वारदात का वो दर्द था जिसने जया बच्चन के जेहन तक का भी सफर तय कर लिया। जया बच्चन ने कानून व्यवस्था पर कडे सवाल खडे किए। उन्होंने कहा कि इस घटना से देश का सिर शर्म से झुक गया है। मैं इस घटना से बुरी तरह हिल गई हूं। मुझे इस बात को लेकर खुद पर शर्म आ रही है कि मैं कुछ नहीं कर सकती।
मुझे तो ये समझ ही नहीं आ रहा है कि क्या बोलूं। ये दर्द जया बच्चन का बयानगी जरूर था लेकिन ये दर्द शायद देश में हर एक महिला, लडकी महसूस कर रही होगी। बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने भी राज्यसभा में दोषियों के खिलाफ कडी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लिया गया है, लेकिन जब तक उनको कडी सजा नहीं दी जाएगी तब तक कोई फायदा नहीं है।
उन्होंने कहा कि कुछ दिनों तक मामला चर्चा में रहता है, लेकिन बाद में उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। ये नहीं होना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस पूरे मामले पर केजरीवाल ने महिलाओं के साथ बढती रेप की घटनाओं के लिए पुलिस प्रशासन की ढिलाई को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि इस साल केवल दिल्ली में 635 रेप की घटनाएं हुई हैं, जिनमें किसी आरोपी को सजा नहीं मिली है।
दिल्ली पुलिस को कठघरे में खडा करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की इस लापरवाही से अपराध बढेंगे। केजरीवाल ने इस मामले में जल्द से जल्द फैसला सुनाए जाने की मांग की है। अरविंद केजरीवाल ने महिलाओं से छेडछाड करने वालों के लिए सख्त कानून बनाने की भी मांग की है। बीजेपी में राज्यसभा सांसद रामजेठमलानी ने इस पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को तुरंत पद से हटा देना चाहिए। वहीं जेडीयू ने भी राज्यसभा में दिल्ली गैंगरेप पर गुस्सा जताते हुए कहा कि दिल्ली जुर्म की राजधानी बन गई है।
संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने लोकसभा में इस बात का भरोसा जताया है कि ऎसी घटनाओं से निपटने के लिए कडे कदम उठाए जाएंगे। संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने भी कहा है कि सरकार दिल्ली में गैंगरेप की घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है और इस बारे में कडी कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष की मांग पर इस घटना के संबंध में केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने राज्य सभा में अपना बयान दिया।
शिंदे ने कहा कि घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने मुस्तैदी के साथ अपना काम किया और आरोपियों के साथ-साथ इस घटना में इस्तेमाल की गई बस को भी जब्त कर लिया गया है। दिल्ली गैंगरेप के बाद लोगों का गुस्सा फूट पडा है। दिल्ली के वसंत विहार थाने के बाहर छात्राओं ने प्रदर्शन किया है।
गौरतलब है कि इसी थाने में पीडित छात्रा के साथ गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई गई थी। छात्राओं ने दिल्ली पुलिस और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किए और नारे लगाए। इन छात्राओं और उनके साथ प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि बार-बार दिल्ली सरकार और पुलिस की तरफ से सिर्फ भरोसा दिया जाता है लेकिन दिल्ली में छात्राएं, महिलाएं बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं।
वसंत विहार में मुनिरका के पास स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सडक को ही जाम कर दिया गया। लोग दोषियों को कडी से कडी सजा देने की मांग कर रहे थे।
