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विद्या भारती की प्रधानाचार्य कार्यशाला में पंच आधारभूत विषयों को प्रभावी बनाने पर दिया गया जोर

विद्या भारती की प्रधानाचार्य कार्यशाला में पंच आधारभूत विषयों को प्रभावी बनाने पर दिया गया जोर

सीवान।  लोक शिक्षा समिति, बिहार के अंतर्गत उत्तर बिहार प्रांत में संचालित श्रेणी ‘सी’ एवं ‘डी’ के विद्या भारती विद्यालयों के प्रधानाचार्यों की दो दिवसीय प्रांतीय कार्यशाला सोमवार को महावीरी सरस्वती विद्या मंदिर, विजयहाता के परिसर में संपन्न हुई। समापन समारोह में लोक शिक्षा समिति, बिहार के प्रदेश सचिव रामलाल सिंह सहित प्रांत के सभी पूर्णकालिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
समापन समारोह की अध्यक्षता महावीरी बालिका विद्या मंदिर की अध्यक्ष डॉ. ममता सिंह ने की। वहीं विभाग निरीक्षक कृष्ण कुमार प्रसाद ने मंचासीन महानुभावों का परिचय कराया। इसके बाद सभी विभागों के निरीक्षकों ने क्रमशः अपने-अपने विभागों की गतिविधियों एवं कार्यों का वृत्त प्रस्तुत किया। प्रतापनगर विद्यालय के प्रधानाचार्य विनीत कुमार मिश्र के सुंदर एकल गीत के बाद मुख्य वक्ता प्रदेश सचिव रामलाल सिंह ने अपने संबोधन में प्रधानाचार्यों का मार्गदर्शन किया।
श्री सिंह ने विद्या भारती के पांच आधारभूत विषयों यथा शारीरिक शिक्षा, योग शिक्षा, संगीत शिक्षा, संस्कृत शिक्षा तथा नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा की महत्ता पर विस्तार से चर्चा की।
उन्होंने कहा कि इन विषयों के माध्यम से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास करते हुए उन्हें संस्कारवान, अनुशासित, आत्मविश्वासी और जिम्मेदार नागरिक बनाना विद्या भारती का प्रमुख उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि प्रधानाचार्य विद्यालय की समस्त गतिविधियों के केंद्र में होते हैं। इसलिए उन्हें शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ नेतृत्व, समय प्रबंधन, अभिभावक संपर्क तथा समाज के साथ जीवंत संबंधों को मजबूत करना चाहिए। भारतीय जीवन-मूल्यों, संस्कृति, परंपरा और राष्ट्रबोध को विद्यार्थियों के व्यवहार में उतारने का भी उन्होंने आह्वान किया।
समापन समारोह की अध्यक्षता कर रहीं डॉ. ममता सिंह ने कहा कि शिक्षा जहां हमें विद्वान बनाती है,वहीं सामाजिक जीवन को अनुशासित और संघर्षशील बनाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल ज्ञान अर्जित करना नहीं, बल्कि जीवन को संस्कार, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व से जोड़ना भी है।
समारोह का मंच संचालन विभाग निरीक्षक रमेश चंद्र शुक्ल ने किया, जबकि आभार ज्ञापन सिवान विभाग के निरीक्षक अनिल कुमार राम ने किया। उन्होंने बताया कि कार्यशाला में श्रेणी ‘सी’ एवं ‘डी’ के 100 से अधिक प्रधानाचार्यों की सहभागिता रही। सभी आठ विभागों के पूर्णकालिक कार्यकर्ताओं, विभिन्न समितियों के पदाधिकारियों तथा समाज के गणमान्य लोगों की भी सराहनीय उपस्थिति रही।
स्थानीय विद्यालय महावीरी विजयहाता के प्राचार्य डॉ. कुमार विजय रंजन, प्रभारी प्राचार्य डॉ. आशुतोष कुमार, सभी आचार्य बंधु-भगिनी एवं कर्मचारियों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय सहभागिता निभाई। इस अवसर पर विद्या भारती एवं सिवान महावीरी विद्यालय परिवार से जुड़े दर्जनों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।