भगवान कभी किसी का बुरा नहीं करते, दोष देखना है तो खुद में देखें - हीरामणि
नव-बिहार समाचार, नवगछिया। जीवन में हमारा कर्म और हमारा पुण्य ही काम आता है। हमें जितना हो भगवान का नाम लेना चाहिए और अधिक से अधिक दान-पुण्य करना चाहिए। कलयुग में हम सिर्फ भगवान राम का नाम लेकर ही भव सागर तर सकते हैं । इसलिए राम का नाम लीजिए। राम का नाम ही हमें पार लगा सकता है। अपने क्षमता के अनुसार दान अवश्य करना चाहिए। हम किसी के गुण को नहीं देखते, उनके दोष को देखते हैं। हमें व्यक्ति का गुण देखना चाहिए और उनकी प्रशंसा करनी चाहिए। अगर दोष देखना है तो पहले खुद में देखे। भगवान कभी हमारा बुरा नहीं चाहते। जिसमें हमारा परम हित है भगवान वही करते हैं। जो केवल अपना दोष देखता है दूसरों का दोष नहीं देखता वो भगवान वृति है।
ये उपरोक्त बातें नवगछिया स्थित बड़ी घाट ठाकुरबाड़ी में आयोजित श्रीरामचरितमानस नवाह पारायण यज्ञ एवं श्री राम कथा की अमृत वर्षा के दौरान बनारस से आई मानस कोकिला हीरामणि देवी ने अपने संगीत एवं मधुरमय प्रवचन में कहा। जहां प्रवचन सुनने के लिए काफी संख्या में महिला और पुरुष तथा युवक मौजूद थे।मौके पर मेरे बांके बिहारी सांवरिया, मेरे कुंज बिहारी सांवरिया किस तरफ तेरा जलवा नहीं है, सीताराम सीताराम बोल रे मन बावरिया आदि भजनों पर श्रोता झूमते रहे। वहीं आयोजन की सफलता में धर्मप्रेमी दिनेश कुमार सर्राफ, बनवारी लाल पंसारी, प्रवीण कुमार भगत, शिव नारायण जायसवाल, विनीत खेमका, श्रवण केडिया, अशोक केडिया, जुगनू भगत, अनिल भगत, पवन चिरानिया इत्यादि प्रमुख लोग सक्रियता से लगे थे।