इस वारदात को लेकर सडक, संसद हर जगह विरोध के स्वर गूंज रहे हैं, हर जगह इसाफ की मांग की जा रही है, हर जगह लोग सख्त से सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं, हर जगह लोग कानून को और सख्त बनाने की मांग कर रहे हैं, मतलब साफ है चारों तरफ इस पर हंगामा जारी है, लेकिन इन सब के बीच पीडित लडकी सफदरजंग हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है, इंतजार कर रही है कि शायद जिंदगी मिल जाए, हो भी सकता है कि लडकी बच जाए और उसका दर्द कम हो जाए लेकिन क्या जख्म कभी भर पाएगा।
वहीं इस घटना के बाद अपहरण और महिला उत्पीडन के मामलों में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आकंडों ने दिल्ली शहर को शर्मशार कर दिया है। अपहरण और रेप के मामलों में देश की राजधानी दिल्ली पहले नंबर पर है।
दिल्ली में गैंगरेप की घटना पर सड़क से लेकर संसद तक जबर्दस्त विरोध हो रहा है। जेएनयू के छात्र-छात्राओं में इस घटना से गुस्सा फूट पड़ा है। वो पुलिस-प्रशासन पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। दिल्ली में कई जगहों पर लोग सड़कों पर उतकर इंसाफ की मांग की।
राज्यसभा और लोकसभा, दोनों में ही इस मुद्दे पर जमकर
चर्चा और बहस हुई। फिलहाल इस मामले में अब तक 5 गिरफ्तारी हो चुकी है। गैंगरेप मामले में संसद के दोनों सदनों में जमकर चर्चा हुई। विपक्ष के हंगामे के बीच राज्यसभा के सभापति और उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने इस घटना पर दुख जताते हुए कहा कि ये शर्मनाक घटना है।
वहीं लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने इसे रौंगटे खडे कर देने वाली घटना
बताया है। उन्होंने सरकार से इस बारे में जल्द से जल्द सख्त कदम उठाने को
भी कहा। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने वारदात की कठोर निंदा
करते हुए कहा कि ऎसे लोगों को फांसी की सजा दे देना चाहिए। सुषमा स्वराज ने
दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित को भी आडे हाथों लिया।सुषमा स्वराज ने कहा कि जिस राज्य की मुख्यमंत्री महिला है वहां इस तरह की घटनाएं होना शर्मनाक है। शीला दीक्षित को आडे हाथों लेते हुए सुषमा स्वराज ने कहा कि मुख्यमंत्री सलाह देती हैं कि लडकियों को देर रात बाहर नहीं निकलना चाहिए, लेकिन लडकी ना तो अकेली थी और ना ही वो देर रात घर से बाहर थी। वक्त 9.30 बजे का था और साथ में उसका दोस्त भी था। ऎसे में जिम्मेदारी किसकी बनती है।
सुषमा स्वराज ने कहा कि बलात्कार की शिकार 23 साल की लडकी बुरी तरह घायल है। अगर वो बच गई, तो जिंदा लाश की तरह होगी। ऎसे लोगों को फांसी दी जानी चाहिए। कांग्रेस सांसद और राष्ट्रीय महिला आयोग की पूर्व अध्यक्ष गिरिजा व्यास ने भी इस घटना की कडी निंदा करते हुए कहा है कि राजधानी दिल्ली में एक बडी बस के अंदर इस तरह की वारदात कैसे हो सकती है। मतलब कि बसों में किसी तरह की कोई सुरक्षा नहीं है। रात में कोई पेट्रोलिंग भी नहीं हो रही है, पुलिस उतनी चौकस नहीं नजर आ रही है।
गिरिजा व्यास ने सुप्रीम कोर्ट के एक बयान को याद दिलाते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट के जज ने एक बार कहा था कि जब किसी और की मौत होती है या वो मारी जाती है तो वो एक बार मरती है, लेकिन जब किसी औरत का बलात्कार होता है तो वो हर पल मरती है। राज्यसभा सांसद जया बच्चन दिल्ली में हुए गैंगरेप मामले में चर्चा के दौरान इतनी भावुक हो पडीं कि उनके आंखों से आंसू छलक आए।
ये उस वारदात का वो दर्द था जिसने जया बच्चन के जेहन तक का भी सफर तय कर लिया। जया बच्चन ने कानून व्यवस्था पर कडे सवाल खडे किए। उन्होंने कहा कि इस घटना से देश का सिर शर्म से झुक गया है। मैं इस घटना से बुरी तरह हिल गई हूं। मुझे इस बात को लेकर खुद पर शर्म आ रही है कि मैं कुछ नहीं कर सकती।
मुझे तो ये समझ ही नहीं आ रहा है कि क्या बोलूं। ये दर्द जया बच्चन का बयानगी जरूर था लेकिन ये दर्द शायद देश में हर एक महिला, लडकी महसूस कर रही होगी। बीएसपी अध्यक्ष मायावती ने भी राज्यसभा में दोषियों के खिलाफ कडी कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि आरोपियों को गिरफ्तार तो कर लिया गया है, लेकिन जब तक उनको कडी सजा नहीं दी जाएगी तब तक कोई फायदा नहीं है।
