बुधवार को रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे अंतरिम रेल बजट पेश करेंगे। यूपीए-2 सरकार के इस अंतिम रेल बजट में किसी बड़े ऐलान की उम्मीद कम ही है। लेकिन, रेल मंत्री के तौर पर मल्लिकार्जुन खड़गे के इस पहले रेल बजट में क्या घोषणाएं हो सकती हैं, आइए जानते हैं।
रेल मंत्री मल्लिकार्जुन खड़गे के सामने अंतरिम रेल बजट पेश करते हुए कई समस्याएं खड़ी हैं जिनमें सबसे बड़ी समस्या है रेलवे की बिगड़ती आर्थिक हालत। चुनावी माहौल के बीच रेल मंत्री पर ये दबाव भी होगा कि वो जनता को पंसद आने वाली घोषणाएं करें। हालांकि लेखानुदान की परंपरा उनको ऐसा करने से रोक सकती है।
माना जा रहा है कि इस बार कई प्रीमियम स्पेशल ट्रेनों का ऐलान हो सकता है। इन ट्रेनों का किराया हवाई यात्रा की तरह बदलता रहता है जिससे रेलवे के राजस्व में बढ़ोतरी की संभावना है। वहीं मुसाफिरों की मांग के मुताबिक इन ट्रेनों में सीटें भी मिल जाती हैं।
रेलवे ने इस तरह के कम-से-कम 20 प्रीमियम ट्रेनों की सूची तैयार कर ली है जिनमें से प्रमुख हैं मुंबई-अमृतसर, पुणे-हावड़ा, हावड़ा-मुंबई, पुणे-पटना, लखनऊ- मुंबई, पटना-बंगलुरू, मुंबई-चेन्नई, दिल्ली-मडगांव और मुंबई-जम्मूतवी। गौर करने वाली बात ये है कि क्रिसमस की छुट्टियों के दौरान दिल्ली-मुंबई के बीच चलाई गई प्रीमियम स्पेशल ट्रेन ने रेलवे को औसत से 37 फीसदी ज्यादा राजस्व दिया।
परंपरा और माली हालत को देखते हुए इतना तो तय है कि कोई बड़ी घोषणा होने की संभावना काफी कम है। हालांकि रेल मंत्री अपने राज्य के लिए कुछ योजनाओं का ऐलान करें तो हैरानी नहीं होगी। माना जा रहा है कि रेल मंत्री दक्षिण भारत में एक नया रेलमंडल बनाने की घोषणा कर सकते हैं।
इसके अलावा रेल टैरिफ अथॉरिटी, हाई स्पीड ट्रेन, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर, कोहरे और हादसों से निपटने की नई तकनीक और रेलवे में खान-पान से जुड़े कुछ ऐलान भी अंतरिम रेल बजट में हो सकते हैं। चुनावों के बाद नई सरकार को पूरे साल का विस्तृत बजट पेश करना होगा, ऐसे में मल्लिकार्जुन खड़गे के पास विकल्प काफी कम हैं। इसी दिक्कत से निपटने के लिए कुछ दिन पहले ही रेल मंत्री ने रेल बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष विवेक सहाय को अपना सलाहकार बनाया है।
