राजेश कानोडिया, नव-बिहार समाचार, नवगछिया (भागलपुर)। बिहार के भागलपुर जिला अंतर्गत पुलिस जिला नवगछिया सह नवगछिया अनुमंडल में भी महामारी कोरोना को लेकर जहां एक तरफ भारी डर का माहौल बना हुआ है। वहीं दूसरी तरफ गांव से लेकर शहर तक इसके प्रति लोगों में जागरूकता भी तेजी से बढ़ती जा रही है। सभी एक दूसरे को इससे बचने की तरह तरह की सलाह और जानकारियां भी दे रहे हैं।
कोरोना से बचाव को लेकर नवगछिया के बाजारों में भी मास्क की बिक्री चरम पर है। अब तो दो चार दुकानों में ही बचे मास्क मिल पा रहे हैं। जहां तक रही सेनेटाइजर की बात तो किसी भी दुकान में मिल नहीं रहा है। जिसकी जगह वैकल्पिक व्यवस्था से काम चलाया जा रहा है।
इधर कोरोना को लेकर नवगछिया रेल प्रशासन भी काफी सतर्क है। जहां स्टेशन परिसर की सफाई से लेकर यात्रियों के बैठने की सीटों तक को सेनेटाइजर से सफाई कराई जा रही है। जिसमें नवगछिया की अग्रणी सामाजिक संस्था क्लीन नवगछिया ग्रीन नवगछिया भी भरपूर सहयोग कर रही है। ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से लगातार कोरोना वायरस से बचाव की जानकारी प्रसारित की जा रही है।
इधर कोरोना वायरस के संभावित खतरे को देखते हुए पुलिस जिला नवगछिया के बिहार पुलिस मेंस एसोसिएशन ने 17 मार्च मंगलवार को नवगछिया एसपी निधि रानी से मिलकर पुलिस कर्मियों के लिए मास्क, हेंड वाश और सेनेटाइजर उपलब्ध कराने की मांग का आवेदन दिया है। जिसमें कहा गया है कि पुलिस कर्मियों को भीड़ वाले इलाके में भी ड्यूटी करनी पड़ती है।
उधर कोरोना वायरस से बचाव को लेकर गांवों में भी जागरूकता देखी जा रही है। जहां गोपालपुर प्रखंड अंतर्गत एक गांव में दिल्ली से लौटे व्यक्ति को ग्रामीणों ने जबरदस्त दबाव बनाकर मुखिया और पुलिस के सहयोग से भागलपुर स्थित मायागंज अस्पताल भेजवा दिया। जहां डॉक्टरों ने उसे सामान्य घोषित किया। फिर भी ग्रामीणों के दबाव के कारण उसे वार्ड में भर्ती करना पड़ा है। जिसका सेंपल जांच के लिए पटना स्थित लैब भेजा जाएगा। जबकि भागलपुर के कोरोना नोडल पदाधिकारी डॉ हेमशंकर शर्मा ने बताया है कि इसे ग्रामीणों के दबाव से पहुंचाया गया है, लेकिन इसमें कोरोना के लक्षण नहीं दिखाई दे रहे हैं।