नवगछिया/ लखीसराय। बिहार के किउल-झाझा रेलखंड पर मंगलवार को प्रवासी मजदूरों ने दो श्रमिक स्पेशल ट्रेनों काे वैक्यूम कर रास्ते में ही रोक दिया और तकरीबन 150 मजदूर वहां उतर कर घर भाग निकले। एक ट्रेन चेन्नई से जबकि दूसरी ट्रेन बेंगलुरु से आ रही थी। अगर ट्रेन से भागे प्रवासियों में कोरोना पॉजिटिव हुए तो वे परिवार के साथ ही संपर्क में आए अन्य लोगों को भी संक्रमित कर सकते हैं। चेन्नई से हावड़ा होकर पटना जा रही ट्रेन को मंगलवार की सुबह मननपुर रेलवे स्टेशन के आउटर सिग्नल के पास वैक्यूम कर 100 से अधिक प्रवासी फरार हाे गए। ट्रेन में लखीसराय जिले के भी प्रवासी थे।
पटना से वापस घर आने में असुविधा एवं क्वारेंटाइन में भेजने के भय से प्रवासियों ने ट्रेन को वैक्यूम कर दिया और गांव की ओर चले गए। दोपहर में बेंगलुरु से पटना जा रही 6209 श्रमिक स्पेशल ट्रेन को जमुई-मननपुर स्टेशन के बीच बसुआचक हाल्ट के पास वैक्यूम कर 50 प्रवासी उतर गए। प्रवासी मजदूर रेलवे लाइन के रास्ते ही आगे निकल गए।
यही सिलसिला बरौनी-कटिहार रेल खंड में भी लगातार जारी है। जबकि इस रेलखंड में खगड़िया और नवगछिया स्टेशन पर अधिकांश ट्रेनों को रोका भी जाता है। इसके बावजूद जिन ट्रेनों का यहां ठहराव नहीं होता है, उन ट्रेनों की चैन पुलिंग कर रास्ते मे काफी संख्या में श्रमिक मजदूर उतर कर सीधे अपने घर को पैदल निकल जाते हैं। जिससे रास्ते मे पड़ने वाले गांवों में कोरोना का संक्रमण फैलने का डर बना हुआ है। यह स्थिति नवगछिया स्टेशन से आगे लगभग प्रतिदिन देखी जा रही है।
नवगछिया स्टेशन के आउटर सिग्नल के समीप अक्सर ट्रेन को रोक कर श्रमिक उतर रहे हैं। जो उतर कर सीधे नवगछिया बाजार में भी प्रवेश कर जाते हैं। जिससे नवगछिया बाजार कभी भी संक्रमित होने का खतरा बना हुआ है। जबकि इसकी जानकारी स्थानीय रेल प्रशासन को भी है। बावजूद इसके इसकी रोकथाम के लिए कोई ठोस उपाय नहीं किया जा रहा है।
