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जेठमलानी ने किया राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का दावा

निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति चुनाव के लिए शनिवार को अधिसूचना जारी कर दी। मतदान 19 जुलाई को होगा। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 30 जून है, जबकि उम्मीदवार चार जुलाई तक नाम वापस ले सकते हैं।
संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) ने शुक्रवार को प्रणब मुखर्जी को अपना राष्ट्रपति उम्मीदवार घोषित किया। कांग्रेस राष्ट्रपति पद के लिए मुखर्जी के नाम पर आमसहमति बनाने की कोशिश कर रही है। समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी ने प्रणब की उम्मीदवारी का समर्थन किया है।
वहीं भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कोर समूह ने अपने उम्मीदवार पर चर्चा के लिए शनिवार को बैठक की। बैठक के बाद भाजपा महासचिव अनंत कुमार ने बताया कि बैठक में यह फैसला लिया गया है कि रविवार को 11 बजे लालकृष्ण आडवाणी के घर पर बैठक के बाद ही अंतिम फैसला लिया जाएगा। कल होने वाली बैठक में एनडीए के घटक दल शामिल होंगे।
अनंत कुमार ने कहा कि रविवार को होने वाली एनडीए की बैठक के बाद ही राष्ट्रपति चुनाव को लेकर ऐलान किया जाएगा। वहीं भाजपा के वरिष्ठ नेता रामजेठमलानी ने भी राष्ट्रपति चुनाव लड़ने का दावा किया है। हालांकि जेठमलानी के संबंध में पूछे गए सवालों पर अनंत कुमार ने कोई जवाब नहीं दिया।भाजपा कल ही पूरी तरह अपने पत्ते खोलेगी।
दूसरी ओर यूपीए के उम्मीदवार प्रणब मुखर्जी को सपा और बसपा का स्पष्ट समर्थन मिलने के बाद उनका राष्ट्रपति बनना भले ही लगभग तय दिख रहा हो लेकिन तृणमूल अध्यक्ष ममता बनर्जी अपने रुख पर अड़ी हैं। ममता बनर्जी ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम की उम्मीदवारी के समर्थन में ऑनलाइन अभियान शुरु कर दिया है।
ममता बनर्जी ने सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट फेसबुक पर देशवासियों से कलाम की उम्मीदवारी का समर्थन करने की अपील की। हालांकि ममता बनर्जी के अभियान को कोई खास समर्थन नहीं मिल रहा है। ममता बनर्जी के पेज से अभी मात्र 1500 लोग ही जुड़े हैं और कलाम के समर्थन में की गई पोस्ट को कोई खास शेयर भी नहीं किया जा रहा है।
ममता को लेकर कांग्रेस के रुख में नरमी बनी हुई है। शुक्रवार शाम पत्रकारों से बातचीत में प्रणब मुखर्जी ने कहा था कि ममता उनकी छोटी बहन जैसी हैं और वो उनसे भी समर्थन मांगेगे। केंद्रीय कोयला मंत्रीय श्री प्रकाश जायसवाल ने भी ममता के प्रणब की उम्मीदवारी का समर्थन करने की उम्मीद जताई है।