उन्होंने कहा कि कुछ दिनों तक मामला चर्चा में रहता है, लेकिन बाद में उसे ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है। ये नहीं होना चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। इस पूरे मामले पर केजरीवाल ने महिलाओं के साथ बढती रेप की घटनाओं के लिए पुलिस प्रशासन की ढिलाई को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि इस साल केवल दिल्ली में 635 रेप की घटनाएं हुई हैं, जिनमें किसी आरोपी को सजा नहीं मिली है।
दिल्ली पुलिस को कठघरे में खडा करते हुए उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार की इस लापरवाही से अपराध बढेंगे। केजरीवाल ने इस मामले में जल्द से जल्द फैसला सुनाए जाने की मांग की है। अरविंद केजरीवाल ने महिलाओं से छेडछाड करने वालों के लिए सख्त कानून बनाने की भी मांग की है। बीजेपी में राज्यसभा सांसद रामजेठमलानी ने इस पर गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि दिल्ली पुलिस के कमिश्नर को तुरंत पद से हटा देना चाहिए। वहीं जेडीयू ने भी राज्यसभा में दिल्ली गैंगरेप पर गुस्सा जताते हुए कहा कि दिल्ली जुर्म की राजधानी बन गई है।
संसदीय कार्य मंत्री कमलनाथ ने लोकसभा में इस बात का भरोसा जताया है कि ऎसी घटनाओं से निपटने के लिए कडे कदम उठाए जाएंगे। संसदीय कार्य राज्यमंत्री राजीव शुक्ला ने भी कहा है कि सरकार दिल्ली में गैंगरेप की घटना को बेहद गंभीरता से ले रही है और इस बारे में कडी कार्रवाई की जाएगी। विपक्ष की मांग पर इस घटना के संबंध में केंद्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने राज्य सभा में अपना बयान दिया।
शिंदे ने कहा कि घटना के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस ने मुस्तैदी के साथ अपना काम किया और आरोपियों के साथ-साथ इस घटना में इस्तेमाल की गई बस को भी जब्त कर लिया गया है। दिल्ली गैंगरेप के बाद लोगों का गुस्सा फूट पडा है। दिल्ली के वसंत विहार थाने के बाहर छात्राओं ने प्रदर्शन किया है।
गौरतलब है कि इसी थाने में पीडित छात्रा के साथ गैंगरेप की शिकायत दर्ज कराई गई थी। छात्राओं ने दिल्ली पुलिस और प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किए और नारे लगाए। इन छात्राओं और उनके साथ प्रदर्शन में शामिल लोगों का कहना है कि बार-बार दिल्ली सरकार और पुलिस की तरफ से सिर्फ भरोसा दिया जाता है लेकिन दिल्ली में छात्राएं, महिलाएं बिल्कुल सुरक्षित नहीं हैं।
वसंत विहार में मुनिरका के पास स्थानीय लोगों के साथ मिलकर सडक को ही जाम कर दिया गया। लोग दोषियों को कडी से कडी सजा देने की मांग कर रहे थे।
इस वारदात को लेकर सडक, संसद हर जगह विरोध के स्वर गूंज रहे हैं, हर जगह इसाफ की मांग की जा रही है, हर जगह लोग सख्त से सख्त सजा देने की मांग कर रहे हैं, हर जगह लोग कानून को और सख्त बनाने की मांग कर रहे हैं, मतलब साफ है चारों तरफ इस पर हंगामा जारी है, लेकिन इन सब के बीच पीडित लडकी सफदरजंग हॉस्पिटल में जिंदगी और मौत से जूझ रही है, इंतजार कर रही है कि शायद जिंदगी मिल जाए, हो भी सकता है कि लडकी बच जाए और उसका दर्द कम हो जाए लेकिन क्या जख्म कभी भर पाएगा।
वहीं इस घटना के बाद अपहरण और महिला उत्पीडन के मामलों में नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के ताजा आकंडों ने दिल्ली शहर को शर्मशार कर दिया है। अपहरण और रेप के मामलों में देश की राजधानी दिल्ली पहले नंबर पर है।
दिल्ली में गैंगरेप की घटना पर सड़क से लेकर संसद तक जबर्दस्त विरोध हो रहा है। जेएनयू के छात्र-छात्राओं में इस घटना से गुस्सा फूट पड़ा है। वो पुलिस-प्रशासन पर सवालिया निशान लगा रहे हैं। दिल्ली में कई जगहों पर लोग सड़कों पर उतकर इंसाफ की मांग की।
