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दूसरी जगह बनेगा ठाकरे का स्मारक

पुलिस की कार्रवाई और समर्थकों की सहानुभूति खोने की आशंका से शिव सेना  दिवंगत पार्टी प्रमुख बाल ठाकरे के स्मारक के मामले में नरम पड़ गई है। पार्टी ने ठाकरे के अस्थायी स्मारक को कुछ समय के लिए शिवाजी पार्क से हटाने का फैसला किया है।
शिव सेना के विधायक दल के नेता सुभाष देसाई ने आज विधानसभा में उम्मीद जताई कि
अस्थायी स्मारक हटाने का काम शीघ्र शुरू हो जाएगा। तकरीबन उसी समय पार्टी सांसद संजय राउत ने घोषणा की कि शिव सेना ने ठाकरे का स्मारक बनाने के लिए शहर में कोई और जगह तलाशना शुरू कर दिया है। उन्होंने यह भी स्पष्टï किया कि उनकी पार्टी शिवाजी पार्क में ही ठाकरे का स्मारक बनवाने के लिए और ज्यादा दबाव नहीं बनाएगी।
शिव सेना के सूत्रों ने भी संकेत दिया है कि पार्टी निकट भविष्य में शिवाजी पार्क से स्मारक को पूरी तरह हटाने पर भी विचार कर सकती है क्योंकि राज्य सरकार इस मसले पर किसी समझौते की मंशा नहीं रखती। पार्टी के रुख में यह बदलाव मंगलवार की रात मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चह्वाण और देसाई की मुंबई के महापौर सुनील प्रभू, स्थायी समिति के अध्यक्ष राहुल शेवाले और शिव सेना के कार्यकारी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे के कार्यकारी सहायक मिलिंद नरवेकर के साथ मुलाकात के बाद आया है। इस बैठक में सेना ने तीन विकल्प सुझाए थे, जिसमें ठाकरे की स्मृति में टिकट जारी करना, नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम ठाकरे के नाम पर रखना और प्रस्तावित स्मारक के लिए शिवाजी पार्क के बगल की वह जमीन उपलब्ध कराना जिस पर फिलहाल एक क्लब का कब्जा है। लेकिन इस मामले में सरकार का रुख बिलकुल स्पष्टï है कि ठाकरे का मौजूदा अस्थायी स्मारक हटाया जाना चाहिए।
इस मुद्दे पर सेना का रुख मुखपत्र 'सामना' में स्पष्ट किया गया है, जिसमें पार्टी ने सलाह दी है कि उसके कार्यकर्ता उस चबूतरे को ध्वस्त कर देंगे जहां ठाकरे का अंतिम संस्कार किया गया था और उसे वहां से हटाकर कुछ फुट की दूरी पर नई जगह ले जाएंगे। उद्घव ने कहा, 'समाधी स्थल (स्मारक) पर शिव सेना का रुख हमेशा संयंम वाला रहा है।'
बहरहाल, मुख्यमंत्री ने कहा, 'बाल ठाकरे के अंतिम संस्कार के लिए शिवाजी पार्क इस आधार पर दिया गया था कि उसे यथास्थिति में लौटा दिया जाएगा। हम चाहते हैं कि शिव सेना शर्तों का अनुपालन करे और कानून के हिसाब से काम करे।' 
अधिकारियों ने आज वर्ष 1971 के युद्घ में पाकिस्तान को दी गई करारी सिकश्त की याद में विजय दिवस मनाने की तैयारी के लिए शिवाजी पार्क सेना को सौंप दिया। जब मुंबई उप क्षेत्र के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल राजेश बावा से मुकम्मल पार्क न उपलब्ध होने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'हमें जो जगह मुहैया कराई गई है, उससे हम खुश हैं। जब तक राजनीतिक समस्या का हल नहीं निकल जाता, तब तक हमें उसी से काम चलाना पड़ेगा जो उपलब्ध है।'