इंचियोन। 17वें एशियाई खेलों के दूसरे दिन रविवार को भारतीय महिला बैडमिंटन टीम सेमीफाइनल मुकाबले में मेजबान दक्षिण कोरिया से 1-3 से हार गई। सेमीफाइनल में हारने के बावजूद भारतीय महिला टीम ने एशियाई खेलों में 32 साल बाद कांस्य जीतने की उपलब्धि दोहराई। एशियाई खेलों की बैडमिंटन स्पर्धा में भारत का यह कुल आठवां पदक रहा।
महिला वर्ग के टीम स्पर्धा में भारत ने इससे पहले 1982 में अपनी ही मेजबानी में कांस्य पदक जीता था। भारत इससे पहले तेहरान एशियाई खेलों-1974 में एक पदक, 1982 में अपनी ही मेजबानी में पांच पदक और सियोल एशियाई खेलों-1986 में बैडमिंटन स्पर्धा में एक पदक हासिल किया था।
कोरिया के खिलाफ पहले सिंगल्स में सायना नेहवाल ने भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। सायना ने तीन गेम तक चले इस मुकाबले में संग जियोन को 21-12, 10-21 और 21-9 से जीत हासिल की। लेकिन दूसरे सिंगल्स में पीवी सिंधु की चुनौती टूट गई। सिंधू 21-14, 18-21, 13-21 से मुकाबला हार गई।
वूमेंस डबल्स टीम की हार के बाद कोरिया ने 2-1 की बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद तीसरे मैच में भारत की चंद्रिका तुलसी को भी 21-12, 21-8 से हार का सामना करना पड़ा। 1982 के बाद ये पहला मौका है जब भारतीय महिला बैडमिंटन टीम को एशियन गेम्स में कोई पदक मिला है।
